शामली:दवा व्यवसायी पुत्र, लेडी जिम ट्रेनर और करोड़ों की जायदाद… आयुष मलिक से मोहम्मद अली तक की कथा

शामली में हिंदू से मुस्लिम बने आयुष मलिक बोले, ‘चाहे कितना भी दबाव क्यों न बनाया जाए, मैं…’
Ayush Malik News In Hindi: आयुष मालिक ने 12 साल पहले इस्लाम धर्म अपनाया और 4 साल पहले चांदनी से निकाह कर मोहम्मद अली बने युवक ने परिवार के दबाव के बावजूद वापसी से मना कर दिया.

शामली जिले में एक युवक के कनवर्जन मामला चर्चित है. आयुष मलिक ने 12 साल पहले इस्लाम कबूला. अब मोहम्मद अली है. परिवार के दबाव के बावजूद वह हिंदू धर्म में वापसी से साफ इनकार कर रहा है.

12 साल पहले अपनाया था इस्लाम
आयुष मलिक ने बताया कि उसकी मुलाकात चांदनी से फिजियोथेरेपी सेंटर में हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और करीब 12 साल पहले उसने इस्लाम धर्म अपना लिया. चार साल पहले दोनों ने शामली में इस्लामिक रीति-रिवाज से निकाह कर लिया. आयुष (मोहम्मद अली) ने कहा, “मैं 12 साल से इस्लाम में हूं. अब हिंदू धर्म में वापसी मेरे लिए बहुत बड़ी बात है. चाहे कितना भी दबाव क्यों न बनाया जाए, मैं हिंदू धर्म में वापस नहीं जाऊंगा.”

बहनों की शादी के बाद बताया परिवार को
युवक ने बताया कि वह अपनी तीनों बहनों की शादी होने तक यह बात परिवार को नहीं बताना चाहता था. अब बहनों की शादी हो जाने के बाद उसने परिवार को अपनी धर्म परिवर्तन और निकाह की जानकारी दी. उसने अपना नाम भी मोहम्मद अली रख लिया है और दस्तावेज भी नए नाम से बनवाने की बात कही है.

परिवार डाल रहा है दबाव
परिवार वाले युवक पर हिंदू धर्म में वापसी का दबाव बना रहे हैं, जबकि मोहम्मद अली इस पर अडिग हैं. इस मामले में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. आयुष मलिक (मोहम्मद अली) का बयान:“साहब, मैंने 12 साल पहले इस्लाम कबूल किया था. चांदनी से चार साल पहले निकाह किया है. अब मेरी तीनों बहनों की शादी हो गई है, इसलिए मैंने परिवार को बता दिया. मैं अब किसी भी हाल में हिंदू धर्म में वापसी नहीं करूंगा.”पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. फिलहाल शांति बनाए रखने की अपील की गई है.

दवा व्यवसायी पुत्र, लेडी जिम ट्रेनर और करोड़ों की जायदाद… आयुष मलिक से मोहम्मद अली तक की कथा
करोड़पति दवा कारोबारी के बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण का मामला सुर्खियों में है. परिवार का आरोप है कि फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल, दबाव और ब्लैकमेलिंग के जरिए आयुष का धर्म परिवर्तन कराया. पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपित महीला और उसका पिता गिरफ्तार किया है.

उत्तर प्रदेश के शामली में फिजियोथैरेपी से दोस्ती, कनवर्जन और निकाह तक पहुंचा मामला.
एक मेडिकल शॉप से दोस्ती, अस्पताल में मुलाकात, जिम में नजदीकियां, प्रेम संबंध, कनवर्जन के आरोप, करोड़ों की संपत्ति और फिर पुलिसिया कार्रवाई. उत्तर प्रदेश के शामली में सामने आया आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली का मामला इन दिनों चर्चित है. पुलिस षड्यंत्र मान जांच कर रही है, जबकि परिवार का आरोप करोड़ों की संपत्ति पर कब्जे की कोशिश है.

कहानी की शुरुआत शामली के दयानंद नगर से होती है. यहां देवराज मलिक इलाके के बड़े दवा व्यवसायी हैं. उनका बेटा आयुष मलिक बी-फार्मा कर अपने पिता की मेडिकल शॉप संभालता था. यहां चांदनी कुरैशी का भाई आस मोहम्मद उर्फ आसू काम करता था. आस मोहम्मद को परिवार की आर्थिक स्थिति और करोड़ों की संपत्ति की पूरी जानकारी थी.

