अयोध्या SIT रपट सरकार को, अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी,अब कार्रवाई का रास्ता साफ

lucknowRam Mandir Donation Controversy Sit Submit Primary Report To Government
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में SIT ने सरकार को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट,  एक्शन का रास्ता साफ 

अयोध्या राम मंदिर प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इसके बाद एक्शन शुरू होने की उम्मीद की जा रही है।

अयोध्या 23 जून 2026 : उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर दान विवाद की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर तीन सदस्यीय SIT गठित की थी। SIT ने अयोध्या में 6 दिन रहकर जांच की। मामले में 5 दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ हुई। अब इस मामले में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपे जाने की बात सामने आई है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी की जांच को गठित SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह और मुख्यमंत्री संजय प्रसाद को सौंपी है। सरकार की SIT की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। टीम के अन्य सदस्यों में IG किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।

राम मंदिर प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने सरकार को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट (फोटो: वीडियो ग्रैब)

प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर हलचल
राम मंदिर दान प्रकरण की प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर हलचल तेज है। अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सीलबंद लिफाफे में जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। राम मंदिर में दान चोरी मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई थी। इसके बाद शनिवार 13 जून को सीएम योगी ने तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया। कमिटी ने सोमवार 15 जून से मामले की जांच शुरू की। 20 जून को जांच के प्रारंभिक चरण को पूरा कर कमिटी लखनऊ लौटी। इसके बाद से लगातार कमिटी की रिपोर्ट को लेकर कयासों का दौर चल रहा था।

उम्मीद थी कि तीन सदस्यीय कमिटी सोमवार को जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। हालांकि, कमिटी ने मंगलवार की सुबह अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को जांच रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार का एक्शन का रास्ता साफ  हो गया। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर गबन और चोरी के मामलों में मुकदमें होंगें । दोषियों पर कठोर  कार्रवाई होगी।

कई नामों को लेकर चर्चा
राम मंदिर SIT जांच के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने और जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब कुछ नए नामों की चर्चा तेज  है। ये लोग राम जन्मभूमि में कर्मचारी नहीं हैं। इसके बाद भी उनका जुड़ाव ट्रस्ट के प्रभावशाली लोगों से रहा है। इसका फायदा भी उन्हें मिला है। सूत्र का दावा है कि अब उन लोगों ने भी SIT पूछ सकती है। माना जा रहा है कि सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने के बाद SIT द्वितीय स्तर की जांच करने के लिए रामधाम पहुंच सकती है।

चढ़ावे की रकम मामले की जांच
SIT गठन के समय केवल मंदिर पर चढ़ावे की रकम में हेरफेर का आरोप लगा था। इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू होने के साथ आरोपों की संख्या बढ़ती चली गई। इसके बाद मामला बड़ा हो गया। हालांकि, प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार है। माना जा रहा है, जिसमें चढ़ावे की रकम को प्रमुखता दी गई है। हालांकि, चढ़ावे की रकम के बाद दान में दी गई धातुओं के सही इस्तेमाल होने या न होने का शक और मंदिर निर्माण में कमीशन लेने का आरोप जैसे मामले सामने आए हैं। अब देखना होगा कि इन मुद्दों को लेकर जांच किस प्रकार आगे बढ़ती है।

रिपोर्ट गोपनीय है… SIT हेड का एक्सक्लूसिव बयान, राम मंदिर चंदा चोरी की जांच रहेगी जारी

अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था. ट्रस्ट के अनुसार अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है. यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है.

अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने मंगलवार को शासन को रिपोर्ट सौंप दी. एसीएस गृह सचिव संजय प्रसाद को टीम ने जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. एसआईटी के प्रमुख विजय विश्वास पंत ने न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अभी प्रारंभिक रिपोर्ट है. मामले की जांच जारी रहेगी और 15 दिन में सरकार को फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर और तथ्य सामने आते हैं तो हम सरकार से समय मांगेंगे. वहीं जब रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह गोपनीय जांच रिपोर्ट है. प्रारंभिक जांच आख्या है, जिसे हमने सरकार को सौंपा है. हमने अपने दौरे में जो फाइंडिंग पाई है वह सरकार को सौंपा है.
मंगलवार को SIT ने सौंपी रिपोर्ट
अयोध्या में राम मंदिर दान के वित्तीय प्रबंधन में कथित हेराफेरी की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को उप्र सरकार के अपर मुख्‍य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक प्रतिवदेन रिपोर्ट सौंप दी. जांच दल का नेतृत्‍व कर रहे एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. एसआईटी के अध्‍यक्ष और लखनऊ के मंडलायुक्‍त विजय विश्‍वास पंत ने पत्रकारों को बताया ‘आज हमने शासन द्वारा गठित तीन सदस्‍यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट अपर मुख्‍य सचिव (गृह) को सौंपी है. यह एक प्रारंभिक प्रतिवेदन है और उसी क्रम में आज इसे अपर मुख्‍य सचिव को सौंप दिया गया है.’
13 जून को गठित हुई थी SIT की टीम
गबन से जुड़े सवालों के जवाब में उन्‍होंने कहा कि यह एक गोपनीय जांच हैं और उसे बताने के लिए हम इस समय अधिकृत नहीं हैं. उन्‍होंने कहा कि जो हमारी जांच थी, वह हमने उपलब्‍ध करा दिया है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. अधिकारियों ने बताया था कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई. यह दल तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध में लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा.

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