कॉकरोच जनता पार्टी मीम आंदोलन क्या गंभीरता से लेने लायक है?
i dont want anything to happen to my family cockroach janta party founder abhijeet dipke breaks silence on threats
‘नहीं चाहता मेरे परिवार को कुछ हो…’, कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दिपके धमकियों पर चिंतित
दिपके ने कहा कि उनके परिवार को उनके फैसलों के परिणाम नहीं भुगतने चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी के भी परिवार को सिर्फ अपनी राय व्यक्त करने को इस तरह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।”
नई दिल्ली May 22, 2026
अभिजीत दिपके। (इमेज सोर्स- X@abhijeet_dipke)
एक सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ खासी चर्चा में है। इसके छह दिन बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और वे अपने घर पर अपने परिवार को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मेरे परिवार को कुछ हो क्योंकि यह मेरा फैसला है, उनका नहीं।”
दिपके अभी बोस्टन में हैं। यहां पर वह दो साल पहले जनसंपर्क का कोर्स करने आए थे। परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में है। उन्होंने कहा, कि “मुझे और मेरे परिवार को, जो भारत में है, लगातार धमकियां मिल रही हैं। मुझे एक वीडियो मिला है जिसमें एक व्यक्ति कह रहा है कि वे मेरे घर के बाहर पहुंच गए हैं और मुझे शाम तक इंतजार करना होगा कि आगे क्या होता है।”
सीजेआई की टिप्पणी के बाद बनाया सोशल मीडिया पेज
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के “व्यवस्था पर हमला करने वालों” पर टिप्पणी के जवाब में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ शुरु हुई। 15 मई को मुख्य न्यायाधीश ने एक वकील को फटकार लगाई। उसने दिल्ली हाई कोर्ट को ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा देने के संबंध में निर्देश देने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी।
मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया कि क्या इस दर्जे का पीछा करना या इसको जोर लगाना उचित लगता है? उन्होंने कहा, कि “समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और क्या आप उनके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं? कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जिन्हें न तो कोई रोजगार मिलता है और न ही इस पेशे में कोई जगह। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं, कुछ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं, कुछ RTI या अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं और वे हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”
इन टिप्पणियों से काफी हंगामा मच गया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह से निराधार है कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है। उन्होंने कहा, कि “मैंने विशेषत: उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने नकली और फर्जी डिग्रियों से बार (कानूनी पेशे) जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित पेशों में भी घुसपैठ कर चुके हैं और इसलिए, वे परजीवियों जैसे हैं। यह कहना पूरी तरह से बेबुनियाद है कि मैंने हमारे देश के युवाओं की आलोचना की। मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है।”
दिपके ने मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कॉकरोच प्लेटफॉर्म की घोषणा की थी। इससे ऑनलाइन ट्रेंड शुरू हो गया। गुरुवार को भारत में कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया। यह कार्रवाई इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिली सूचनाओं के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के निर्देश पर हुई।
दिपके ने कहा कि उनके परिवार को उनके फैसलों के परिणाम नहीं भुगतने चाहिए। उन्होंने कहा, कि “किसी के भी परिवार को सिर्फ अपनी राय व्यक्त करने को इस तरह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।”
वीजा के सवाल पर क्या बोले दिपके
