फरीदाबाद से असम तक गद्दार ही गद्दार,पंक्चर से लेके ई रिक्शा चालक तक,पाक भेजते थे रक्षा सूचना,फोटो,वीडियो

नौशाद गांव नचौली में सालभर पहले खुले पेट्रोल पंप पर तीन महीने से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था. अभी तक गैंग सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 पकड़े जा चुके है.

गाजियाबाद पुलिस ने PAK के जासूस गैंग सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से पकड़ा

नौशाद ने गांव नचौली में तीन महीने पहले पंचर बनाने की दुकान खोली थी, जहां से जासूसी होती थी

गैंग सरगना सुहेल सहित 22 जन पकड़े  जा चुके है, जिनमें एक नाबालिग भी  है पंक्चर लगाते-लगाते बना पाकिस्तानी जासूस

नई दिल्ली 23 मार्च 2026। पाकिस्तानी जासूस गैंग के नौशाद अली उर्फ लालू को गाजियाबाद पुलिस ने फरीदाबाद से पकड़ा है. नौशाद गांव नचौली में सालभर पहले खुले पेट्रोल पंप पर तीन महीने से पंचर बना रहा था. अभी तक गैंग सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 पकड़े जा चुके हैं .

पुलिस ने नौशाद के अलावा मीरा (निवासी औरंगाबाद थाना सदर जिला मथुरा) को पकडा है. एक आरोपित बालिग है. तीनों ने बताया कि सुहेल ने ही हमें ग्रुप में जोड़ा था. डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि यह रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के फोटो वीडियो व्हाट्सएस ग्रुपों में पाकिस्तान भेजते थे.एक फोटो के इन्हे 4-6 हजार रुपए मिलते थे.

3 महीने पहले खोली थी दुकान
जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले ही गांव नचौली में खुले पेंट्रोल पंप पर नौशाद ने पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी. नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र में हरचंदा गांव का है.

16 मार्च को पकड़ा
16 मार्च शाम गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ढूंढते पहुंची थी.पुलिसकर्मियों ने पहले एक-एक कर पेट्रोल पंप कर्मियों से नाम और मूल निवास पूछे.तब नौशाद वहीं बगल में हाथ बांधे एक तरफ खड़ा रहा, मगर पुलिसकर्मियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया.

कर्मियों से पूछताछ में चला पता
पुलिस ने कर्मचारियों से नौशाद अली नाम के बारे में पूछा तो पता चला कि पंचर की दुकाने लगाने वाला नौशाद अली उर्फ लालू है ।तब पुलिस उसे पकड़ ले गई.पुलिस ने उसका मोबाइल भी कब्जा लिया.

पूर्व मैनेजर ने खुलवाई थी दुकान
पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व मैनेजर रविन्द्र ने नौशाद की पंचर बनाने की दुकान खुलवाई थी. पुलिस जांच में सामने आया कि रविंदर ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान कर रहे मुमताज से संपर्क किया और मुमताज ने नौशाद को कोलकाता से बुलवा कर उसकी पंचर की दुकान गांव नचौली के पंप पर खुलवा दी.दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र में हरचंदा गांव वासी हैं.

रविवार वापस पहुंची पुलिस
यहां के कर्मचारी संतोष ने बताया कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद के शिवशांत प्रसाद गुप्ता ने एक साल पहले खोला है.शुरू में लगा था कि पुलिस किसी चोरी या झपटमारी जैसे मामले में पकड़धकड़ कर रही है । इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया.रविवार जब पुलिस पहुंची तो पता चला कि उस पर देशद्रोह का मुकदमा है, यह जानकर हैरत हुई.

6 लोग 14 मार्च को पकड़े
कौशांबी थाना क्षेत्र से 6 लोग 14 मार्च को पकड़े गए थे. सारे पुलिस रिमांड पर हैं.इनकी निशानदेही पर 6 अन्य लोगों से भी हिरासत में पूछताछ हो रही है. गिरफ्तार लोगों में सुहेल मलिक उर्फ रोमियो निवासी थाना परतापुर मेरठ (मूल निवासी नरगढ़ी, जिला बिजनौर), इरम उर्फ महक निवासी ग्राम ज्ञानपुर, जिला संभल, प्रवीन (पुत्र मिंटूराम निवासी भोवापुरम थाना कौशांबी गाजियाबाद), राज वाल्मीकि (पुत्र अरविंद निवासी गांव भोवापुर गाजियाबाद), शिवा वाल्मीकि (पुत्र रवि कुमार निवासी भोवापुर), रितिक गंगवार (निवासी गाजीपुर सब्जी मंडी भोवापुर (मूल निवासी गांव सुल्तानपुर थाना कटरा, जिला शाहजहांपुर)  हैं.

