बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला, सुको सुनवाई 10 दिसंबर तक टली

बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला, 10 दिसंबर को होगी मामले की सुनवाई
रेलवे भूमि पर अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट 10 दिसंबर को सुनवाई करेगा. बनभूलपुरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है, कई संदिग्ध गिरफ्तार हुए हैं.
BANBHULPURA RAILWAY LAND VERDICT
रेलवे लैंड अतिक्रमण मामला

हल्द्वानी 02 दिसंबर2025 : हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण की गई भूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला फिलहाल टल चुका है. एसआईआर में सुनवाई के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो पाई. मामले पर अगली सुनवाई 10 दिसंबर को होगी. हालांकि, फैसला आने को लेकर पूर्व में ही प्रशासन ने सभी तैयारी कर ली है. क्षेत्र में भारी फोर्स को तैनात किया गया. नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पुलिस ने फुलप्रूफ सुरक्षा की हुई है. उपद्रव फैलाने की प्लानिंग कर रहे 23 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है.

रेलवे भूमि पर से अतिक्रमण हटाने पर आज आना था फैसला: नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा इलाके में रेलवे विभाग की 30 हेक्टेयर भूमि में अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 10 दिसंबर को सुनवाई करेगा. ऐसे में प्रशासन द्वारा बनभूलपुरा को छावनी में बदल दिया गया है. जगह जगह पुलिस फोर्स और पीएसी  तैनात कर रूट डायवर्ड किए गया था.

बनभूलपुरा रेलवे जमीन अतिक्रमण मामले पर फैसले का दिन
ड्रोन कैमरों से रखी जा रही बनभूलपुर में नजर: 7 ड्रोन कैमरों से क्षेत्र में नजर रखी जा रही थी. सोमवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था. 121 लोगों पर निरोधात्मक एक्शन हुआ था.

बनभूलपुरा में 7 ड्रोन से रखी जा रही है नजर
SSP ने कहा कि यदि दंगा भड़काने की साजिश हुई, तो सीधे जेल होगी. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नज़र बनाए हुए है. इतना ही नहीं, आज भी पुलिस ने कुछ अराजकतत्वों को हिरासत में लिया है.

सुप्रीम कोर्ट जजमेंट को देखते हुए एहतियात के तौर पर लॉ एंड ऑर्डर के व्यापक प्रबंध किए गए हैं. इस पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र में कुल मिलाकर तीन एसपी, चार सीओ, 8 से भी अधिक इंस्पेक्टर, 8 एसएचओ/एसओ, 400 प्लस पुलिस बल और दो कंपनी पीएसी, फायर यूनिट्स, फायरिंग स्क्वायड्स, टियर गैस स्क्वायड तैनात हैं. फील्ड असेसमेंट के आधार पर 23 लोगों को प्रीवेंटिव डिटेंशन में गिरफ्तार किया है. ये वह लोग है जो यहां क्षेत्र का माहौल खराब करने के लिए संसाधन और लोगों को इकट्ठा कर रहे थे. यह माहौल खराब करने की फिराक में थे. सोशल मीडिया पर भी लगातार पैनी नजर बनी हुई है. कोई भी माहौल करने की कोशिश करेंगे तो वह सब ऑब्जर्वेशन में है. उसे वैसे ही ट्रीट किया जाएगा.
– मंजू नाथ टीसी, एसएसपी –

पुलिस इस बार कोई ढिलाई नहीं छोड़ना चाहती है
2023 से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है मुकदमा: गौरतलब है कि वर्ष 2023 में नैनीताल हाईकोर्ट ने एक पीआईएल में सुनवाई करते हुए जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे. जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने जिला प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया गया था. लेकिन विरोध और स्थानीय लोगों के सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने के बाद मामला टल गया था. तब से लेकर मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी.

पुलिस ने पहले ही कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया
आज मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बड़ा फैसला देना था. 30 हेक्टेयर अतिक्रमण हुई भूमि में 3,660 पक्के मकान हैं. इसमें पांच हजार से अधिक परिवार निवास करते हैं. ऐसा अनुमान है कि यहां करीब 50 हजार लोग रहते हैं.

पुलिस ने पहले ही कई संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया
पिछले साल बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा हुई थी: गौरतलब है कि बनभूलपुरा में ही अतिक्रमण हटाने के दौरान पिछले साल 8 फरवरी को उपद्रवियों ने फसाद कर दिया था. इस उपद्रव में कई लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे.

बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
उपद्रवी भीड़ ने थाना तक जला दिया था. इस घटना का मुकदमा अभी भी चल रहा है. इसी कारण इस संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए जिला प्रशासन ने तगड़ी तैयारी करने का दावा किया है.

बनभूलपुरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस, पीएसी तैनात
सोमवार को आरपीएफ और जिला पुलिस ने क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया था. लोगों से अपील की गई कि किसी भी भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें. कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसका सम्मान किया जाए.

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