ये पत्रकारिता है?
पत्रकारिता के नाम पर कलंक और Attention Seeker विदेशी पत्रकारों का असली चेहरा देखना है? तो यह वीडियो पूरा देखिए
नॉर्वे में बैठी इस तथाकथित पत्रकार Helle Lyng का एजेंडा बिल्कुल साफ था भारत के खिलाफ जहर उगलना और हंगामा खड़ा करना पहले तो पूरे एटीट्यूड में आकर उसने सवाल दागा कि ‘हम भारत पर भरोसा क्यों करें?’
लेकिन जैसे ही हमारे भारतीय राजनयिक एम्बेसडर सिबी जॉर्ज ने मोर्चा संभाला और करारा जवाब देना शुरू किया, इस एजेंडाबाज़ की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई!जब सच बर्दाश्त नहीं हुआ, तो यह बीच-बीच में टोकने लगी। तब हमारे एम्बेसडर साहब ने इसे इसकी औकात याद दिलाते हुए दहाड़ लगाई: This is my press conference. Don’t interrupt me. You asked me a question. Now please listen नॉर्वे में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस मे इस महिला पत्रकार ने ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसका जवाब उन्हें काफी लंबा मिला.
हालांकि, वो विदेशी पत्रकार ने कई बार मंत्रालय के सचिव को टोकने की भी कोशिश की लेकिन उससे हमारे सचिव को कोई खास अंतर नहीं पड़ा.
पत्रकार ने अंग्रेजी में पूछा था कि… “हम आप पर भरोसा क्यों करें ?
इसके बाद जवाब देने की बारी विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज पर आई.
बड़ी ही गंभीरता से उन्होंने भारत के बारे में जो समझाया उसे अब पूरी दुनिया गौर से सुन रही है.
पहले तो यह जान लीजिए कि सिबी जॉर्ज 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं और केरल के कोट्टयम जिले के रहने वाले सिबी ईसाई हैं.
वे वेटिकन सिटी में भी भारत के राजदूत रह चुके हैं.
उन्होंने, पहले सवाल नोट किया… फिर जवाब देना शुरू किया.
जब उन्होंने जबाब देना शुरू किया तो पहले एक बार पूरा सवाल पढ़ा और बोले- ओके. उसी समय पत्रकार ने कुछ कहना चाहा तो सिबी ने विनम्रता से कहा कि आपने कुछ पूछा है, तो मुझे उसका जवाब देने दीजिए… यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है.
इसके बाद सिबी ने कहा कि आप किसी देश पर ट्रस्ट कैसे करोगे ?
सबसे पहले यह समझना होगा कि देश क्या है ?
आज के समय में देश का मतलब उसके पास आबादी, सरकार, संप्रभुता, टेरिटोरियल टेरिटरी होगी.
और, हमें गर्व है कि हमारी सभ्यता 5,000 साल से भी ज्यादा पुरानी है तथा वो लगातार चली आ रही है.
उन्होंने आगे कहा कि आप दुनिया में चारों तरफ देखिए…
आपको हर जगह ‘इंडिया कनेक्ट’ दिखाई देगा.
फोन पर आप जो नंबर देखते हैं… उसकी उत्पत्ति भारत में हुई.
शून्य भारत ने दिया.
चेस भारत में जन्मा.
योग भारत की देन है.
(बीच में पत्रकार ने फिर टोका, तो सिबी ने अपने तरीके से उन्हें समझाया कि बीच में खलल मत डालिए) अपनी बात बढ़ाते हुए सिबी ने कहा कि कोविड का दौर आया, तो भारत ने क्या किया?
हम छिपकर नहीं बैठे बल्कि हम आगे आए और दुनिया की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया.
इससे दुनिया में भरोसा पैदा हुआ.
पूरी दुनिया ने इसे सराहा.
हमने 150 से ज्यादा देशों को वैक्सीन और दवाइयां दीं.