पाकिस्तान में कैमरों का एक्सेस
गाजियाबाद पुलिस जांच में पता चला कि ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते थे,बदले में उन्हें पैसे मिलते थे. इस गैंग का देशभर में 50 सोलर कैमरे लगाने का प्‍लान था दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा भी दिए थे.पुलिस ने दोनों स्थानों के कैमरे ढूंढ जांच शुरू कर दी है। इन कैमरों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा.दिल्ली और सोनीपत में लगाए गए कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में था यानी इनके सीधी वीडियो पाकिस्तान में देखी जा रहीं थी.

450 से अधिक फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे
रिमांड पर सुहेल और अन्य सभी आरोपितों ने बताया कि हम लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजते थे. हर कैमरे की इंस्टॉलेशन पर 10-15 हजार रुपये मिलते थे.दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर कैमरा इनस्टॉल किया है. 4-5 हजार रुपये भी अलग-अलग लोगों को मिले.

हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास सोलर ऑपरेटेड दूसरा कैमरा लगाया.इसे गाजियाबाद पुलिस ने ढूंढ लिया है.उत्तर प्रदेश पुलिस,UP ATS और दिल्ली पुलिस व हरियाणा पुलिस भी पूछताछ कर चुकी.जांच एजेंसियों की पूछताछ में आया कि सुहेल के बनाये व्हाट्सअप ग्रुप में वह लोगों को पाकिस्तान से जुड़े फोटो-वीडियो भेज रहे थे.

मथुरा में ई-रिक्शा चालक ‘मीरा’ दिखती थी सीधी-साधी, लेकिन गैंगस्‍टरों से सीधे कनेक्‍ट, अब मामला पाकिस्‍तान तक पहुंचा
गाजियाबाद जासूसी कांड में पकड़े गए संदिग्धों से जांच एजेंसियों की पूछताछ जारी है. ऐसे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस बीच एक महिला जो गिरफ्तार हुई है, जिसका नाम मीरा है, वह पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रही थी और यही नहीं वह हथियारों की सप्लाई भी करती थी.

गाजियाबाद से गिरफ्तार पाकिस्तानी जासूसों के खुले राज.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से पकड़े गए संदिग्धों में से मीरा  ने पूछताछ में बड़े रहस्य खोले हैं. जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार मीरा को लेकर पता चला है कि वह केवल दिखावे के लिए मथुरा में ई-रिक्शा चलाती थी. ई रिक्शा की आड़ में उसका नाता अवैध हथियारों की तस्करी से था. गैंगस्टरों से लेकर छोटे बदमाशों तक मीरा की पकड़ थी. पिछले साल भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अवैध हथियारों की सप्लाई आरोप में उसे पकड़ा था. कई अवैध हथियारों के डीलरों से मीरा का सीधा संपर्क था. जासूसी नेटवर्क में मीरा उस ग्रुप में नजर आई, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर सीधा बातचीत करता था.
मथुरा की ‘मीरा’ पाकिस्तान की जासूस, ई-रिक्शा चलाकर जानकारी जुटाती, हथियार तस्करी में जेल जा चुकी
Mathura Meera Prajapati Pakistan Spy
Mathura SPY Meera Prajapati: गाजियाबाद पुलिस ने जासूसी के शक में मथुरा की 30 साल की मीरा प्रजापति को गिरफ्तार किया है. वह शहर में ई-रिक्शा चलाकर जासूरी करती थी, जिससे उस पर किसी को शक नहीं होता है. वह अपने बच्चों के साथ शहर के औरंगाबाद स्थित महादेव नगर बघेल मोहल्ला में पति से अलग रहती थी. इससे पहले वह हथियार तस्करी के आरोप में जेल भी जा चुकी है.

जानकारी के अनुसार, जासूस मीरा प्रजापति को लोग हरिया के नाम से भी जानते हैं. वह पिछले कई महीनों से मथुरा के टेक चौराहे से रिफाइनरी तक ई-रिक्शा चला रही थी. इस मार्ग को नगर निगम का 9 नंबर रूट कहा जाता है. इस रूट पर कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं, जिनमें जिलाधिकारी कार्यालय, अन्य बड़े सरकारी दफ्तर, आर्मी के स्ट्राइक-1 का मुख्यालय और मथुरा रिफाइनरी भी हैं.गाजियाबाद पुलिस ने 22 मार्च को मीरा के साथ बिहार के नौशाद और एक अन्य नाबालिग पकडा था. पुलिस पूछताछ में आरोपितों के संवेदनशील स्थानों के फोटो खींचकर पाकिस्तान भेजने की बात सामने आई है, इसके बदले उन्हें 4 से 6 हजार रुपए मिलते हैं।

पति से अलग रहती है महिला
मीरा की दो छोटी बेटियां हैं. उसके जेल जाने पर दोनों बच्चियां उसके भाई के घर हैं. पड़ोसियों ने बताया कि मीरा पिछले एक साल से इसी घर में रहती थी, अब उसके घर में ताला लगा है.  मीरा का पति हलवाई हैं, दोनों में संबंध अच्छे नहीं है. दोनों अलग रहते हैं।

