मनी लॉन्ड्रिंग में आजम खान को सुको से राहत नही,हाको भेजा
मनी लॉन्ड्रिंग केस में आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से आजम खान की याचिका पर 16 नवंबर को ही अंतरिम आदेश जारी करने को कहा.
Azam Khan did not get relief from the Supreme Court in the new ED case.
आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से ईडी के नए केस में नहीं मिली राहत. (IANS)
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की उस अर्जी पर सुनवाई करने से मना कर दिया, जिसमें उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज एक नए मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत मांगी थी.
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने की. पीठ ने खान की याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दी और चीफ जस्टिस से कहा कि मामले की सुनवाई 16 नवंबर को डिवीजन पीठ के सामने रखी जाए. पीठ ने हाई कोर्ट से खान की याचिका पर 16 नवंबर को ही अंतरिम आदेश पारित करने को भी कहा.
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट हर मुमकिन स्टेज पर खान की मदद के लिए आगे आ रहा है और हमारी बस यही चिंता है कि हम हाई कोर्ट का हौसला नहीं तोड़ना चाहते. खान की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके क्लाइंट के बारे में एक हिस्ट्री है: 2006 में हुई घटनाओं के बारे में 2019 में उनके खिलाफ 26 एफआईआर दर्ज की गईं, और उन्होंने उन सभी 26 एफआईआर में जमानत हासिल की.
सिब्बल ने कहा कि उन्हें 2023 से 2025 तक जेल में रखा गया क्योंकि वे इस बात पर जोर दे रहे थे कि उनके मुवक्किल को चुनाव से पहले जेल में ही रहना चाहिए. सिब्बल ने कहा, “मेरे खिलाफ 87 एफआईआर थीं. मुझे सभी 87 में बेल मिल गई है. लेकिन एक 88वीं एफआईआर थी, मामला इस कोर्ट के तीन जजों के पास गया और उन्होंने आर्टिकल 142 के तहत जमानत दे दी…”
उन्होंने कहा कि राज्य ने इसे नहीं रोका और उनके क्लाइंट के खिलाफ तीन नई कार्रवाई शुरू की : उनके बर्थ सर्टिफिकेट में जालसाजी, उस जाली पैन कार्ड का इस्तेमाल, और उस जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल. सिब्बल ने कहा कि उनका मुवक्किल 5 साल से जेल में था और उन्होंने ईडी की कार्रवाई में गलत इरादे का आरोप लगाया और कहा कि जब उन्हें रिहा किया जाना था, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
सिब्बल ने कहा, “उन्होंने 2019 की ईसीआईआर फाइल की…जैसे ही मैं रिहा हुआ, उन्होंने मुझे उस ईसीआईआर और 28 और मामलों में गिरफ्तार कर लिया. इसलिए, मैं जेल में मरूंगा. मैं अपनी रक्षा करूंगा और हर चीज के लिए लड़ूंगा लेकिन मुझे जमानत चाहिए…मैं 80 साल का हूं…”
सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट जमानत दे रहा है और आदेश पास कर रहा है, और जैसा कि सिब्बल ने बताया, इसमें सालों नहीं लगेंगे.
सिब्बल ने जोर देकर कहा, “28 ईसीआईआर हैं. यह पूरी तरह से ज़ुल्म है…2006 की घटना में कोई 2019 में एफआईआर कैसे दर्ज करा सकता है, जब मैं सत्ता से बाहर हूं.” पीठ ने कहा कि उनकी दलीलों में कुछ दम हो सकता है लेकिन कोर्ट कुछ कहना नहीं चाहता.
सीजेआई ने कहा, “हम इसी याचिका को हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर देंगे…16 नवंबर को मामले की सुनवाई होनी चाहिए…हम उसी दिन हाई कोर्ट से अनुरोध करेंगे कि अंतरिम राहत के लिए आपकी अर्जी पर भी विचार किया जाए.”
सिब्बल ने पीठ से आग्रह किया कि वह हाई कोर्ट को यह मामला डिवीजन पीठ के सामने रखने का निर्देश दे. ईडी ने खान को 31 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था. इसके कुछ ही समय बाद खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को कथित डुअल पैन कार्ड केस में रामपुर जेल से बेल पर रिहा कर दिया गया था.
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