अविमुक्तेश्वरानंद से मांगे 10 लाख हिंदू महिलाओं के नाम,प्रदर्शन,मुकदमा
’10 लाख हिंदू लड़कियों के मुस्लिम घरों में विवाह’ वाले बयान पर आक्रोशित नाजनीन अंसारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द के खिलाफ दी लिखित शिकायत
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ’10 लाख हिंदू लड़कियों के मुस्लिम घरों में विवाह’ संबंधी विवादास्पद बयान के खिलाफ दलित महिला परिषद ने वाराणसी में प्रदर्शन …और पढ़ें
- वाराणसी में दलित महिलाओं का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर आक्रोश, इन्द्रेश कुमार का किया बचाव।
- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विवादास्पद बयान पर दलित महिलाओं का प्रदर्शन।
- खुशी रमन के नेतृत्व में वाराणसी में आक्रोश मार्च निकाला गया।
- इन्द्रेश कुमार पर लगाए आरोपों को झूठा बताया, सम्मान की मांग की।
वाराणसी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द के दिए विवादास्पद बयान के बाद, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘10 लाख हिन्दू लड़कियों का विवाह मुस्लिम घरों में करा दिया गया’, दलित महिला परिषद ने लमही के मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार पर प्रदर्शन किया। वहीं मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने लालपुर थाने में जाकर पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
दलित महिलाओं की नेता खुशी रमन के नेतृत्व में परिषद ने मुंशी प्रेमचंद स्मारक से प्रेमचंद स्मृति द्वार तक आक्रोश मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां और भिंची हुई मुट्ठियों के साथ, दलित बेटियों ने स्वामी के खिलाफ नारेबाजी की।
स्वामी का यह बयान समाज में तनाव पैदा करने वाला था। उन्होंने समाज सुधारक इन्द्रेश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 10 लाख हिन्दू बेटियों का विवाह मुसलमानों के घर करवा दिया। इस पर इन्द्रेश कुमार ने स्वामी के आरोपों को झूठा बताया।
इस विवाद ने दलित महिलाओं में गहरी नाराजगी उत्पन्न कर दी है। कहा कि इन्द्रेश कुमार, जो दलित बेटियों को अपनी बेटियों के समान मानते हैं, उन्होंने उनके लिए कई बार सम्मान प्रदर्शित किया है। अब दलित बेटियों को यह महसूस हो रहा है कि स्वामी उनके कामों को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान, स्वामी की तस्वीरों को क्रॉस करके उन पर नारे लगाए गए। महिलाओं ने स्वामी से 10 हजार नाम पूछने की मांग की, जिनका विवाह मुस्लिमों से हुआ है। खुशी रमन ने स्वामी पर आरोप लगाया कि वे कभी दलित बेटियों के विवाह में शामिल नहीं हुए और न ही किसी दलित महिला का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी का यह अपमान दलित बेटियों के लिए बहुत भारी पड़ेगा।
डॉक्टर नजमा परवीन ने भी स्वामी के बयान की निंदा की और कहा कि किसी सामाजिक नेता को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर स्वामी को 10 लाख विवाह की जानकारी थी, तो उन्होंने विरोध क्यों नहीं किया? डॉक्टर अर्चना सिंह ने कहा कि स्वामी का झूठ अब बेनकाब हो चुका है और अगर किसी महिला कार्यकर्ता को कुछ हुआ, तो स्वामी जिम्मेदार होंगे।
महिलाओं की नेता सरोज देवी ने कहा कि अगर कोई उनके गुरु के खिलाफ बोलेगा, तो वे सड़कों पर उतरेंगी। दलित महिला परिषद की यूथ कोऑर्डिनेटर उजाला ने कहा कि आजाद भारत में महिलाओं को बदनाम करने वाले को माफ नहीं किया जा सकता। स्वामी को बताना होगा कि वे हिन्दू महिलाएं कहां गईं, जिनका विवाह मुसलमानों से हुआ है।
प्रदर्शन में लक्ष्मी, धनेसरा, चिंता, दुलरा, मीरा, पूनम, सुनीता, रीता, विद्या, अंजू, माला देवी, सविता, रेखा, मनीषा, तारा, मुन्नी, चमेली, जायफल, उर्मिला, सरिता, धनमन्नी, संजु, राजकुमारी, मीना, मुन्नी, सीमा, शिवकुमारी, अनीता, अन्नू, राधा, शिखा, दक्षिता, उजाला, इली जैसी कई महिलाएं शामिल रहीं।