अपने वीजा की स्थिति और अमेरिका में कितने समय तक रह सकते हैं, का पूछे जाने पर दिपके ने कहा, “मेरे पास पूरा वीजा है। फिलहाल, मेरा वीजा मुझे जुलाई तक (अमेरिका में) रहने की अनुमति देता है। मुझे जुलाई तक कोई चिंता नहीं है, लेकिन मुझे कभी न कभी भारत लौटना ही होगा, लोग कहेंगे, ‘वह खुद अमेरिका में बैठे हैं। वह हमसे क्या करने को कह रहे हैं?’”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास कोई योजना है, तो उन्होंने जवाब दिया, “मैंने कोई योजना नहीं बनाई थी क्योंकि मुझे इस स्तर पर ऐसी घटना होने की उम्मीद नहीं थी। मैं संबंधित लोगों से बात करने की कोशिश कर रहा हूं ताकि मेरे पास और विकल्प हों।”
Gen Z मुझ पर बहुत दबाव डाल रहे- दिपके
दिपके ने कहा कि Gen Z लोग “मुझ पर बहुत दबाव डाल रहे हैं, जैसे, ‘पीछे मत हटो, अब तुमने कुछ शुरू कर दिया है।” जब उनसे उनकी “पार्टी” से जुड़ी योजनाओं और इसे रजिस्टर कराने का पूछा गया, तो उन्होंने कहा: “मैंने इतना आगे तक नहीं सोचा था, यह तो एक व्यंग्य रूप में शुरू हुआ था। लेकिन देखते हैं लोग क्या कहते हैं; हम सुझाव लेंगें, देखते हैं इसका क्या नतीजा निकलता है। लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। यह मुख्य रूप से एक राजनीतिक मोर्चे की तरह काम करेगा, जो एक दबाव समूह का कार्य करेगा, फिलहाल मैंने यही सोचा है। आगे देखते हैं, जैसे-जैसे हम और लोगों से जुड़ेंगें।”
इससे पहले, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया था कि कॉकरोच जनता पार्टी के X हैंडल पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट हो रही थी। अधिकारी ने कहा, कि “विशेष रूप से चिंता इससे उत्पन्न हुई कि इस अकाउंट की सामग्री युवाओं में लोकप्रियता हो रही थी।”
दिपके ने इसका खंडन किया। उन्होंने कहा, कि “इसे नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में हुई घटनाओं (विद्रोहों) से तुलना करके बदनाम करने की कोशिशें हो रही हैं। मैं इसका खंडन करता हूं। हमने स्पष्ट किया है कि हम अत्यंत लोकतांत्रिक लोग हैं और असहमति व्यक्त करने को हम जो कुछ भी करेंगे, वह हमारे संविधान के अधिकार क्षेत्र में अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से होगा। भारतीय पीढ़ी की तुलना दूसरों से करने की कोशिश भी न करें क्योंकि यहां की पीढ़ी अधिक शिक्षित है, वास्तव में, वर्तमान में देश चलाने वालों से भी अधिक शिक्षित है। यह एक राजनीतिक युवा मोर्चा होगा।”
आम आदमी पार्टी के साथ कर चुके काम
अमेरिका जाने से पहले दिपके ने आम आदमी पार्टी (आप) के वॉलंटियर का काम किया था। दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के कार्यालय से जुड़े थे और कोविड-19 महामारी में आप नेता का कम्युनिकेशन संभालते थे।
आम आदमी पार्टी (AAP) के एक अंदरूनी सूत्र ने दिपके को महाराष्ट्र का अंबेडकरवादी दलित बताया, जो जातिगत हिंसा और तथाकथित उच्च जातियों के राजनीति और सरकारी संस्थानों में पद संभालने पर सवाल उठाते थे। आप के एक सूत्र ने कहा, “हममें से बहुत कम लोग उनसे व्यक्तिगत रूप से मिले, क्योंकि AAP के साथ अपने अधिकांश जुड़ाव में वे पुणे से ही काम करते थे, लेकिन पार्टी हलकों में वे एक ‘स्टार प्रचारक’ जाने जाते थे, जो पार्टी और उसके नेताओं, विशेष रूप से मनीष सिसोदिया के प्रति समर्पित थे,जिनके लिए वे आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया कम्युनिकेशन संभालते थे।”
कॉकरोच Vs ऑगी की लड़ाई
इंटरनेट पर इन दिनों दो वर्चुअल पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव छाया हुआ है। एक पार्टी जो वायरल हो रही है उसका नाम है कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जबकि दूसरी पार्टी ऑगी जनता पार्टी (OJP) है। कार्टून ‘ऑगी एंड द कॉकरोचेस’ से प्रेरित यह ऑनलाइन प्रतिद्वंद्विता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गई है और एक मीम आंदोलन बन गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी की चर्चा विदेशी मीडिया में भी, जानिए इसे वहाँ कैसे देखा जा रहा है?