सिबी ने आगे कहा कि इससे दुनिया में भारत को लेकर भरोसा पैदा हुआ.
हमने जी-20 समिट का आयोजन किया.
यूक्रेन-रूस संघर्ष के बीच पूरी दुनिया बंटी हुई थी.
जी20 – 2023 से पहले संयुक्त घोषणापत्र नहीं आ सका था लेकिन भारत के प्रयास से मतभेद के बावजूद पूरी दुनिया एकसाथ आई और ‘दिल्ली डिक्लरेशन’ जारी हो सका.
इससे दुनिया का भरोसा भारत को लेकर बढ़ा. (पत्रकार ने फिर टोका)
इसके बाद आगे मानवाधिकार पर समझाते हुए सिबी ने कहा कि.. आपने मानवाधिकार की बात की है.
मैं उनके सवाल का जवाब देता हूं.
भारत के पास अपना संविधान है. यह दुनिया की सबसे बड़ा लोकतंत्र है. भारत में चुनाव हुए, तो 1 अरब लोगों ने इसमें हिस्सा लिया. लोकतंत्र का उत्सव मनाया गया. दुनिया के कुछ देशों की तरह भारत में शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता हस्तांतरण होता है. हमारे पास एक संविधान है, जो सभी नागरिकों को फंडामेंटल राइट्स की गारंटी देता है.
यह भारत की खूबसूरती है कि भारत के हर व्यक्ति को संविधान से अधिकार मिला हुआ है. हमारे पास एक इंडिपेंडेंट ज्यूडिशियरी है.
अगर किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है, तो वह कोर्ट जा सकता है.
हाल ही में ऐसे ही एक सवाल के जवाब में सिबी ने कहा था कि भारत का उन लोगों को शरण देने का लंबा इतिहास रहा है कि जिन्हें दूसरी जगहों पर सताया गया. यहूदियों को यहां कभी ज़ुल्म का सामना नहीं करना पड़ा. हमारे यहां 30 मिलियन क्रिश्चियन हैं. इस्लाम यहाँ फला-फूला. यहाँ तक कि जब भी दुनिया के किसी देश में वहाँ के अल्पसंख्यकों पर हमला हुआ तो वे हमेशा यहां पनाह लेने आए हैं.
हमारी माइनॉरिटी आबादी आजादी के समय लगभग 11% से बढ़कर 100 मिलियन से ज्यादा हो गई है और आज 20% हो गई है. महिलाओं को बराबर अधिकार हैं. भारत में 200 से ज्यादा चैनल हैं… जहां ब्रेकिंग न्यूज चलती रहती है.
इस पूरे जबाब में खास बात ये रही कि एक बार भी भारत सरकार ने मुगल अथवा लालकिला-ताजमहल आदि का जिक्र नहीं किया बल्कि इशारों-इशारों में दुनिया को ये बता दिया कि भारत इतना सहिष्णु यहाँ की बहुसंख्य आबादी हिंदुओं की सहिष्णुता के कारण है. जिसके बाद उस पत्रकार के पास बोलने के लिये कुछ नहीं था और वो शान्त हो गई. नतीजा? जब इसका ड्रामा और प्रोपेगैंडा पूरी तरह फेल हो गया, तो यह अनप्रोफेशनल महिला बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस से उठकर भाग खड़ी हुई
असल में इंटरनेशनल फोरम में ये सब एक एजेंडा होता है जो किसी देश को बदनाम करने के लिए फैलाया जाता है जिसका हमारे सचिव ने मुंहतोड़ जबाब दिया. साफ बात है यह पत्रकारिता नहीं, बल्कि भारतीय विपक्ष और भारत विरोधी टूलकिट से सुपारी लेकर चलाया गया एक फ्लॉप शो था। लेकिन यह नया भारत है, यहाँ घर में घुसकर भी जवाब दिया जाता है और विदेशी धरती पर भी भारत का अपमान करने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिलता है…..
