रांची संघ कार्यालय का हमलावर पुलिस मुठभेड में घायल

रांची RSS दफ्तर पर हमला करने वाला हिरासत से भागा, पुलिस की पिस्तौल छीनी, मुठभेड़ में लगी गोली

रांची में RSS ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंकने वाला आरोपी पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश में पुलिस की गोली से घायल हो गया. इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

झारखंड की राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर 16-17 जून की दरमियानी रात को पेट्रोल बम फेंके गए थे जिसके आरोपियों की पुलिस के बीच गुरुवार दोपहर को जमकर मुठभेड़ हुई. इस ताबड़तोड़ फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से मुख्य आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस हिरासत से चकमा देकर भाग निकला था आरोपित
मामले की शुरुआत गुरुवार दोपहर को उस समय हुई जब पुलिस ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने के आरोप में एक युवक को धर-दबोचा था. गिरफ्तारी के बाद उसे चुटिया थाने में रखा गया था. लेकिन इसी बीच आरोपित पुलिस को चकमा देकर थाने से भाग गया. जैसे हिरासत से कैदी के भागने की खबर मिली पुलिस महकमे ने उसे पकड़ने का प्रयास किया.

मुठभेड़ और आत्मरक्षा में फायरिंग
भागते आरोपित का पीछा करते हुए रांची पुलिस की टीम मांडर इलाके तक जा पहुंची. जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दोबारा दबोचने का प्रयास किया. उसने एक पुलिसवाले का हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और उसी में एक आरोपित को गोली लगी. फिलहाल उसे इलाज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रांची में RSS के ऑफिस पर फेंके थे पेट्रोल बम
आपको बता दें कि 16-17 जून की रात रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंके गए थे. इस मामले में पुलिस ने बिहार के गयाजी स्टेशन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस जांच में इन तीनों का कनेक्शन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से मिला था. इसके साथ ही जांच में यह भी पता चला था कि ISI ने इन तीनों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था. ये तीनों आरोपित झारखंड के रहने वाले हैं. जिनमें से एक आरोपित रांची का, जबकि दो लोहरदगा के हैं. सिवाय इनके मूल स्थान के अलावा जांच ऐंजेसी ने इन तीनों आरोपियों के बारे में किसी प्रकार का कोई अन्य खुलासा नहीं किया है.

रांची RSS दफ्तर पर हमले में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन, आरोपियों को ISI से मिला था टास्क, लगी UAPA की धारा

जांच एजेंसी से जुड़ें सूत्रों ने बताया कि आरएसएस कार्यालय पर हमला करने वाले आरोपियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने सोशल मीडिया से भर्ती किया था. इन लोगों ने बाकायदा रेकी कर हमला किया था.

रांची RSS दफ्तर पर हमले में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन, आरोपियों को ISI से मिला था टास्क, लगी UAPA की धारारांची के RSS दफ्तर पर हुए हमले के बाद जांच-पड़ताल में जुटे जवान.

रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दफ्तर पर हमले में पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया है. जांच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार RSS दफ्तर पर हमला करने वाले तीनों आरोपित पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में थे. ISI ने इन तीनों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था. हमला कर भाग रहे आरोपियों को जांच एजेंसी ने बिहार के गयाजी स्टेशन से पकड़ा. जिसके बाद मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए.

RSS दफ्तर पर हमला करने वाले तीनों आरोपी झारखंड के ही
रांची के निवारणपुर में स्थित RSS दफ्तर पर हमला करने वाले तीनों आरोपित झारखंड के ही हैं. एक आरोपित रांची से ही है,जबकि दो आरोपित झारखंड के लोहरदगा के हैं.हालांकि जांच एजेंसी ने अभी इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है.मालूम हो कि संघ कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए थे.एक बम RSS दफ्तर के गेट के बाहर मिला जबकि दूसरा पेट्रोल बम RSS दफ्तर की छत पर फेंका गया था.

हमले के ठीक पहले ही असेंबल किया था बम
जांच एजेंसी से जुड़ें सूत्रों ने बताया कि आरएसएस कार्यालय पर हमला करने वाले आरोपितों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने सोशल मीडिया से भर्ती किया था. इन लोगों ने बाकायदा रेकी कर हमले को अंजाम दिया गया था.16 जून की रात करीब 11 बजकर 35 मिनट पर इन लोगों ने संघ कार्यालय पर बम फेंके.

हमले के पीछे शहजाद भट्टी मॉड्यूल के होने का शक
ISI का लिंक सामने आने के बाद अब इस हमले के पीछे शहजाद भट्टी मॉड्यूल के होने का संदेह है. हाल ही में दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों की पुलिस टीम के साथ मिलकर आईएसआई समर्थिक शहजाद भट्टी मॉड्यूल के 12 संदिग्ध पकड़े है. इन सभी की साजिश दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों को दहलाने की थी. मामले में और छापेमारी लगातार जारी है.

तीनों आरोपित एक विशेष समुदाय से
जांच एजेंसी ने अभी तक आरोपितों का नाम-पता नहीं डिसक्लोज किया है. लेकिन यह बात सामने आई कि है कि हमले में पकड़े गए तीनों आरोपित मुस्लिम हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लोग पेट्रोल बम बनाना सीख रहे थे. आरोपित अभी पूरी तरह से बनाने में एक्सपर्ट नहीं हुए थे. बम का रॉ मैटेरियल मौके से मिला है.

UAPA सहित अन्य धाराओं में मुकदमा
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के साथ-साथ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) 1967 की धाराएं भी लगाई गई हैं. खासकर UAPA की धारा 16 और 18 का शामिल होना आतंकी षड़यंत्र है, जिससे आरोपियों को जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है.

कानूनी जानकारों के अनुसार,बीएनएस की धाराएं 118(2),109(1),324(5)(6),326(g) और 61(2) गंभीर आपराधिक षड्यंत्र,जानलेवा हमले और नुकसान पहुंचाने से जुड़ी हैं,जिनमें कई मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. वहीं विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं 4 और 5 में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा या लंबी अवधि की कैद हो सकती है.

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला, गया से पकड़े गए आरोपित
सबसे अहम पहलू UAPA है, जिसमें अगर आरोप साबित होते हैं तो यह मामला सामान्य आपराधिक घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अपराध माना जाएगा. ऐसी स्थिति में आरोपितों को लंबी न्यायिक हिरासत, विशेष अदालत में ट्रायल और कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है.

पुलिस ने इस मामले की जांच को SIT का गठन किया है. एसआईटी ने घटना में शामिल आरोपियों को बिहार के गया रेलवे स्टेशन से पुलिस टीम ने पकड़ा, जब वे सभी भागने की कोशिश कर रहे थे.

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