सीजेपीइमेज स्रोत,CJP
एआई से तैयार की गई यह तस्वीर पैरोडी पार्टी के लोगो दिखाता है और यह उन कई मीम्स और छोटे वीडियो में शामिल है, जिन्हें सीजेपी ने बनाया है
भारत में राजनीतिक पार्टियों का जन्म सामान्य तौर पर आंदोलनों से होता है. लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जन्म 16 मई को सोशल मीडिया पर अचानक से हुआ था.
इसका जन्म कटाक्ष करने वाले ऑनलाइन प्रोजेक्ट के रूप में हुआ था.
दरअसल, 15 मई को भारत के सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था, “समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं. क्या आप भी उनके साथ जुड़ना चाहते हैं? कुछ युवा ऐसे हैं, जो रोज़गार नहीं मिलने और पेशे में जगह न बना पाने के कारण कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं.”
जस्टिस सूर्यकांत की इस टिप्पणी की बहुत आलोचना हुई. हालांकि इस आलोचना के बाद जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उनकी टिप्पणी को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है.
उन्होंने कहा, “मुझे यह देखकर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल (15 मई को) एक निरर्थक मामले की सुनवाई के दौरान की गई मेरी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया. मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्ज़ी और नकली डिग्रियों की मदद से बार (कानूनी पेशे) जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया है. ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य सम्मानित पेशों में भी घुस आए हैं, इसलिए वे परजीवियों की तरह हैं.”
लेकिन तब तक कॉकरोच भारत की राजनीतिक बहस में शामिल हो चुका था. 16 मई को 30 साल के अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक गूगल फॉर्म पोस्ट किया, जिसमें लोगों को कॉकरोच जनता पार्टी में रजिस्ट्रेशन के लिए आमंत्रित किया.
सीजेपी इमेज स्रोत,@Cockroachisback
इमेज कैप्शन,सीजेपी के एक्स अकाउंट को भारत में बैन करने के बाद कॉकरोच इज़ बैक नाम से अकाउंट बनाया गया है
कुछ ही घंटों में अभिजीत को 5,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन मिल गए और इंटरनेट पर शुरू हुआ एक मज़ाक धीरे-धीरे सार्वजनिक असंतोष, हास्य और राजनीतिक हताशा को अभिव्यक्त करने वाले एक अनौपचारिक संगठन में बदल गया.
अभिजीत इस समय अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं. उन्होंने अपनी पार्टी को लेकर कहा, ”कॉकरोच युवाओं की उस असहमति के भाव को व्यक्त करती है, जो माननीय मुख्य न्यायाधीश के उस बयान के ख़िलाफ़ है, जिसमें उन्होंने युवाओं को कॉकरोच और परजीवी कहा था. भारत जैसे लोकतंत्र में यह स्वीकार्य नहीं था, जहाँ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संरक्षक माना जाता है. उन्होंने आलोचना करने के कारण युवाओं को अपमानित किया.”
इंस्टा पर दुनिया की ‘सबसे बड़ी पार्टी’ बीजेपी पिछड़ी
देखते ही देखते भारत में सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर्स लाखों में हो गए. इंस्टाग्राम पर तो कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोवर्स दो करोड़ के क़रीब हो गए हैं जो सत्ताधारी बीजेपी के फॉलोवर्स से दोगुने हैं.
सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच पार्टी की चर्चा भारत में आम लोगों की बातचीत में भी शुरू हो गई है. यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इस पर अच्छी ख़ासी चर्चा हो रही है.
ब्रिटिश न्यूज़ वेबसाइट द गार्डियन ने 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी पर विस्तार से एक कहानी प्रकाशित की है.
गार्डियन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ”कॉकरोच जनता पार्टी को लाखों भारतीय युवा अपनी हताशा और ग़ुस्से को व्यक्त करने के माध्यम के रूप में अपना रहे हैं. कॉकरोच को चुनाव चिह्न बनाने वाली एक पैरोडी राजनीतिक पार्टी ने हास्यास्पद और व्यंग्यात्मक हास्य को विरोध के माध्यम में बदलते हुए भारतीय सोशल मीडिया पर विस्फोटक लोकप्रियता हासिल कर ली है.”
