राम रसोई

क्या वाकई गैस संकट के कारण बंद हुई राम रसोई? प्रबंधन ने बता दिया सच
क्या वाकई गैस संकट के कारण बंद हुई राम रसोई? प्रबंधन ने बता दिया सच, कहा- कोयले की भट्टी पर भोजन…

LPG cylinders Shortage in Ayodhya: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है. पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं. वहीं, खबर आई थी कि रामनगरी में चल रहे निशुल्क भोजनालय को भी बंद करना पड़ गया है. मगर, अब सारा सच राम रसोई प्रबंधन ने खुद बता दिया है.
अयोध्या: राम भक्तों के लिए फ्री में चलाई जा रही राम रसोई को लेकर सियासत गरमा गई है. हाल ही में समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कई सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि गैस संकट की वजह से राम रसोई बंद हो गई है. इसके साथ ही 15 मार्च से धरना करने की चेतावनी भी दी थी. मगर, अब राम मंदिर के पास चलाई जा रही राम रसोई प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है. कहा कि राम रसोई एक दिन बंद हुई थी, लेकिन फिर सुचारू रूप से संचालन शुरू कर दिया गया. यहां हजारों श्रद्धालु निशुल्क भोजन ग्रहण कर रहे हैं.

हर दिन 25 हजार श्रद्धालु खाते हैं खाना

रामलला के दर्शन के लिए देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिसर में राम रसोई संचालित की जा रही है. यह सेवा भक्तों के लिए निशुल्क चलाई जा रही है. बताया जाता है कि राम मंदिर निर्माण के साथ ही राम भक्तों के भोजन की व्यवस्था के लिए इस राम रसोई की शुरुआत की गई थी. इस सेवा को दिवंगत आईपीएस अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है. इसका मकसद दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराना है. अयोध्या में स्थित राम रसोई का संचालन साल 2019 में शुरू हुआ था, जिसके बाद प्रतिदिन 20 से 25000 श्रद्धालु निशुल्क भोजन ग्रहण कर रहे हैं।

क्या बोला प्रबंधन?

इसी बीच, राम रसोई के संचालन को लेकर अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने एक बयान दिया और 15 मार्च से धरने की चेतावनी दी. उनका आरोप है कि राम रसोई का संचालन प्रभावित हुआ है. इस पर राम रसोई के प्रबंधक पंकज ने कहा कि राम रसोई कभी बंद नहीं हुई. केवलगैस सप्लाई में दिक्कत के कारण संचालन के समय में थोड़े बदलाव किए गए थे. कल से राम रसोई पूर्व की तरह ही संचालित होगी. फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कोयले की भट्टी पर भोजन बनाया जा रहा है और साथ ही इलेक्ट्रिक सिस्टम के माध्यम से भी भोजन तैयार करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है.

भक्तों की सेवा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी

पंकज ने कहा कि माननीय सांसद को बयान देने से पहले यहां की पूरी जानकारी लेनी चाहिए थी.अगर वे यहां आकर राम रसोई का संचालन देखेंगे तो उन्हें वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा. राम रसोई में रोजाना रामलला के दर्शन के लिए आने वाले लगभग 10 से 25 हजार श्रद्धालु भोजन ग्रहण करते हैं. प्रबंधन का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में भक्तों की सेवा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी और हर स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *