उदयपुर फाइल्स:कल किसी और का नम्बर लग सकता है,पहले दिन सिर्फ 15 लाख बिजनेस
‘यह सिर्फ फिल्म नहीं, सच का आईना है…’, कन्हैया लाल हत्याकांड पर बनी उदयपुर फाइल्स को देख बोले दर्शक
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ रिलीज हो चुकी है. रिलीज के पहले दिन ही दर्शकों ने इसपर अपनी प्रतिक्रियाएं दी. दर्शकों का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सच का आइना है जिसे हर हिंदुस्तानी को देखना चाहिए. पिक्चर की कहानी उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल के मर्डर पर आधारित है.
फिल्म उदयपुर फाइल्स हो गई रिलीज . (Screenshot)
जयपुर,08 अगस्त 2025 । विवादों और कानूनी लड़ाई के लंबे सिलसिले के बाद आज आखिरकार ‘उदयपुर फाइल्स’ पूरे भारत में सिनेमाघरों में रिलीज हो गई. ये फिल्म 2022 में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित है, जिसने देशभर को हिला कर रख दिया था. शुरुआत में जब फिल्म का टीजर आया, तो कन्हैयालाल के परिवार ने आपत्ति जताई और राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. इसके चलते फिल्म पर अस्थायी स्टे लगा गया था.
रिलीज हुई फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’
कन्हैया लाल के परिवार का कहना था कि इस फिल्म से उन्हें मानसिक पीड़ा हो रही है और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है. लेकिन जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने ये कहते हुए स्टे हटा दिया कि किसी सच्ची घटना पर फिल्म बनाना अवैध नहीं है, जब तक वह संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन न करे. इसके बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी के साथ 8 अगस्त 2025 को रिलीज किया
रिलीज के पहले दिन ही दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी. दर्शकों का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सच का आईना है जिसे हर हिंदुस्तानी को देखना चाहिए. लोगों ने एक सुर में कहा- ‘कन्हैया लाल को न्याय मिलना चाहिए, और इस फिल्म ने उस आवाज को मजबूत किया है.’
फिल्म देखने के बाद ऑडियंस हुई भावुक
कई दर्शकों ने यह भी कहा कि उन्होंने पहली बार उस दर्द को महसूस किया, जो सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे समाज की चुप्पी का नतीजा था. इस फिल्म ने उन्हें सच्चाई से रूबरू कराया और कन्हैया लाल की मौत को केवल एक खबर न मानकर एक इंसान की पीड़ा के रूप में देखने की नजर दी. फिल्म में नफरत, धार्मिक कट्टरता और सोशल मीडिया की भूमिका को बारीकी से दिखाया गया है. लोगों का मानना है कि यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि अगर समाज चुप रहा, तो अगला शिकार कोई और हो सकता है.
क्या है पिक्चर की कहानी?
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की कहानी साल 2022 में हुए कन्हैया लाल के मर्डर पर आधारित है. कन्हैया लाल, राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले एक दर्जी थे, जिनकी दिन दहाड़े दो लोगों ने हत्या कर दी थी. बताया जाता है कि दोनों कातिल कन्हैया के भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के सपोर्ट में किए एक सोशल मीडिया पोस्ट से नाराज थे. ये मामले के चलते देशभर में हंगामा हुआ था. फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को डायरेक्टर भरत एस श्रीनेत और जयंत सिन्हा ने बनाया है. पिक्चर के प्रोड्यूसर अमित जानी हैं.
‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म को हरी झंडी, HC ने रोक लगाने से किया इनकार
दिल्ली हाई कोर्ट ने ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज़ पर रोक लगाने से मना कर दिया है. कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपित जावेद की याचिका खारिज हुई. कोर्ट ने कहा कि रिलीज़ पर रोक का कोई आधार नहीं है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित हिंदी फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका को निरस्त कर दी थी. याचिका कन्हैया लाल हत्याकांड के आरोपित जावेद मोहम्मद ने दाखिल की थी, जिसे निरस्त करते हुए अदालत ने कहा कि जब फिल्म सेंसर बोर्ड से प्रमाणित हो चुकी है, तब उस पर रोक लगाने का कोई औचित्य नहीं बनता.
अदालत ने कहा कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई वैध कारण नहीं है. अदालत के फैसले से फिल्म को कानूनी बाधाओं से राहत मिल गई है और दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई थी.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह सिद्ध करने में विफल रहा है कि उसके पक्ष में कोई प्रथम दृष्टया मामला बनता है. अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि फिल्म निर्माता ने इसमें जीवन भर की कमाई का भारी निवेश किया है और अगर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाती है, तो यह आर्थिक रूप से असंतुलन पैदा करेगा, जो निर्माता के पक्ष में नहीं होगा.
वकील कोर्ट ने माना कि फिल्म के प्रदर्शन रोकने से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी प्रभाव पड़ेगा. हालांकि अदालत ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के फिल्म को जारी प्रमाणन आदेश के खिलाफ दाखिल मुख्य याचिका पर नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा है. सुनवाई में आरोपित मोहम्मद जावेद की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने तर्क दिया कि ‘उदयपुर फाइल्स’ की विषयवस्तु उस अपराध से मेल खाती है, जिसमें उनके मुवक्किल को आरोपित बनाया गया है.
उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में जावेद की भूमिका को ठीक उसी तरह दिखाया गया है, जैसे चार्जशीट में वर्णित है और यह फिल्म उनके मुवक्किल के न्यायिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है. फिर भी अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई जा सकती.
प्रीति झंगियानी ने कानूनी चुनौतियों के बीच ‘उदयपुर फाइल्स’ का बचाव किया, कहा कि यह धर्म पर नहीं, न्याय पर केंद्रित है
प्रीति झंगियानी ने कानूनी चुनौतियों के खिलाफ ‘उदयपुर फाइल्स’ का बचाव किया।
प्रीति झंगियानी ने कानूनी चुनौतियों के बीच ‘उदयपुर फाइल्स’ का बचाव में कहा कि यह धर्म पर नहीं, न्याय केंद्रित है
अभिनेत्री प्रीति झंगियानी अपनी फिल्म “उदयपुर फाइल्स” के समर्थन में सामने आई हैं, जो रिलीज से ठीक एक दिन पहले कानूनी मुसीबत में फंस गई।
फिल्म के मूल संदेश पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धर्म नहीं, बल्कि केंद्रित है। फिल्म में पत्रकार अंजना सिंह बनी झंगियानी ने स्पष्ट किया, “उदयपुर फाइल्स धर्माधारित नहीं है – यह फिल्म सिर्फ़ न्याय का प्रतिनिधित्व करती है। यह सच्ची घटनाओं और अपराध दर्शाती है; और जब कोई जघन्य अपराध होता है, तो न्याय मिलना ही चाहिए। फिल्म इस बात पर ज़ोर देती है कि पहले देश है, फिर बाकी सब।”
दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में “उदयपुर फाइल्स” की रिलीज़ पर रोक लगाने की याचिका अंतिम समय यह कहते हुए निरस्त कर दी कि रोक लगाने का कोई ठोस प्रारंभिक आधार नहीं था। न्यायालय ने फिल्म निर्माताओं के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा की, खासकर तब जब फिल्म को पहले ही संबंधित नियामक संस्था से स्वीकृत है।
फिल्म 11 जुलाई को रिलीज़ होनी थी, लेकिन एक दिन पहले ही कानूनी चुनौती से इसकी रिलीज़ रुक गई। 10 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म प्रदर्शन पर रोक लगा स्थगनादेश जारी किया। फिल्म में दिखाए हत्याकांड के एक आरोपित जावेद के इसकी रिलीज़ के खिलाफ याचिका दायर करने पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा। हालाँकि फिल्म रोकने के कई प्रयास हुए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि फिल्म केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से पास है। आखिरकार, यह मामला केंद्र सरकार के पास पहुँचा, जिसने रिलीज़ को अनुमोदन कर दिया और फिल्म आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज़ हो सकी।
“उदयपुर फाइल्स” सच्ची घटना प्रेरित है जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। फिल्म जून 2022 में कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित है, जिन पर तत्कालीन भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट करने पर हमला हुआ था। पैगंबर मुहम्मद पर उनकी पूर्व टिप्पणियों ने पूरे देश में व्यापक अशांति पैदा कर दी थी।
अमित जानी निर्मित यह फिल्म 8 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई।
विवादों से भी नहीं मिला कोई फायदा, पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर फीकी
Udaipur Files Kanhaiya Lal Tailor Murder Day 1: फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को कोर्ट से हरी झड़ी मिली तो यह रिलीज हो सकी। लेकिन पहले दिन यह बहुत कम कलेक्शन कर सकी है। जानिए, पहले दिन ‘उदयपुर फाइल्स’ ने 15 लाख रुपए का बिजनेस किया।
‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ – फोटो : एक्स
पहले दिन का कलेक्शन
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ ने पहले दिन भारत में सिर्फ 14 लाख रुपये से अपना खाता खोला है। कुल कलेक्शन सिर्फ 15 लाख रुपये है, इसमें वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी शामिल है।
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ :एक्स (ट्विटर)
क्या है फिल्म की कहानी
‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म की कहानी राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले दर्जी कन्हैया लाल की है। साल 2022 के जून में कन्हैया लाल की हत्या मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस ने की थी। तब यह मामला काफी चर्चा में रहा। फिल्म में कन्हैया लाल की भूमिका अभिनेता विजय राज ने निभायी है।
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को करना पड़ा रिलीज को इंतजार – फोटो : एक्स (ट्विटर)
क्यों विवादों में घिरी फिल्म?
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ पर रिलीज होने से पहले कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। इससे इसकी रिलीज टल गई। यह याचिका मोहम्मद जावेद ने दायर की थी, जो कन्हैया लाल मामले में आठवां आरोपित है। आरोपित ने सुनवाई पूरी होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक मांगी थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि फिल्म ट्रेलर और प्रमोशन में सांप्रदायिक भड़काऊ दिखती है। इस समय फिल्म को रिलीज करने से उसके केस पर असर पड़ेगा। काफी इंतजार के बाद ही यह फिल्म कोर्ट से रिलीज का अनुमोदन पा सकी ।
निर्माता का उद्देश्य – घटना को सामने लाना, न कि किसी को निशाना बनाना
निर्माता अमित जानी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उनका मकसद किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि एक सच्ची घटना को जनता के सामने लाना है। फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनाते ने किया है। फिल्म में विजय राज ने कन्हैयालाल की भूमिका निभाई है, जबकि रजनीश दुग्गल और प्रीति झांगियानी भी महत्वपूर्ण चरित्र हैं।