अभिजीत दीपके
”भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और राजनीतिक अव्यवस्था का मज़ाक उड़ाने वाले मीम्स और छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर भर गए हैं. लाखों यूज़र्स अब कॉकरोच, एक ऐसा कीड़ा जो कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने की क्षमता के लिए जाना जाता है, को संघर्ष और टिके रहने के प्रतीक के रूप में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में अपना रहे हैं. इस ऑनलाइन आंदोलन का विस्तार असाधारण रूप से रहा है.
द गर्डियन से सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा , “यह सब जानबूझकर नहीं हुआ. इसमें लोगों की दिलचस्पी युवाओं के भीतर बढ़ती हताशा को दर्शाती है. असल में युवा बहुत निराश हैं. उनके पास अपनी बात कहने का कोई माध्यम नहीं है. वे सरकार से बेहद नाराज़ हैं.”
गार्डियन ने लिखा है, ”दीपके पहले आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुके हैं. आम आदमी पार्टी 2012 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से उभरी थी. दीपके कहते हैं, हमें समझना होगा कि पाँच साल पहले तक कोई भी मोदी या सरकार के ख़िलाफ़ खुलकर बोलने को तैयार नहीं था लेकिन अब समय बदल रहा है.”
सीजेपी
हाल के वर्षों में भारत में बेरोज़गारी बढ़ी है
लोगों का समर्थन क्यों?
क़तर के प्रसारक अल जज़ीरा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ”सीजेपी के अभियान से जुड़ने वालों में कई बड़े राजनीतिक नाम भी शामिल हैं. इनमें पश्चिम बंगाल से टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद शामिल हैं. इसी साल केंद्र सरकार की सेवा से सेवानिवृत्त हुए नौकरशाह आशीष जोशी भी उन शुरुआती लोगों में थे, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इसके बारे में पढ़ने के बाद पार्टी में रजिस्ट्रेशन कराया.”
जोशी ने अल जज़ीरा से कहा, “पिछले एक दशक में देश में बहुत डर का माहौल रहा है. लोग खुलकर बोलने से डरते हैं. भारत इतना नफ़रत से भर गया है कि सीजेपी ताज़ी हवा के झोंके जैसी लगती है. युवाओं की तुलना कॉकरोच से करने का एक दूसरा पहलू भी है. कॉकरोच बेहद जुझारू जीव होते हैं. वे हर हाल में जीवित रहते हैं.”
अल जज़ीरा ने लिखा है, ”हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया जेन-ज़ी आंदोलनों का बड़ा केंद्र बना है. श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में युवा आंदोलनों ने सरकारों को गिरा दिया. दुनिया की सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश भारत भी कई समस्याओं से जूझ रहा है. हालांकि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन असमानता, बेरोज़गारी और महंगाई बढ़ी है. भारत हर साल 80 लाख से अधिक ग्रैजुएट तैयार करता है लेकिन उनमें बेरोज़गारी दर 29.1 प्रतिशत है.”
ब्रिटिश न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि महज़ पांच दिन पुराना एक समूह, जो जेन-ज़ी की चिंताओं को आवाज़ देता है, भारत में वायरल हो गया है.
रॉयटर्स ने लिखा है, ”यह इंस्टाग्राम पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से भी अधिक फॉलोअर्स हासिल कर चुका है. सीजेपी राजनीति, महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर हल्के व्यंग्य और हास्य के साथ चर्चा कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी जो ख़ुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताती है के इंस्टाग्राम पर 90 लाख से भी कम फॉलोअर्स हैं जबकि सीजेपी के क़रीब दो करोड़ फॉलोवर्स हो चुके हैं.”
रॉयटर्स ने लिखा है, ”सीजेपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर ग्राफिक्स और वीडियो पोस्ट किए जाते हैं, जिनमें मीडिया की स्वतंत्रता से लेकर संसद और मंत्रिमंडल की आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने जैसे मुद्दों तक पर चर्चा होती है. इसने हाल ही में नीट प्रवेश परीक्षा रद्द किए जाने के मुद्दे को भी उठाया, जिसका प्रश्न नपत्र लीक हो गया था और इससे लगभग 23 लाख छात्र प्रभावित हुए.”