खोले कई रहस्य 
पुलिस की लिस्ट में सप्लाई नेटवर्क पर मीरा का नाम टॉप पर था. आरोपित मीरा जासूसी के इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की माध्यम थी. मीरा से एजेंसियां और पुलिस पूछताछ कर रही है. सूत्रों के मुताबिक मीरा पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ सरदार के संपर्थ में थी. रेकी के लिए महिलाओं और नाबालिगों का इस्तेमाल करते थे. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से गाजियाबाद और हापुड़ जिले में पुलिस ने संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तान के लिए जासूसी करते थे.
इन संदिग्ध जासूसों को कौन से काम थे सौंपे
इन जासूसों को तरह-तरह के टास्क दिए गए थे. जैसे बड़े धार्मिक स्थलों की फोटो और लोकेशन के साथ अन्य डिटेल शेयर करना. इसके अलावा बड़े-बड़े संस्थानों व रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी फुटेज लगाने का भी काम दिया गया था. संदिग्धों से पूछताछ में यह भी पता चला था कि खाटू श्याम की फोटो और लोकेशन भेज दी गई थी. इसके अलावा हापुड़ से जो संदिग्ध गिरफ्तार हुए थे, वो लाल किला बम ब्लास्ट के तुरंत बाद लाल किला आए थे. ये सभी जासूस सीक्रेट ऐप पर बातचीत करते थे और वहीं से उन्हें टास्क मिलते थे.

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वायुसेना केंद्र से पाक हैंडलर्स को भेज रहा था सेना के ‘सीक्रेट’, राजस्थान इंटेलिजेंस का बड़ा  अनावरण
राजस्थान इंटेलिजेंस ने एक बड़ा जासूसी नेटवर्क नंगा कर वायुसेना के चबुआ केंद्र (असम) कर्मचारी सुमित कुमार को पकड़ा है। प्रयागराज का सुमित 2023 से पाकिस्तानी हैंडलर्स को सोशल मीडिया से संवेदनशील सैन्य जानकारी भेज रहा था।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार से चलते बेहद खतरनाक और सुनियोजित जासूसी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। राजस्थान इंटेलिजेंस और वायुसेना की खुफिया इकाई ने संयुक्त ऑपरेशन चला भारतीय वायुसेना का कर्मचारी पकड़ा है , जो पाकिस्तानी हैंडलर्स को देश की संवेदनशील सैन्य जानकारी भेज रहा था। यह पकड़ आधुनिक ‘हनीट्रैप’ और ‘डिजिटल जासूसी’ का बढ़ता खतरा बताती है।

जैसलमेर से डिब्रूगढ़ तक फैला जांच का जाल
इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें जनवरी 2026 में खुलनी शुरू हुई थीं। इंटेलिजेंस के अतिरिक्त महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जांच की कड़ियां जैसलमेर के झबरा राम की गिरफ्तारी से जुड़ी हैं। झबरा राम से गहन पूछताछ में ऐसे संदिग्ध का नाम सामने आया, जो सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था। इसी सुराग ने जांचकर्ताओं को असम के डिब्रूगढ़ स्थित चबुआ एयरफोर्स स्टेशन तक पहुंचाया।

36 साल का ‘मल्टी-टास्किंग’ गद्दार
गिरफ्तार आरोपित की पहचान 36 वर्षीय सुमित कुमार के रूप में हुई है, जो मूलत: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का है। सुमित वायुसेना के चबुआ केंद्र पर मल्टी-टास्किंग स्टाफ था। अपनी इसी पहुंच का फायदा उठा उसने वायुसेना की गोपनीय फाइलों और सामरिक महत्व की सूचनाओं तक सेंध लगाई।

सोशल मीडिया पर ‘सौदा’ और पैसों का लालच
जांच में चौंकाने वाला अनावरण हुआ है कि सुमित कुमार साल 2023 से ही पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से संवेदनशील जानकारी देता था। बदले में पाकिस्तानी एजेंसियों से नियमित तौर पर मोटी रकम पाता था। यह केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं था, बल्कि देश की सुरक्षा का बड़ा सौदा था।

संयुक्त ऑपरेशन और गिरफ्तारी
राजस्थान और एयरफोर्स इंटेलिजेंस की टीम चबुआ से सुमित को पकड़ ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लेकर आई। यहां पूछताछ में उसने अपना अपराध मान लिया । सुरक्षा एजेंसियां अब यह जांच कर रही हैं कि सुमित ने अब तक कितनी और कैसी जानकारी दुश्मन देश भेजी और क्या इस नेटवर्क में वायुसेना के और कर्मचारी भी शामिल हैं?

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