करोड़पति चपरासी इल्हाम शम्सी की 2 बेगमें,सास,साली,2 गर्लफ्रैंड्स,सलहज को जेल
pilibhit crorepati peon sent govt funds to three wives ,in laws, girl friends
तीन पत्नियों वाले करोड़पति चपरासी का खेल… साली-सास और महिला मित्रों को भेज दी करोड़ों की सरकारी रकम
पीलीभीत के DIOS ऑफिस में करोड़ों रुपये के आश्चर्यजनक सरकारी गबन का पता चला है. यहां एक चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने अपनी पत्नियों, साली, सास, सलहज और महिला मित्रों के खातों में सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये भेजे. पुलिस ने घोटाले में सात महिलायें पकड़ी हैं. मुख्य आरोपित और विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच जा रही है.
पुलिस ने पकड़ी सात महिलायें. (Photo: ITG)
सौरभ पांडे
पीलीभीत,02 मई 2026, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में तीन पत्नियों वाले चपरासी ने करोड़ों का खेल कर डाला. उसने अपनी तीन पत्नियों के साथ ही साली, सहलज, रिश्तेदार और महिला मित्रों के खातों में करोड़ों रुपये की सरकारी रकम भेज दी. ये मामला सामने आया तो जांच शुरू हुई.अब इसमें पुलिस ने 7 महिलायें पकड़ी हैं,जिनमें आरोपित की दो पत्नियां,साली,सास,सलहज और दो महिला मित्र शामिल हैं.
दरअसल, आरोपित चपरासी जिला विद्यालय निरीक्षक यानी DIOS कार्यालय में था, जहां ये करोड़ों रुपये का गबन हुआ. आरोपित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी है. पुलिस के अनुसार आरोपित ने महिलाओं के खातों में 8 करोड़ 15 लाख रुपये भेजे, जिनमें से 5 करोड़ 50 लाख रुपये से ज्यादा फ्रीज कराए जा चुके हैं.
बड़ा सवाल यह है कि साल 2018 से चल रहे इस खेल की भनक विभागीय अधिकारियों और तत्कालीन DIOS को कैसे नहीं लगी? फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है. यह मामला 14 फरवरी को सामने आया था, जब DIOS राजीव कुमार की शिकायत पर कोतवाली में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी और उसकी पत्नी अर्शी खातून पर मुकदमा किया गया. मुकदमा होने पर अर्शी खातून पकड़ी गई, जबकि मुख्य आरोपित इल्हाम उर रहमान शम्सी लंबे समय जमानत पर बाहर रहा.
इसी बीच जिले में नए पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव आये तो मामले की जांच तेज हुई. पुलिस ने बैंक खातों की जांच की तो फर्जी बेनिफिशियरी आईडी और ट्रेजरी टोकन जनरेशन से करोड़ों रुपये अलग-अलग खातों में भेजा जाना सामने आया. अब तक 53 संदिग्ध खातों की पहचान हो चुकी है और करोड़ों की रकम जमीन खरीद समेत अन्य जगहों पर लगाने की कहानी सामने आई.
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने कहा कि फरवरी में डीआईओएस की शिकायत पर मुकदमा हुआ था. जांच में सामने आया कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी ने सरकारी धन हड़पा. 7 महिलायें पकड़ी हैं , जिनके खातों में 8 करोड़ 15 लाख रुपये भेजे गए थे. जांच में जो भी अधिकारी या अन्य व्यक्ति शामिल मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
मुख्य आरोपित इल्हाम शम्सी खुद को बचाता रहा, लेकिन उसकी पत्नियां, रिश्तेदार और महिला मित्र पकड़ी गईं. पहले उसकी पत्नी अर्शी खातून पकड़ी गई। अब जमानत पर है. पुलिस ने उसकी दो और पत्नियों लुबना और अजरा खान को पकडा है.
इसी के साथ साली फातिमा,सलहज आफिया,सास नाहिद और दो महिला मित्र परवीन खातून व आशकारा परवीन पकड़ी गई हैं .पुलिस के अनुसार,सरकारी धनराशि बाबू,ठेकेदार, शिक्षिका बता इन महिलाओं के खातों में जाती थी और फिर उसे निकालकर प्रॉपर्टी में इनवेस्ट किया जाता है।
कौन है इल्हाम शम्सी उर्फ रहमान?
आरोपित इल्हाम शम्सी बीसलपुर तहसील के जनता इंटर कॉलेज में चपरासी था. धीरे-धीरे पहुंच बनाते वह DIOS ऑफिस से जुड़ा. 7 साल से वह डीआईओएस ऑफिस में था.उसने सिस्टम की कमियों का फायदा उठा फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाकर शिक्षकों की वेतन मद से करोड़ों रुपये अपने करीबियों के खातों में ट्रांसफर करा लिए.
14 फरवरी से 1 मई तक क्या-क्या हुआ?
बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने वेतन खातों में गड़बड़ी सूचित की थी,तब मामले में जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया.तब DIOS राजीव कुमार ने कोतवाली में मुकदमा कराया.मुकदमा होने पर पहली पकड़ अर्शी खातून की हुई.जांच आगे बढ़ी तो 53 संदिग्ध खाते चिह्नित हुए और 5.50 करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए.अब इसी मामले में 7 महिलायें धरी गई.पुलिस साल 2018 से लेकर अब तक विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका जांच रही है.