सीजेपी इमेज स्रोत,@abhijeet_dipke
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके
युवाओं में बेचैनी
रॉयटर्स ने लिखा है, ”भारत के युवाओं के भीतर बेचैनी इस सप्ताह प्रकाशित डीलॉइट ग्लोबल सर्वे में भी दिखाई दी.सर्वे में कहा गया कि भारत की जेन-ज़ी आबादी यानी 1995 से 2007 के बीच जन्मे युवा रोज़गार की कमी और बढ़ती महंगाई से बुरी तरह प्रभावित हुई है. सर्वे के अनुसार, “जेन-ज़ी में वित्तीय तनाव ज़्यादा है. बड़ी संख्या में युवा घर ख़रीदने की मुश्किलों और आर्थिक असुरक्षा की बात कर रहे हैं.”
भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है और यहां दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भी रहती है. देश की 1.42 अरब आबादी में लगभग 65 प्रतिशत लोग 35 वर्ष से कम उम्र के हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोज़गारी दर 3.1 प्रतिशत थी. लेकिन 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग में यह दर कहीं अधिक, 9.9 प्रतिशत रही. इसमें शहरी क्षेत्रों में 13.6 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 8.3 प्रतिशत बेरोज़गारी दर्ज की गई.
यूएई की न्यूज़ वेबसाइट खलीज टाइम्स ने भी सीजेपी पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. खलीज टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ”हालांकि इस आंदोलन का नाम किसी राजनीतिक पार्टी जैसा है, लेकिन फ़िलहाल ऐसा नहीं लगता कि यह पार्टी चुनाव लड़ेगी. क्या भारत अगला नेपाल या बांग्लादेश बनेगा? सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने अकाउंट पर पिन की गई पोस्ट में इसका जवाब नहीं में दिया है.
उन्होंने लिखा, “मैं यह बिल्कुल साफ़ कर देना चाहता हूँ कि इस तरह की तुलना करके भारत की जेन-ज़ी का अपमान या उसे कमतर मत आंकिए. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारत के युवा बदलाव लाने के लिए असंवैधानिक रास्तों का सहारा नहीं लेंगे.
उन्होंने लिखा, “इस देश के युवा परिपक्व, जागरूक और राजनीतिक रूप से सचेत हैं. वे अपने संवैधानिक अधिकारों को समझते हैं और अपनी असहमति शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीक़ों से व्यक्त करेंगे.”
Cockroach Janta Party Created Website In One Hour Using Ai Tools Abhijeet Dipke Said In A Interview
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिखाया AI कितना ताकतवर, प्रॉम्प्ट देकर 1 घंटे में बना दी वेबसाइट
इंटरनेट पर तूफान मचाने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने AI को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है। मात्र 4 दिनों में इंस्टाग्राम पर 1 करोड़ फॉलोअर्स का रिकॉर्ड बना इस डिजिटल पार्टी ने बिना कोडिंग,सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट की मदद से मात्र 1 घंटे में अपनी पूरी आधिकारिक वेबसाइट और एआई एंथम तैयार कर टेक जगत को हैरान कर दिया है।
Abhijeet Dipke CJP Website: इंटरनेट पर इन दिनों चर्चा में कॉकरोच जनता पार्टी है। मुख्य न्यायाधीश के एक कथित बयान के विरोध में व्यंग रूप में शुरू हुई इस डिजिटल पार्टी ने राजनीति ने दिखा दिया है कि AI कितना ताकतवर है। मात्र 4 दिनों में इंस्टाग्राम पर 1 करोड़ से ज़्यादा फॉलोअर्स बटोर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। संकेत उपाध्याय के यूट्यूब चैनल डबल चेक में कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके के एक इंटरव्यू के अनुसार इस पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया है।
