TCS जिहाद में अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की होगी जांच

 

TCS उत्पीड़न केस: नासिक पुलिस कमिश्नर बोले- अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी लिंक की जांच जारी
एसआईटी नासिक में TCS कंपनी में कथित धर्म परिवर्तन और महिला कर्मचारियों के खिलाफ अत्याचार मामले की गहन जांच कर रही है.
TCS Harassment Case International Extremist Links probe underway Nashik Police Commissioner
TCS उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार आरोपी

नासिक (महाराष्ट्र) 15 अप्रैल 2026 : आईटी कंपनी TCS में कथित धर्म परिवर्तन और महिला कर्मचारियों के खिलाफ अत्याचार के मामले में, नासिक सिटी के पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने बुधवार को कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, और यह भी पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि क्या इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कट्टरपंथी तत्व शामिल हैं.

वहीं, नासिक सत्र न्यायालय ने बुधवार को मामले में गिरफ्तार कंपनी की वरिष्ठ महिला कर्मचारी अश्विनी चैनानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

टीसीएस की पकडी महिला कर्मचारी
टीसीएस की गिरफ्तार महिला कर्मचारी
पुलिस नासिक में बहुराष्ट्रीय आईटी कंपनी TCS में महिलाओं के यौन शोषण मामला जांच रही है. आरोप है कि कंपनी के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड की महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचा. शिकायतें है कि इन पीड़ितों को अलग-अलग जगहों पर ले जा कर उनका यौन शोषण किया गया, धर्म  की कोशिश की गई.

इस मामले में नासिक में नौ मुकदमे हुए हैं, और विस्तृत जांच को एक SIT बनाई गई है. मामले में कुल नौ आरोपित हैं, जिनमें दो महिलाएं हैं. सात आरोपित पुरुष हैं. आरोपित महिला कर्मचारी निदा खान अभी भी भागी हुई है; उसे खोजने पुलिस टीमें अलग-अलग जगहों पर भेजी गयी हैं. उस पर धार्मिक भावनायें आहत करने का आरोप है. कंपनी की महिला एचआर एग्जीक्यूटिव पर आरोप है कि जब पीड़ितों ने उससे मदद मांगी तो उसने उन्हें न्याय नहीं दिलाया; उल्टे आरोपितों को बचाया.

पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने बताया कि नासिक पुलिस जांच कर रही है कि क्या इन आरोपितों को बाहरी कट्टरपंथी ग्रुप या दूसरे संगठनों से मदद  है. पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इन गतिविधियों को कोई बाहरी फंडिंग  थी और क्या इसमें कोई इंटरनेशनल लिंक शामिल हैं.

शिकायत क्या है?
शिकायत में है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच, नासिक में वडाला रोड स्थित आईटी कंपनी टीसीएस के कर्मचारियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तर और निदा खान ने एक महिला सहकर्मी की धार्मिक भावनायें आहत की. तौसीफ ने उसे डरा-धमका यौन संबंध बनाने को मजबूर किया, अन्य लोगों ने ऑफिस की लॉबी में उससे छेड़छाड़ की. मई 2023 से मार्च 2026 के दौरान, रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी ने भी ऑफिस परिसर में उससे छेड़छाड़ की.

पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि उसने इन घटनाओं पर कंपनी के HR डिपार्टमेंट में मौखिक शिकायत की थी; सुनने के स्थान अधिकारियों ने  आरोपियों को सहयोग किया. 2022 से फरवरी 2026 तक, मीटिंगों में, शफी शेख लड़की घूरता रहता था, उसके बच्चे न होने पर अपमानजनक बातें करता और उससे शारीरिक नजदीकी (Physical Intimacy) की कोशिश करता था.

शिकायत के मुताबिक, दिसंबर 2025 में, एक संदिग्ध आरोपित ने लड़की से उसके निजी जीवन के बारे में अपमानजनक सवाल पूछे, उसे घूरता रहा और गोपनीय अंगों की ओर इशारे किए. इसके अलावा, उसने दूसरी महिला कर्मचारियों के धर्म परिवर्तन आपत्तिजनक टिप्पणियों से उनकी धार्मिक भावनायें आहत की.

अब तक क्या-क्या हुआ?

देश की बड़ी IT कंपनी टीसीएस में यौन उत्पीड़न, बलात्कार मामले ने चौंका दिया है. ऐसे में एफआईआर में पूरा घटनाक्रम दर्ज किया गया है.

अबतक क्या-क्या हुआ ?

टीसीएस नासिक केस में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

यौन उत्पीड़न, बलात्कार और धर्म परिवर्तन मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है. यहां टीसीएस नासिक केस में एचआर निदा खान भागी हुई  हैं. फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज है. यह केस इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि मामला देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी से जुड़ा है. एफआईआर में पूरा घटनाक्रम अंकित है.

FIR से जानकारी मिली है कि पिछले कई सालों में की गई शिकायतों पर कथित तौर पर समय रहते किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. मामले में आठ महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि 2022 से लेकर 2026 की शुरुआत तक उनके साथ लगातार यौन, उत्पीड़न, बलात्कार, सहकर्मियों पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश, और जोर-जबरदस्ती अपमान किया गया. इसके अलावा HR डिपार्टमेंट-POSH भी सवालों के घेरे में है. POSH से जुड़े अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है. एसआईआईटी इस मामले में जांच कर रही है. पूरे मामले में 7 गिरफ्तारियां हो चुकी है.