साल 2018 में आयुष मलिक के पैर में फ्रैक्चर हुआ. इलाज को उसे शामली के सृष्टि अस्पताल लाया गया. यहीं उसे चांदनी कुरैशी मिली. चांदनी फिजियोथैरेपिस्ट और जिम ट्रेनर बताई जाती है. आरोप है कि फिजियोथैरेपी में दोनों में बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ी. परिवार का दावा है कि चांदनी ने आयुष को अपने प्रेम जाल में फंसाया.

अस्पताल से शुरू संबंध आगे बढ़ता गया. आयुष उस जिम में भी जाने लगा जहां चांदनी ट्रेनर थी. आयुष पूरी तरह चांदनी के प्रभाव में आया तो कनवर्जन प्रक्रिया शुरू हुई. चांदनी कुरैशी आयुष को पाकिस्तान के मौलाना इसरार अहमद के वीडियो देखने को कहती थी. वो नियमित रूप से वीडियो देखने लगा. मजहबी विचारों और संपर्क से उसकी सोच बदलती चली गई.

साल 2023 में चांदनी और उसके परिजन आयुष को दिल्ली ले गए. दावा है कि दिल्ली में उसका कनवर्जन कराया गया. उसकी नई पहचान मोहम्मद अली बनाई गई.  यह भी आरोप है कि दिल्ली में एक मौलवी ने चांदनी और आयुष उर्फ मोहम्मद का निकाह भी कराया. हालांकि पुलिस जांच में अब तक कोई वैध निकाहनामा नहीं मिला है.

जब देवराज मलिक को जानकारी मिली कि उनका बेटा पूरी तरह मुस्लिम पहचान अपना चुका है, तब परिवार में हड़कंप मचा. परिवार का आरोप है कि पूरा उद्देश्य करोड़ों  की संपत्ति पर कब्जाना था. तब देवराज मलिक ने पुलिस से संपर्क किया. उनकी शिकायत के आधार पर चांदनी समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ थाना कोतवाली शामली में मुकदमा संख्या 241/26 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 61(2), 308(5), 351(3) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की धारा 3/5(1) लगाई गई.इसके अनुसार,चांदनी कुरैशी,राहिल कुरैशी,सुमाईला कुरैशी,राबिया कुरैशी,आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, हुमा कुरैशी,इस्लाम कुरैशी,सलीम उर्फ भोला और मुनव्वर नामक मौलवी समेत कई लोगों पर आरोप लगे  हैं.

शिकायत में कहा गया है कि आरोपितों ने षड्यंत्रपूर्वक आयुष मलिक को अपने प्रभाव में लेकर उसका कनवर्जन कराया. परिवार का यह भी आरोप है कि चार साल पुराना एक निकाहनामा दिखाकर उन पर अनुचित मांगें मानने का दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं, विरोध करने पर पूरे परिवार की हत्या की धमकियां भी दी गईं. कुछ अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका का भी जिक्र है.

मामले की गंभीरता देख शामली पुलिस ने कार्रवाई शुरू की. पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर गठित टीम ने मुख्य आरोपित चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया. दोनों आजाद चौक, काजीवाड़ा, कादियान मस्जिद के सामने इलाके के हैं. पुलिस के अनुसार अन्य आरोपित की गिरफ्तारी को अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं.

पुलिस का दावा है कि जांच में आयुष मलिक की जीवनशैली में बड़ा बदलाव मिला है. वह लंबी दाढ़ी रखने लगा, पांच वक्त नमाज पढ़ता और छोटा पायजामा पहनने लगा था. पुलिस के अनुसार आयुष अपने परिवार के साथ है और उसे हिंदू धर्म गुरुओं से भी मिलवाया जा रहा है. पुलिस आरोपों की जांच में जुटी हुई है.

पुलिस का कहना है कि दो मौलानाओं की तलाश भी की जा रही है. यह पता लगाया जा रहा है कि कनवर्जन, निकाह और संपत्ति से जुड़े आरोपों में कौन-कौन लोग थे. उनकी भूमिका क्या थी. फिलहाल शामली का यह मामला प्रेम संबंध,कनवर्जन,ब्लैकमेलिंग,संपत्ति विवाद और संगठित षड्यंत्र के आरोपों के चलते पूरे प्रदेश में चर्चित है. मामले में और कई महत्वपूर्ण अनावरण हो सकते हैं.

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