Cockroach Janta Party Website Made With AI
AI से बनाई कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट
अभिजीत दिपके के अनुसार उन्होंने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर बिना किसी कोडिंग के सिर्फ 1 घंटे में अपनी पूरी वेबसाइट और एआई एंथम तैयार कर लिया। युवाओं के इस अनूठे प्रयास और एआई की सुपरफास्ट स्पीड ने इंटरनेट पर एक नया इतिहास रच दिया है, जिसे समझना बेहद दिलचस्प है।
AI से खड़ी कर दी वेबसाइट
डबल चेक यूट्यूब चैनल पर अभिजीत दीपके के इंटरव्यू के अनुसार उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पूरी वेबसाइट बनाने में AI इस्तेमाल किया। दीपके के अनुसार, उनके दो दोस्तों ने वेबसाइट बनाने को AI से मदद ली, जिससे काम बहुत आसान और तेज हो गया।
उन्होंने बताया कि AI से ग्राफिक्स बनाने को उन्हें सिर्फ प्रॉम्प्ट डालना पड़ता है और वे 2 मिनट के भीतर तैयार हो जाते हैं। हैरानी यह कि अपनी पूरी वेबसाइट तैयार करने में उन्हें सिर्फ एक घंटा लगा। उन्होंने बताया कि AI के कारण उन्हे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पडती और चीजें काफी व्यवस्थित ढंग से हो पाती है।
वेबसाइट बनाने वाले पॉपुलर AI टूल्स
अभिजीत दिपके की कॉकरोच जनता पार्टी इस बात का सबूत है कि आज के समय वेबसाइट बनाने को महीनों की कोडिंग सीखने या डेवलपर पर निर्भरता नहीं है। आज कई ऐसे AI Website Builders और UI टूल्स हैं जो सिर्फ एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से पूरी-पूरी वेबसाइट बना देते हैं। मजे की बात है कि वेबसाइट को बनाने के लिए लिखे जाने वाले प्रॉम्प्ट्स भी AI से ही लिखवाए जा सकते हैं। Framer AI, Dora, Relume.io और v0.dev ऐसे AI टूल्स हैं जिनकी मदद से कोई भी चंद घंटों में वेबसाइट का पूरा लेआउट, यूआई डिजाइन, एनिमेशन और रिस्पॉन्सिव पेजेस तैयार कर देते हैं।
NBT Tech से बातचीत में इंजीनियरिंग मैनेजर, आशीष भट्ट ने बताया कि “आज के समय में AI से वेबसाइट बनाना आधे घंटे का काम है। उन्होनें बताया वेबसाइट बनाने से ज्यादा समय (लगभग 24 घंटे) डोमेन लेने और उसे एक्टिवेट होने में लग जाता है।”
AI से मिनटों में बनाएं ग्राफिक्स और पोस्टर्स
सोशल मीडिया पर किसी भी कैम्पेन को वायरल करने के लिए दमदार ग्राफिक्स और विजुअल्स की जरूरत पड़ती है। इसके लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने पारंपरिक डिजाइनरों के बजाय Generative AI का इस्तेमाल किया, जिससे उनके क्रिएटिव पोस्टर्स चंद मिनटों में तैयार हो गए।
ग्राफिक्स और पोस्टर्स बनाने को आज Midjourney, DALL-E 3 और Canva AI जैसे टूल्स मौजूद हैं। इन एडवांस AI टूल्स से अपनी पसंद के अनुसार ग्राफिक्स और पोस्टर्स बहुत आसानी से बनाए जा सकते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी भी सोशल मीडिया पर इन टूल्स से तीखे और मजेदार ग्राफिक्स तैयार कर रही है।
इन टूल्स से सोशल मीडिया पोस्ट के लेआउट और बैनर्स को तेजी से रीसाइज करने और उनमें मनचाहा एआई टेक्स्ट-टू-इमेज जोड़ सकते हैं। ध्यान देने की बात है कि CJP की वेबसाइट के साथ-साथ उनका एआई एंथम भी खूब चर्चा में है, जिसे कि Suno AI / Udio जैसे म्यूजिक एआई टूल्स की मदद से बिना किसी स्टूडियो के सिर्फ कुछ ही मिनटों में बना लिया गया।
