Fact Check: फर्जी पत्रकारों के खिलाफ होगी FRI, जानें वायरल मैसेज का सच

 

Fact Check: फर्जी पत्रकारों के खिलाफ होगी एफआईआर, जानें वायरल मैसेज का सच
सोशल मीडिया में मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इसकी पड़ताल की. पड़ताल में टीम ने पाया कि वायरल मैसेज पूरी तरह से फर्जी है. पीआईबी ने वायरल मैसेज को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पेज पर शेयर किया और बताया कि दावा फर्जी है.
देहरादून 22 जून 2025 । केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश भर के फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है? ऐसा दावा सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज में किया जा रहा है. वायरल मैसेजे में दावा किया जा रहा है कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जाली पत्रकारों एवं फर्जी चैनलों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि जो लोग बगैर आरएनआई के अखबार और चैनल चला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी. हम वायरल मैसेज में किये जा रहे दावे का सच बताने वाले हैं.

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वायरल मैसेज में और किया जा रहा दावा

वायरल मैसेज में यह भी दावा किया जा रहा है कि देश भर में जितने भी लोग प्रेस आईडीकार्ड लेकर घूम रहे हैं, वैसे लोगों की तत्काल जांच शुरू होगी. आगे बताया गया कि अगर जांच में फर्जी पाये गये, तो उन्हें खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और गिरफ्तार भी किया जाएगा. मैसेजे में यह भी दावा किया गया है कि मंत्री ने कहा कि कुछ फर्जी लोगों के कारण देश के सच्चे और इमानदार पत्रकारों की क्षवि खराब हो रही है.

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क्या है वायरल मैसेज का सच

सोशल मीडिया में मैसेज वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इसकी पड़ताल की. पड़ताल में टीम ने पाया कि वायरल मैसेज पूरी तरह से फर्जी है. पीआईबी ने वायरल मैसेज को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पेज पर शेयर किया और बताया कि दावा फर्जी है. आगे बताया गया कि केंद्रीय मंत्री ने इस संबंध में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

सोशल मीडिया वायरल मैसेज को दूसरों के पास शेयर करने से बचें

सोशल मीडिया के दौरे में लोगों के पास आये दिन सैकड़ों मैसेज आते हैं, जिसे हम बिना पड़ताल किया और उसे पढ़े दूसरों के पास भेज देते हैं. जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है. इसलिए हमेशा सलाह दी जाती है कि आपके पास मोबाईल में जो भी मैसेज आता है, पहले उसकी पड़ताल कर लें, फिर उसे दूसरों के पास भेजे.

 

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