नीचता-दोगलापन:ईरान ने कश्‍मीर से लिया पांच अरब दान,लेकिन नही माना भारत का हिस्सा

ईरानी घट‍ियापन, कश्मीर से ली सोने की मदद लेकिन नहीं माना भारत का हिस्सा, पाकिस्‍तानी श‍िकायत पर पोस्ट तक डिलीट
Iran In India: ईरान भारत के लोगों से दान ले रहा है और इसके लिए ईरानी दूतावास ने अकाउंट नंबर और यूपीआई आईडी जारी किया हुआ है। मार्च 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर घाटी से ही ईरान के लिए करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान इकट्ठा किया गया है।
तेहरान/नई दिल्ली 23 मार्च 2026 : ईरान को भारत के लोग सहानुभूति दिखाते हुए भारी भरकम पैसे मदद के नाम पर भेज रहे हैं। लेकिन कश्मीर को लेकर ईरान दोगलापन कर रहा है। ईरान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए कश्मीर के लोगों को शुक्रिया अदा किया था लेकिन कुछ पाकिस्तानियों की शिकायत पर भारत स्थिति ईरानी दूतावास पोस्ट डिलीट कर देता है। मतलब इससे ज्यादा दोगलापन क्या हो सकता है कि आपको कश्मीर के लोग दान में सोना दे रहे हैं, चांदी दे रहे हैं और पैसे भेज रहे हैं लेकिन ईरानी उस कश्मीर को भारत का हिस्सा मानने से डर रहे हैं।

ईरान ने कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाला पोस्ट किया डिलीट

हैरानी की बात देखिए उसी ईरान के लिए श्रीनगर के शिया-बहुल इलाकों जदीबल और हसनबाद के सेंट्रल पार्कों में मारे गए ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की विशाल तस्वीरें आज भी लगी हुई हैं। ईरान में चल रहे संघर्ष से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए घाटी भर में चंदा अभियान चलाया जा रहा है लेकिन ईरानी दूतावास अपनी पोस्ट पर कायम नहीं रह सकता है। वो कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने से डरता है। वो अपने पोस्ट को डिलीट कर भाग उठता है।

iran embassy in india kashmir post deleteईरानी दूतावास ने किया था कश्मीरी महिला पर पोस्ट।

ईरान ने कश्मीर को भारत का हिस्सा बताने वाला पोस्ट डिलीट किया

दरअसल ईरानी दूतावास ने एक पोस्ट किया था जिसमें भारत के प्रति आभार जताया गया था। इसमें कहा गया था ‘कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने अपने पति की याद में सहेजकर रखा हुआ सोना, जिनका 28 साल पहले निधन हो गया था, ईरान के लोगों के प्रति प्रेम और एकजुटता से भरे दिल के साथ दान कर दिया। आपके आंसू और आपकी पवित्र भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सांत्वना का सबसे बड़ा स्रोत हैं और इन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। धन्यवाद #कश्मीर। धन्यवाद #भारत।’

iran embassy in india kashmir post deleteपाकिस्तानियों की शिकायत पर इस पोस्ट को किया गया डिलीट।

ईरानी दूतावास ने इस पोस्ट के साथ हैशटैग में भारत का भी नाम लिया था। इस पर कुछ पाकिस्तानियों ने शिकायत करनी शुरू कर दी। वजाहत काजमी नाम के पाकिस्तानी पत्रकार ने ईरान दूतावास के पोस्ट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि ‘हे ईरान, कश्मीर भारत का नहीं है। इस पर भारत की तरफ से अवैध तरीके से कब्जा किया गया है और ये पाकिस्तान का है। अपने फैक्ट को सही करो।’ इसके बाद दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पोस्ट को डिलीट कर गायब हो गया। यानि कश्मीर की जिस महिला ने अपने पति की आखिरी निशानी तक ईरान को दान में दे दिया उस महिला के साथ भी ईरान खड़ा नहीं रह सका।

भारत से ईरान को अभी तक कितना दान दिया गया है?

ईरान भारत के लोगों से दान ले रहा है और इसके लिए ईरानी दूतावास ने अकाउंट नंबर और यूपीआई आईडी जारी किया हुआ है। मार्च 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर घाटी से ही ईरान के लिए करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान इकट्ठा किया गया है। लोगों ने नकदी के अलावा अपने सोने-चांदी के गहने, कीमती बर्तन, यहां तक कि अपनी कार और बाइक भी दान कर दी हैं। ईरानी दूतावास ने भारत में दान के लिए एक समर्पित बैंक खाता और QR कोड भी जारी किया है जिसमें देशभर से लोग योगदान दे रहे हैं। भारत सरकार ने 18 मार्च 2026 को ईरान के लिए चिकित्सा सहायता की पहली खेप भेजी है। यह सहायता हवाई मार्ग से भेजी गई और इसे ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी को सौंपा गया।

