हिमाचल के मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर मारपीट का मुकदमा, गडकरी ने CM सुक्खू से की थी मांग

हिमाचल के मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर मुकदमा, गडकरी ने CM सुक्खू से की थी मांग

शिमला 01 जुलाई 2025 । हिमाचल प्रदेश पुलिस ने  मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर एनएचएआई के दो अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में मुकदमा किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सभी आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की थी।

NHAI प्रबंधक अचल जिंदल।  दायें नितिन गडकरी

हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर एनएचएआई के दो अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में मुकदमा लिखा गया। मंत्री के खिलाफ एनएचएआई के दो अधिकारियों पर उस स्थान के निरीक्षण के समय हमला करने का आरोप है, जहां एक पांच मंजिला भवन ढह गया था। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस ने बताया कि एनएचएआई के कर्मचारी अचल जिंदल की शिकायत पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के विरुद्ध प्राथमिकी लिखी गई है। अचल जिंदल फोर-लेन परियोजना के प्रबंधक हैं। जिंदल ने आरोप लगाया है कि सिंह ने उन्हें और उनके साइट इंजीनियर योगेश को एक कमरे में बुलाया और उनसे मारपीट की।

एनएचएआई के दोनों कर्मियों को अस्पताल भर्ती कराया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक ‘फेसबुक’  पोस्ट में कहा था कि एनएचएआई पीआईयू शिमला के प्रबंधक अचल जिंदल पर हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और उनके सहयोगियों का जघन्य हमला अत्यंत निंदनीय है और कानून के शासन का अपमान है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कहा था कि अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करते एक लोक सेवक पर इस तरह क्रूर हमला न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में डालता है, वरन संस्थागत अखंडता भी नष्ट करता है। मैंने मामले का संज्ञान ले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बात की और  उनसे सभी आरोपितों खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

उन्होंने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए और बिना देरी न्याय होना चाहिए। इस संबंध में प्रतिक्रिया को मंत्री से संपर्क नहीं हो सका।

अनिरुद्ध सिंह ने नेशनल हाईवे अधिकारी की लगाई क्लास

शिमला के भट्टाकुफर में एक पांच मंजिला भवन गिर गया.  पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया. इस दौरान वहां पर लोग भड़क गए और फोरलेन निर्माण पर सवाल खड़े किए. वहीं, नेशनल हाईवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जहां पंचायती राज मंत्री ने उनकी जमकर क्लास लगाई.

पांच मंजिला भवन गिरने से चार अन्य भवनों को खतरा पैदा हो गया है. सावधानी को भवन खाली कराया गया. लोगों ने मकानों से सारा सामान निकाल लिया. और अपने रिश्तेदारों के यहां रहने लगे हैं. मकानों के साथ दरार आई हैं. साथ ही जमीन बैठ रही है, जिससे इन मकानों को खतरा पैदा हुआ है. यह भवन भी किसी भी समय गिर सकते है. ऐसे में लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.

एसडीएम मनजीत शर्मा ने कहा, “एक भवन सुबह गिरा था. यह भवन रंजना शर्मा का था. इस भवन को पहले ही खाली करवा दिया गया था, जिसके चलते कोई जानी नुकसान नहीं हुआ. वहीं, 5 अन्य भवनों को खतरा पैदा हो गया है. इन भवनों को खाली करवा दिया गया है. उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है. फोरलेन निर्माण के चलते जमीन बैठ रही है और लोग इसे ही ही भवन गिरने का कारण मान रहे हैं. इसको लेकर तकनीकी रूप से जांच की जाएगी. यदि फोरलेन निर्माण के चलते नुकसान हुआ है तो कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी”.

बाद में शाम को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 14 सेकंड के एक वीडियो में कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बताया कि सिंह के खिलाफ ढली थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य पालन से रोकने को आपराधिक बल प्रयोग); 121(1) जानबूझकर चोट पहुंचाना; 352 (जानबूझकर अपमान करना); 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (कई व्यक्तियों का आपराधिक कृत्य) में प्राथमिकी  अंकित की गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह भट्टाकुफर के माथु कॉलोनी में चमियाना सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की ओर जाने वाली सड़क पर पांच मंजिला भवन ढह गया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। यह इलाका सिंह के कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र में आता है। मकान मालिक रंजना शर्मा ने आरोप लगाया कि फोरलेन निर्माण कार्य से भवन असुरक्षित हो गया था।

दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के मंत्री अनिरुद्ध सिंह अपने समर्थकों के साथ इमारत ढहने वाली जगह पर पहुंचे और एनएचएआई अधिकारियों को वहां बुलाया और असंयमित भाषा का प्रयोग किया। जिंदल ने कहा कि मंत्री ने मुझे और इंजीनियर योगेश को एक कमरे में बुलाया और स्थानीय निवासियों के सामने मेरे साथ मारपीट की।

जिंदल का आरोप है कि मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मेरे सिर पर पानी भरे जग से भी वार किया, जिसके बाद मेरे सिर से खून बहने लगा। जब योगेश ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो मंत्री ने उसे भी पीटा, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं। दोनों का इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।

इस घटना के बाद एनएचएआई अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखकर घटना की विस्तृत जांच और जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि कानून के अनुसार कार्रवाई नहीं की गई तो एनएचएआई अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा। इस बीच विपक्षी भाजपा नेताओं ने घटना की निंदा कर सिंह को हटाने की मांग की।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मंत्री अनिरुद्ध सिंह को हटाने की मांग की। हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि ‘हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के मुख्य अभियंता विमल नेगी की रहस्यमय मौत की जांच अभी जारी है। इस बीच एक मंत्री का अधिकारी को पीटने का मामला सामने आया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

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