गिरफ्तार लोगों में आसिफ अंसारी, दानिश शेख, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तार है. POSH से जुड़े ऑपरेशंस मैनेजर अश्विन चैनानी भी गिरफ्तार  है. एचआर निदा खान भागी हुई हैं.

कंपनी ने पूरे मामले में क्या कहा है?

इधर, टीसीएस ने कहा है कि उसने जांच के दायरे में आए सभी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. कंपनी कानूनी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहा है. चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने आरोपों को बेहद ही चिंताजनक और दुखद बताया है. इस मामले के पूरी गंभीरता से कंपनी के स्तर पर लिया जा रहा है. तथ्यों का पता लगाने और दोषियों की पहचान करने के लिए जांच चल रही है.

कंपनी पॉलिसी क्या करती है इस तरह के मामले में?

कंपनी से जुड़े लोग औपचारिक शिकायत निवारण स्ट्रक्चर के आधार पर उत्पीड़न और मानवाधिकारों से जुड़े मामलों में शिकायत कर सकते हैं. कंपनी का मानना है कि शिकायतों की समीक्षा की जाती है. यदि वे सही पाई जाती है, तो उन पर कार्रवाई की जाती है. पूरे मामले को गोपनीय तरीके से निपटाया जाता है. इसके अलावा शिकायत कर्ता पर बदले की कार्रवाई नहीं की जाती है. इस मामले में कंपनी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है.

कानून क्या कहता है? POSH अधिनियम में यौन उत्पीड़न की शिकायतों को औपचारिक रूप से दर्ज किया जाता है. इस पूरे मामले को इंटरनल कमिटी देखती है. मामले को समय सीमा के अंदर निपटाती है.

मामले में 90 दिनों में जांच होनी चाहिए. दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका मिलता है. शिकायतों को गोपनीय तरीके से निपटाया जाता है. ऐसे में शिकायत कर्ता को सुरक्षा मिलना चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है. शिकायत को केवल सुपरवाइजर के सत्र तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. न ही उन्हें अनौपचारिक तरीके से निपटाया जाना चाहिए.

FIR में क्या जानकारी दी गई है?

इस मामले में 9 FIR अंकित हैं. इसमें कई टीमों के भीतर अलग-अलग समय अवधियों में कथित दुर्व्यवहार के एक पैटर्न का जिक्र है. तौसीफ अत्तार, दानिश शेख, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और शफी शेख सहित कर्मचारियों पर इन चीजों के आरोप लगे हैं.
इसके अलावा ऑफिस परिसर के अंदर गलत तरीके से छूना, शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश करना. महिलाओं की शादीशुदा जिंदगी और निजी जिंदगी पर अश्लील टिप्पणियां करना और बातें करना. मीटिंग के दौरान गलत तरीके से घूरना और अश्लील इशारे करना. बार-बार जबरदस्ती बातचीत शुरू करने या शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश करना, जैसे आरोप का जिक्र है.
शादी का वादा कर बनाए शारीरिक संबंध, महिला का आरोप

महिलाओं ने आरोप लगाया कि अत्तार ने शादी का वादा किया. उसी आधार पर शारीरिर संबंध बनाए. उस युवती ने तीन सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न, डराने-धमकाने और उसे जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवाने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

अन्य महिलाओं ने बार-बार अपमानित होने की बात कही है. इसमें बच्चे न होने के ताने मारना. मना करने के बावजूद शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश करना शामिल है. इनके अलावा हिंदू धर्म पर अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया गया. एक शिकायत में महिला का आरोप है कि रजा मेमन और शाहरुख कुरैशी की शिकायत वरिष्ठ अधिकारी से की गई. लेकिन कार्रवाई नहीं हुई.

टीसीएस में कई सालों में यौन उत्पीड़न मामले में वृद्धि

पिछले कुछ सालों में सामने आया है कि यौन उत्पीड़न मामले में बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले तीन सालों में पता चला है कि टीसीएस में यौन उत्पीड़न की दर्ज शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट की मानें तो कंपनी ने इसका आंशिक श्रेय जागरुकता बढ़ाने को दिया है. टीसीएस ने वित्त वर्ष 2025 में 125, 2024 में 110 और 2023 में 49 शिकायत दर्ज की. साथ ही 2022 में 36 और 2021 में 27 मामले सामने आए हैं.

2025 में 78 शिकायत दर्ज पाई गईं. 23 शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ. शिकायतकर्ता में सिर्फ 0.06 महिला कर्मचारी थीं. 2024 में 0.05 प्रतिशत और 2023 में 0.03 प्रतिशत महिलाएं थी.

इनके हवाले कंपनी की इंटरनल जांच

मामले में टीसीएस की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यम जांच का नेतृत्व करेंगी. जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित और कठोर कार्रवाई होगी. किसी भी प्रक्रिया में सुधार या सुधारात्मक उपायों को तुरंत लागू किया जाएगा.

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