दोहरी सुविधाओं पर सुनवाई,हाको ने मांगी कनवर्टिड लोगों की सूची,पार्टी बनाने को कहा
कनवर्जन बाद भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पर हाईकोर्ट कठोर, जानिए क्या हुआ?
हिंदू धर्म छोड़ ईसाई धर्म अपनाने और सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ लेने के मामले पर हाईकोर्ट कठोर, हाईकोर्ट ने दिए कनवर्टिड सभी लोगों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश
नैनीताल 19 मई 2026 : हिंदू धर्म के कई लोगों की ओर से ईसाई धर्म अपनाने और सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ लेने के मामले पर दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायधीश न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा है कि ऐसे कितने लोग हैं? जो कनवर्जन (मतांतरण) करके भी एससीएसटी को निर्धारित सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहें हैं, उनको तीन हफ्ते में पक्षकार बनाएं. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई को तीन हफ्ते बाद की तारीख नियत की है.
ये है पूरा मामला
पिथौरागढ़ निवासी दर्शन लाल ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है. जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके यहां कई लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई पंथ अपना लिया है.इन्हे पहले से कई सरकारी योजनाओं का लाभ और आरक्षण मिल रहा था.अब हिंदुत्व छोडने पर भी उसका लाभ ले रहे हैं.जिससे अन्य बचे एससीएसटी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है.
ये लोग पंथ परिवर्तन करके लोग ईसाईयों के दिये लाभ भी ले रहे हैं और एससी एसटी सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ भी ले रहे हैं. इसलिए इन्हें दो-दो जगह का लाभ न दिया जाए. आज तक पिथौरागढ़ में जिन लोगों ने धर्म बदला,उसकी लिस्ट चर्च से याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत की. इस पर कोर्ट ने ऐसे ही अन्य लोगों को भी जोड कर पूरी लिस्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है. जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस पर रोक लगाई जाए.
उधम सिंह नगर में धर्मांतरण मामले में प्रशासन की कड़ी चेतावनी: उधम सिंह नगर में लगातार सामने आ रहे कनवर्जन मामलों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है. जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और पुलिस अधिकारियों के साथ कनवर्जन, अवैध धार्मिक संरचनाओं एवं अतिक्रमण पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रशासन ने स्पष्टतौर पर कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा.
उधम सिंह नगर में धर्मांतरण मामले में प्रशासन की कड़ी चेतावनी (फोटो सोर्स- Administration)
दरअसल, उधम सिंह नगर जिले में हाल के दिनों में लगातार सामने आ रहे धर्मांतरण के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने कठोर रुख अपना लिया है. बीते दिनों जिले में कनवर्जन से जुड़े मामलों में कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बाद अब प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई दोनों और तेज करने का निर्णय लिया है.
इसी कड़ी में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को बात कर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए. इस दौरान कनवर्जन, अवैध धार्मिक गतिविधियों, अतिक्रमण समेत कानून व्यवस्था से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.
“जिले में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखी जाए. किसी भी प्रकार के अवैध धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. धर्मांतरण कराने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.”-नितिन सिंह भदौरिया, जिलाधिकारी, उधम सिंह नगर
जिलाधिकारी भदौरिया ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018 का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि कनवर्जन से संबंधित जो भी शिकायतें मिलें, उन पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जाए. कनवर्जन गतिविधियों में प्रयोग किए जाने वाले संभावित स्थलों, भवनों और प्रार्थना स्थलों की नियमित निगरानी की जाए. साथ ही उनकी वैधानिक स्थिति की भी जांच की जाए.
उधम सिंह नगर में कनवर्जन पर कठोरता (फोटो सोर्स- Administration)
यदि कहीं भी अवैध गतिविधियां संचालित होती पाई जाएं, तो संबंधित अधिकारियों से तत्काल नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए. उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कनवर्जन करने वाले लोगों को एससी-एसटी वर्ग के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा. जिलाधिकारी भदौरिया ने अधिकारियों को ऐसे लोगों को चिन्हित कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए.
“जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि पर बनी अवैध धार्मिक संरचनाओं के खिलाफ भी निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. नियमों के विपरीत निर्मित किसी भी धार्मिक ढांचे को चिह्नित कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इसके अलावा अधिकारियों को भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण, राजकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए. खंड विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध धार्मिक संरचनाओं की पहचान कर प्रशासन को अवगत कराने को कहा गया है.”- पंकज उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी
TAGGED:
RELIGIOUS CHANGE UDHAM SINGH NAGAR
HINDUISM TO CHRISTIANITY CHAMPAWAT
पिथौरागढ़ हिंदू से ईसाई धर्म
उधम सिंह नगर धर्म परिवर्तन
NAINITAL HIGH COURT ON CONVERSION
