विष दे मार डाला बाघ परिवार,आलम वनगूजर बंदी,तीन फरार
हरिद्वार में वन गुर्जरों ने मार डाले राष्ट्रीय पशु! एक ही दिन में दो बाघों की मौत से हड़कंप
हरिद्वार में बाघ-बाघिन का शव मिला,एक ही दिन दो बाघों की हत्या से वन विभाग में हड़कंप,वन गुर्जर पकड़ा
हरिद्वार 19 मई 2026 : वन विभाग हरिद्वार की श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट के जंगल में दो बाघों के शव मिलने से हड़कंप मचा है. कल दो वर्षीय नर बाघ का शव मिला था, तो वहीं आज उसी के 150 मीटर दूर मादा बाघ का शव मिला. मृतक मादा बाघ भी दो वर्ष की है. दोनों बाघ बाघिन भाई-बहन थे.
बाघिन का शव एक गदेरे में पत्तों से छिपाया गया था. आरोपितों ने उसके भी पैर काटे हुए थे.वहीं,अब उनकी मां का खोज अभियान चल रहा है.मां से भी अनहोनी की आशंका है। दो बाघों के शिकार से हरिद्वार से लेकर देहरादून और दिल्ली तक हड़कंप मचा है.एक वन गुर्जर हरिद्वार वन विभाग टीम ने पकड़ा है. उसके तीन साथी भागे हुए हैं.
कल शाम मिला नर बाघ का शव,आज बाघिन भी मृत मिली: हरिद्वार वन विभाग टीम को कल 18 मई शाम को श्यामपुर रेंज अंतर्गत सजनपुर बीट, श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या 9 में खोज में जंगल में दो वर्षीय नर बाघ का शव मिला था. बाघ के चारों पैर कटे मिले थे.उसकी खाल और दांत सुरक्षित मिले.
वहां एक भैंस का शव भी मिला.प्रारंभिक जांच में पता चला कि भैंस के शव पर जहरीला पदार्थ छिड़का हुआ था.उसे बाघों के झुंड ने खा लिया ।वन विभाग को वन गुर्जरों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भेदिये से मिली थी.सूचना पर क्षेत्र में खोज अभियान चलाया गया था.
जांच में आया कि आरोपित रात के अंधेरे में बाघ की खाल उतारने और दांत निकालने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले वन विभाग को पता चल गया और एक वन गुर्जर दबोच लिया गया. वन विभाग टीम मामले की जांच में जुटी ही थी कि आज 19 मई को दिन में घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर बाघिन का शव मिलने से सनसनी मच गई.
कैसे हुआ बाघ का शिकार? वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार,दो दिन पहले बाघिन ने वन गुर्जरों की भैंस का शिकार किया था.वन गुर्जरों ने भैंस का शव ढूंढ लिया.वन गुर्जरों ने भैंस के शव पर जहर छिड़क दिया.जैसे ही बाघों ने भैंस का मांस खाया,वैसे ही उनकी मौत हो गई.तब आरोपितों ने बाघों के पैर काट दिए । उसे मार्केट में बेचने की तैयारी कर रहे थे.
आरोपित जंगल में ही बाघ का क्षत विक्षत शव छोड़कर घर आ गए. अगले दिन रात शव ठिकाने लगाने की योजना थी, लेकिन उससे पहले किसी ने भंडाफोड कर दिया. वन विभाग टीम ने जंगल से पहले कल एक नर शव ढूंढा और फिर आज उसकी बहन मादा बाघ का शव भी मिला. आरोपितों ने उसके भी पैर काट पत्तों से शव ढक दिया था.
राजाजी टाइगर रिजर्व के बफर जोन में लापरवाही: जहां जंगल में दो साल के दो बाघ-बाघिन का शिकार हुआ और जंगल से ही उनका शव मिला है, वो राजाजी टाइगर रिजर्व और हरिद्वार वन प्रभाग की सीमा के बीच है. विशेषत: बाघ और हाथियों की मूवमेंट वाले इस स्थान को अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है.
यहां कई बाघ विचरण करते हैं. ऐसे में एक साथ दो बाघों के शिकार के बाद यहां विभागीय लापरवाही सामने आई है. यदि यहां सघन गश्त होती तो, इतना बड़ी घटना से बचा जा सकता था. फिलहाल, बाघ की मौत के बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा है.
वन गुर्जरों को परमिट क्षमता से ज्यादा वन गुर्जरों का निवास : सबसे ज्यादा संवेदनशील श्यामपुर रेंज स्थित सिद्ध श्रोत और खारा क्षेत्र है. यहां पर कुछ सालों में गुर्जर या गुज्जर डेरे राजाजी की सीमा तक पहुंच गए हैं. वन गुर्जरों की संख्या के साथ ही इनकी भैंसों की संख्या भी बढ़ रही है.
