फैशन टीवी नाम पै 200 ठगे:पूरे देश में फैलाया जाल, 500 करोड़  की ठगी,काशिफ खान समेत 4 पकड़े

फैशन टीवी फ्रेंचाइजी के नाम पर 500 करोड़ की ठगी, शातिरों ने 200 से अधिक व्यवसायी बने शिकार

The accused include the managing director, operations head and finance controller of the fake company.

लखनऊ/गोरखपुर 11 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी के गोमती होटल में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में देश भर से पहुंचे पीड़ित व्यापारियों ने कथित तौर पर फैशन टीवी के नाम पर चल रहे 500 करोड़ रुपए से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा किया। पीड़ितों का दावा है कि इस फर्जी निवेश योजना में 200 से ज्यादा व्यवसायी ठगी का शिकार हुए हैं, जिनमें से कई ऋण में डूबकर आर्थिक रूप से नष्ट हो चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लखनऊ के मनोज अग्रवाल, दिल्ली के विकास बंसल और मुंबई के राजेश तलवानी सहित कई व्यापारियों ने अपनी विपदा बताई। उनका आरोप है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा आर्थिक अपराध है, जिसमें लोगों को एक साल में 80% तक लाभ का लोभ देकर फंसाया गया।

पीड़ितों के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधि सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार करते थे और निवेश पर भारी रिटर्न का भरोसा दिलाते थे। शुरुआत में भरोसा जीतने के बाद कूटनीतिक प्रपत्रों से करोड़ों रुपए वसूले जाते थे। दिल्ली से आए विकास बंसल ने कहा कि इस घोटाले ने सैकड़ों परिवार नष्ट कर दिये। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगा दी, जबकि कुछ ने ऋण लेकर निवेश किया। अब वे आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं।

मुंबई के व्यवसायी राजेश तलवानी ने भावुक हो बताया कि उन्होंने करीब 12 साल पहले 3 करोड़ रुपए निवेश किए थे, जो आज के हिसाब से लगभग 30 करोड़ रुपए के बराबर होते हैं। लेकिन उन्हें अब तक एक पैसा भी वापस नहीं मिला। जरूरत पड़ने पर पैसे मांगने पर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। पीड़ितों ने मुख्य आरोपित काशिफ खान पर न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी, बल्कि ड्रग्स और सेक्स रैकेट जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग और पुलिस के कुछ तत्व मामला दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ितों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोपित का पासपोर्ट जब्त कर उच्च स्तरीय जांच की भी मांग उठाई।

प्रेस कांफ्रेंस में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपित ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और कारोबारी राज कुंद्रा के साथ जुड़ाव दिखाकर लोगों का भरोसा जीता। पीड़ितों का कहना है कि बड़े नामों के इस्तेमाल से निवेशक आकर्षित किये गये, इसलिए इस एंगल की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पीड़ितों ने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि उनके परिवार, भविष्य और मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालने वाला मामला है। उन्होंने सरकार से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय देने की मांग की है।

फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मास्टर माइंड कशीफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक के हस्ताक्षर का आज जेल में नमूना लिया गया।  नमूना फोरेंसिक जांच को भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस फर्जी एग्रीमेंट पर किए गए हस्ताक्षरों से मिलान कराएगी। इसके बाद पुलिस आरोपित और उसके साथियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी। पुलिस का दावा है कि यह सभी कार्रवाई एक हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी। पुलिस अधीक्षक नगर निमिष पाटिल ने बताया कि हस्ताक्षर के नमूनों को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाएगा कि एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर असली हैं या फर्जी। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में आरोपितों के विरुद्ध ठोस साक्ष्यों का आरोप पत्र न्यायालय में दिया जाएगा।

पकड़े गए आरोपित पूरे देश में महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाते थे और उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सलून फ्रेंचाइजी का मालिक बनने का वादा करते थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में बुलाया जाता था और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख से एक करोड़ रुपये तक लिए जाते थे। समझौते पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर उन्हें थमा दिया जाता था। जांच में आया कि आरोपित एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में लोगों से रुपये मंगाते थे।
मुंबई में गिरफ्तार आरोपित

फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी के तीन आरोपितों को रामगढ़ताल पुलिस ने शुक्रवार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा शामिल हैं।

रामगढ़ताल पुलिस आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर शहर ला रही है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश करेगी। मामले में एक आरोपित वैभव मणि त्रिपाठी पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

मामले की शिकायत जूही सिंह (पत्नी राकेश सिंह, निवासी शिवपुर कॉलोनी, रामगढ़ताल) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। जूही सिंह पार्क हॉस्पिटैलिटी फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। आरोप है कि वैभव ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित बता कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया।