US Israel War against Iran: ईद के मौके पर पूरे देश के मुस्लिम समुदाय  ने ईरान से एकजुटता दिखाई. कश्मीर में तो लोगों ने, यहां तक कि छोटी बच्चियों ने अपने जमा किए गए पैसों, तांबे के बर्तनों और गहनों का दान किया।

अमेरिका और इजरायल के युद्ध के 24 दिन बाद ईरान ने भारत के दान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है

भारत में मुस्लिम समुदाय ने ईद के मौके पर ईरान के पुनर्निर्माण को तांबे के बर्तनों और गहने दान किए हैं

कश्मीर के लोगों ने भी ईरान की सहायता के लिए नकद और आभूषण दान कर अपनी मानवता और एकजुटता दिखाई है

अमेरिका और इजरायल के जंग को 24 दिन हो गए हैं और ईरान को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. ऐसे में भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने ईरान को फिर से खड़ा करने, उसके पुनर्निमाण को पैसे और अपने गहने दान करने वाले भारतीयों की “दयालुता” और “मानवता” को धन्यवाद दिया है. ईरान ने कहा कि वह भारत की यह दया हमेशा याद रखेगा. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम आपकी दयालुता और मानवता को कभी नहीं भूलेंगे. धन्यवाद, भारत.”

दरअसल ईद के मौके पर पूरे देश के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईरान से एकजुटता दिखाई. कश्मीर में तो लोगों, यहां तक कि छोटी बच्चियों ने अपने जमा किए गए पैसे, तांबे के बर्तन और गहने दान किये. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इन्हीं वीडियो पर रिएक्ट करते हुए ईरानी दूतावास ने लिखा, “कृतज्ञता भरे दिल के साथ, हम कश्मीर के दयालु लोगों का ईमानदारी से धन्यवाद करते हैं, जो मानवीय सहायता और दिल से समर्थन देकर ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे. इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा. धन्यवाद, भारत.”

We will never forget your kindness and humanity.
Thank you, India. https://t.co/hiYnIEfN3D

— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
दूतावास ने एक महिला के त्याग का भी उल्लेख किया, जिसने अपने पति की याद में रखा सोना दान कर दी. उस महिला के पति की 28 साल पहले मृत्यु हो गई थी. “कश्मीर की एक सम्मानित बहन ने अपने पति की याद में रखा सोना दान कर दिया, जिनका 28 साल पहले निधन हो गया था. उन्होंने ईरान के लोगों से प्यार और एकजुटता के साथ यह दान दिया. आपके आंसू और सच्ची भावनाएं ईरान के लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा हैं और इन्हें कभी नहीं भुलाया जाएगा. धन्यवाद, कश्मीर. धन्यवाद, भारत.”

A respected sister from Kashmir, donated the gold kept as a memento of her husband who passed away 28 years ago with a heart full of love and solidarity for the people of #Iran.
Your tears and pure emotions are the greatest source of comfort for the people of Iran and will never… pic.twitter.com/0zFcJwGhj0

— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
दूतावास ने यह भी कहा, “कश्मीरी बच्चे भी ईरान को उपहार के रूप में अपनी गुल्लक दे रहे हैं. अल्लाह आपको आशीर्वाद दें.”

ईरान के सर्मथन में उतरा कश्मीर
बडगाम के स्थानीय लोगों ने ईरान के समर्थन के लिए सोना, चांदी और नकद दान दिया है, जिससे उन्होंने ईरान के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बडगाम के मोहसिन अली ने कहा कि दान इकट्ठा करने को मस्जिद इमाम ज़मान में एक स्टॉल लगाया गया था. मोहसिन अली ने कहा, “मस्जिद इमाम जमान में हमने दान इकट्ठा करने के सच्चे उद्देश्य से एक स्टॉल लगाया. हमारी माताएं और बहनें आभूषण, तांबा के बर्तन और नकद दे रही हैं ताकि हम मौजूदा स्थिति में ईरान की मदद कर सकें.”

उन्होंने कहा कि चूंकि वे ईरान जाकर मदद नहीं कर सकते, इसलिए कम से कम आर्थिक सहायता देकर ईरान की मदद कर सकते हैं और मानवता की सेवा कर सकते हैं.

तेहरान ने निभाई दोस्ती- ईरानी राजनयिक
इससे पहले मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसायब मोतलघ ने शुक्रवार को कहा था कि होर्मुज से भारतीय जहाज सुरक्षित रास्ता देने का तेहरान का फैसला नई दिल्ली से उसकी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती दिखाता है. मोतलघ ने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का मित्र और पार्टनर रहा है और तेहरान के अधिकारी मौजूदा संघर्ष के बीच भारत में गैस की कमी की स्थिति को लेकर चिंतित थे.

 

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