पूर्व में शिकायत मिली है कि वन्यकर्मियों की लापरवाही से अक्सर वन गुर्जर भैंस चराने को रिजर्व फॉरेस्ट तक में घुस जाते हैं और इसी आड़ में वन संपदा क्षति करते हैं. वन प्रभाग की लापरवाही के चलते ये वन गुर्जर कभी भी राजाजी टाइगर रिजर्व की सीमा में किसी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं.
मृतक बाघ की मां के साथ रहने की संभावना: जंगल में जिन दो वर्षीय दो बाघों के शव मिले है, संभावना है कि वो अपनी मां के साथ रह रहे थे. क्योंकि, दो से तीन साल तक बाघों के बच्चे मां के साथ ही जंगल में रह मां से शिकार करना सीखते हैं.
आशंका है कि बच्चों के साथ मां ने भी जहरीला मांस खाया होगा. वन विभाग की टीम के साथ ही राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन मां की तलाश में जुटे हैं. यदि मां मिल गई तो ठीक है, वरना मृतक बाघों की मां के साथ भी किसी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता.
हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों को जहर देकर मार दिया गया, जिनके पंजे गायब मिले। इस मामले में एक वन गुर्जर को गिरफ्तार किया गया है और वन्यजीव अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह पर संदेह है।
वन विभाग, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण एजेंसियों में हड़कंप है।
श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट स्थित कंपार्टमेंट संख्या-9 में वन विभाग की सर्च टीम ने करीब दो वर्ष के एक बाघ का शव बरामद किया। बाघ के चारों पंजे कटे और गायब थे। जबकि उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए।
घटनास्थल से एक मृत भैंस और उसके बच्चे (पड़िया) का शव भी मिला। बताया गया कि इन पशुओं का शिकार कुछ दिन पूर्व बाघों ने किया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भैंस व पड़िया के शव में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया, जिसे खाने के बाद बाघ की मौत हो गई।वन विभाग की टीम ने सोमवार रात को वन गुर्जर आलम उर्फ फम्मी निवासी श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या-3 को गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक जांच में जिस सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिए जाने के संकेत मिले हैं, उससे लग रहा है कि इस घटना को वन्यजीव अंगों की तस्करी में सक्रिय संगठित शिकारी गिरोह ने अंजाम दिया है।
मामले में एक आरोपित वन गुर्जर को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन फरार हैं। इस घटना से वन विभाग, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और वन्यजीव अपराध नियंत्रण एजेंसियों में हड़कंप है।
श्यामपुर रेंज के सजनपुर बीट स्थित कंपार्टमेंट संख्या-9 में वन विभाग की सर्च टीम ने करीब दो वर्ष के एक बाघ का शव बरामद किया। बाघ के चारों पंजे कटे और गायब थे। जबकि उसकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए।
घटनास्थल से एक मृत भैंस और उसके बच्चे (पड़िया) का शव भी मिला। बताया गया कि इन पशुओं का शिकार कुछ दिन पूर्व बाघों ने किया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भैंस व पड़िया के शव में विषाक्त पदार्थ मिलाया गया, जिसे खाने के बाद बाघ की मौत हो गई।
वन विभाग की टीम ने सोमवार रात को वन गुर्जर आलम उर्फ फम्मी निवासी श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या-3 को गिरफ्तार किया।
मंगलवार को न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में 17 मई को जहर मिलाने की बात सामने आई है। वहीं, आमिर हमजा उर्फ मियां निवासी श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या-3, आशिक और जुप्पी निवासी श्यामपुर कंपार्टमेंट संख्या-9 फरार हैं।
बता दें कि हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर, चिड़ियापुर व रसियाबड़ रेंज के जंगलों में दस हजार से अधिक गुर्जर रह रहे हैं। वन गुर्जरों पर पहले भी वन्यजीवों का शिकार करने और वन्यजीव अंगों की तस्करी के आरोप लगे हुए हैं।
एक वन गुर्जर पकड़ा, तीन भागे: 18 मई को नर बाघ का शव मिलने पर वन विभाग की टीम ने एक आरोपित पकड़ लिया था. उसकी पहचान आलम उर्फ फम्मी (पुत्र शमशेर, निवासी गुर्जर डेरा, श्यामपुर) कंपार्टमेंट संख्या 9 है. जबकि, उसके तीन साथी आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी भागे हुए हैं.अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही गायब आरोपितों को पकड़ लिया जाएगा.


उत्तराखंड में बाघों पर मंडरा रहा खतरा
उत्तराखंड में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व समेत अन्य वन क्षेत्रों में करीब 560 बाघ हैं. लेकिन शिकारियों से खतरा लगातार बना हुआ है. 2012 से 2025 तक राज्य में 139 बाघों की मौत हुई है. इनमें 59 प्राकृतिक मौत, 22 शिकार के कारण, 11 आपसी संघर्ष से और 12 अन्य कारणों से हुई हैं. 35 मामलों की जांच अभी चल रही है.
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