ISIS लोन वुल्फ हमला,
Exclusive: ‘मस्जिद के बारे में पूछना उसके प्लान का…’, मीरा रोड मामले में पीड़ित ने बताई चौंकाने वाली बात
Mira Road Attack Case: इस हमले में घायल राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन दोनों लोगों को घटना के तुरंत बाद पास के वॉकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुब्रतो सेन ने फोन पर एबीपी न्यूज से खास बातचीत की.
Exclusive: ‘मस्जिद के बारे में पूछना उसके प्लान का…’, मीरा रोड मामले में पीड़ित ने बताई चौंकाने वाली बात
मीरा रोड हमले में हुए चौंकाने वाले खुलासे
मुंबई के नजदीक मीरा रोड के नया नगर में हुए धर्म पूछकर और कलमा पढ़ने के नाम पर जैब ज़ुबैर अंसारी द्वार चाकूबाजी हमले के बाद जांच अब और तेज हो गई है. एटीएस फिलहाल इस नोट की फॉरेंसिक और साइकोलॉजिकल एंगल से जांच कर रही है, ताकि आरोपित के इरादों और मानसिक स्थिति को समझा जा सके. अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में आरोपी के संभावित मकसद को लेकर संदेह पैदा होने के बाद ही यह मामला एटीएस को ट्रांसफर किया गया.
वहीं इस हमले में घायल राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन दोनों लोगों को घटना के तुरंत बाद पास के वॉकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया. सुब्रतो सेन की तबीयत में सुधार है. घायल राजकुमार मिश्रा की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है और उन्हें ICU में रखा गया है. अस्पताल लाए जाने के वक्त उनकी स्थिति बेहद नाजुक थी, जिसके चलते डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी करने का फैसला लिया. सुब्रतो सेन ने आपबीती साझा की.
‘ये उसके प्लान का हिस्सा था’
सुब्रतो सेन ने बताया की उसकी तबीयत अब ठीक है. सुब्रतो ने बताया कि एटीएस और पुलिस के सामने विस्तृत बयान दिया है. बार बार वाक़या को याद करके काफी डिस्टर्ब हो रहा हूं. सुब्रतो सेन ने बताया कि उसने आकर मुझसे मस्जिद के बारे में पूछा. मैंने सोचा इतनी रात को आकर मस्जिद का एड्रेस कौन पूछता है. मैंने इतना सोचा नहीं, मैं अपने काम में बिजी था. नाईट शिफ्ट में काम कर रहा था. ये हादसा होने के बाद मुझे अब रियलाइज हो रहा की मुझसे बात करना ये उसके प्लान का हिस्सा था.
‘कलमा पढ़ने को कहा’
सुब्रतो ने आगे बताया कि मिश्रा जी (दूसरे सिक्योरिटी गार्ड) को कलमा पढ़ने को कहा था. उसने फिर हमला किया. मैं अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वीडियो में दिख रहा है की कैसे हम लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे.
पीड़ित ने ये भी बताया, “सुबह लगभग 04:00 बजे मैं रसाज सिनेमा के पास स्थित एक ईरानी चाय वाले के यहाँ चाय पीने गया. उस समय वही व्यक्ति मुझे वहाँ भी दिखाई दिया. चाय पीकर मैं लगभग 04:30 बजे अपने ड्यूटी स्थान पर वापस आ गया. उसी दौरान वह व्यक्ति फिर मेरे पास आया और ‘हिंदू हो ना’ कहते हुए मेरा दाहिना हाथ पकड़ लिया और अपने हाथ में लिए चाकू से मुझ पर वार किया. मैंने उस वार से बचने की कोशिश की, लेकिन चाकू मेरी पीठ पर लग गया.”
चाकू से किया हमला
उन्होंने कहा, “मैं किसी तरह उसके चंगुल से निकलकर सुपरवाइजर के केबिन की ओर भागा और मुख्य लोहे के प्रवेश द्वार के अंदर जाकर सुपरवाइजर के केबिन में पहुंच गया. मेरे ऊपर हमला करने वाला व्यक्ति भी वहां पहुंच गया. उसने सुपरवाइजर मिश्रा से भी कहा,’तू भी हिंदू है ना? अगर नहीं है तो कलमा पढ़.’ जब मिश्रा जी कलमा नहीं पढ़ पाए, तो उस व्यक्ति ने उन पर भी चाकू से हमला कर दिया.”
सेन ने आगे बताया, “मैं डरकर वहां से भाग गया और बिल्डिंग के पीछे जाकर छिप गया. लगभग 5 से 7 मिनट बाद जब कोई हलचल दिखाई नहीं दी, तो मैंने मिश्रा सर को फोन किया. उस समय वे रोते हुए कह रहे थे, ‘मैं मर जाऊंगा, मैं मर जाऊंगा.’ इसके बाद मैं फिर से सुपरवाइजर के केबिन के पास गया, जहां हरी सिंह के साथ दो अन्य व्यक्ति मौजूद थे. तब हरी सिंह से मुझे पता चला कि जिस व्यक्ति ने मुझ पर हमला किया था, उसी ने मिश्रा सर से उनका धर्म पूछकर उन पर भी हमला किया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.”
