नीचता-दोगलापन:ईरान ने कश्मीर से लिया पांच अरब दान,लेकिन नही माना भारत का हिस्सा
ईरानी घटियापन, कश्मीर से ली सोने की मदद लेकिन नहीं माना भारत का हिस्सा, पाकिस्तानी शिकायत पर पोस्ट तक डिलीट
Iran In India: ईरान भारत के लोगों से दान ले रहा है और इसके लिए ईरानी दूतावास ने अकाउंट नंबर और यूपीआई आईडी जारी किया हुआ है। मार्च 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर घाटी से ही ईरान के लिए करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान इकट्ठा किया गया है।
ईरान ने कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाला पोस्ट किया डिलीटहैरानी की बात देखिए उसी ईरान के लिए श्रीनगर के शिया-बहुल इलाकों जदीबल और हसनबाद के सेंट्रल पार्कों में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की विशाल तस्वीरें आज भी लगी हुई हैं। ईरान में चल रहे संघर्ष से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए घाटी भर में चंदा अभियान चलाया जा रहा है लेकिन ईरानी दूतावास अपनी पोस्ट पर कायम नहीं रह सकता है। वो कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने से डरता है। वो अपने पोस्ट को डिलीट कर भाग उठता है।
ईरानी दूतावास ने किया था कश्मीरी महिला पर पोस्ट।
दरअसल ईरानी दूतावास ने एक पोस्ट किया था जिसमें भारत के प्रति आभार जताया गया था। इसमें कहा गया था ‘कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने अपने पति की याद में सहेजकर रखा हुआ सोना, जिनका 28 साल पहले निधन हो गया था, ईरान के लोगों के प्रति प्रेम और एकजुटता से भरे दिल के साथ दान कर दिया। आपके आंसू और आपकी पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा स्रोत हैं और इन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। धन्यवाद #कश्मीर। धन्यवाद #भारत।’
पाकिस्तानियों की शिकायत पर इस पोस्ट को किया गया डिलीट।

भारत से ईरान को अभी तक कितना दान दिया गया है?
ईरान भारत के लोगों से दान ले रहा है और इसके लिए ईरानी दूतावास ने अकाउंट नंबर और यूपीआई आईडी जारी किया हुआ है। मार्च 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर घाटी से ही ईरान के लिए करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान इकट्ठा किया गया है। लोगों ने नकदी के अलावा अपने सोने-चांदी के गहने, कीमती बर्तन, यहां तक कि अपनी कार और बाइक भी दान कर दी हैं। ईरानी दूतावास ने भारत में दान के लिए एक समर्पित बैंक खाता और QR कोड भी जारी किया है जिसमें देशभर से लोग योगदान दे रहे हैं। भारत सरकार ने 18 मार्च 2026 को ईरान के लिए चिकित्सा सहायता की पहली खेप भेजी है। यह सहायता हवाई मार्ग से भेजी गई और इसे ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी को सौंपा गया।