आरोप है कि जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने आरोपित वैभव मणि के झांसे में आकर अलग-अलग किस्तों में करीब एक करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपित और उनके सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। यह राशि फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई। जांच में पता चला कि न कभी फ्रेंचाइजी दिलाई गई और न ही किसी वैध अनुबंध का पालन हुआ।
बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी अनुबंध या भुगतान से साफ इनकार किया। प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर पाए गए, जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई।

जब जूही ने रुपये वापस मांगे तो आरोपित ने जानमाल के नुकसान की धमकी दी। पुलिस ने आरोपित वैभव को फरवरी में पकड़ा था । पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े के मुख्य  आरोपितों ा काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा के नाम बताए थे।
वैभव से पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई पहुंची रामगढ़ताल पुलिस की टीम ने एक अप्रैल को आरोपित पकड़ लिये।

सहजनवां के जनप्रतिनिधि भी हुए ठगी के शिकार, गंवा चुके हैं 80 लाखEven public representatives from Sahjanwa were duped in the name of a fake Fashion TV franchise.

फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपियों ने सहजनवां के एक जनप्रतिनिधि को भी अपने जाल में फंसाया और उनके 80 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में पुलिस ने पहले ही जनप्रतिनिधि के एक परिचित वैभव मणि त्रिपाठी को जेल भेजा था, जिसने जालसाजों से डील की मध्यस्थता की थी। पुलिस इस मामले में ठगी के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को अब तक जेल भिजवा चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
ठगी की शिकार रामगढ़ताल थानाक्षेत्र की शिवपुर कॉलोनी की रहने वाली जूही सिंह ने वैभव, करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनौडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बीते फरवरी माह में पुलिस ने आरोआरोपि भव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे गए वैभव मणि ने फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर सहजनवां के जनप्रतिनिधि के भी 80 लाख रुपये लगवा दिए थे। आरोपितों ने उन्हें मुंबई बुलाकर 39 पन्ने के फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए। जब जनप्रतिनिधि को धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

एसपी सिटी निमिष पाटिल के अनुसार पूछताछ में पता चला कि ठगी के मास्टरमाइंड काशिफ खान का फैशन टीवी से करार था लेकिन उसे फ्रेंचाइजी देने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद उसने पूरे देश में लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस अब अन्य आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी को छापे मार रही है।

ऐसे करते थे ठगी
पकड़े गए आरोपित पूरे देश में महत्वाकांक्षी उद्यमियों को निशाना बनाते थे और उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सलून फ्रेंचाइजी का मालिक बनने का वादा करते थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में बुलाया जाता था और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख से एक करोड़ रुपये तक लिए जाते थे। समझौते पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर उन्हें थमा दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में लोगों से रुपये मंगाते थे।
39 पृष्ठों के समझौते पर कराते थे हस्ताक्षर
जांच में आया कि आरोपित, ठगी के शिकार पीड़ितों से 39 पृष्ठों वाला फ्रेंचाइजी का समझौता पत्र पर हस्ताक्षर कराते थे। यह असली कंपनी के बजाय किसी अलग फर्म के स्टांप पेपर पर बनाया जाता था। कंपनी की ओर का पृष्ठ पूरी तरह खाली था, जिसमें कोई नाम, पद या हस्ताक्षर नहीं थे। केवल पीड़ित के जाली हस्ताक्षर दिखाए गए थे। यह पूरी तरह फर्जी पाया गया। पीड़िता जूही सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसे दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बावजूद, गिरोह ने इसे पेश कर उन्हें व्यावसायिक धोखाधड़ी में फंसा दिया।
पूरे देश में है मुकदमें
फैशन टीवी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान के खिलाफ लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बडोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर सहित कई प्रदेशों में झूठे प्रपत्र तैयार कर धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में कुल 12 आपराधिक मुकदमें हैं।
लखनऊ में भी है जालसाजों पर मुकदमा
लखनऊ निवासी मनोज कुमार अग्रवाल ने भी आरोपित काशिफ खान और उसके सहयोगियों की धोखाधड़ी की शिकायत की थी। उन्होंने काशिफ खान को फ्रेंचाइजी को 53 लाख रुपये दिए लेकिन उन्हें फ्रेंचाइजी नहीं दी गई। उल्टे हत्या की धमकी दी गई। जांच में यह भी आया कि काशिफ खान फैशन टीवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कभी निदेशक नहीं था।

मंत्रालय कार्पोरेट मामलों (एमसीए) के रिकार्ड की जांच में यह भी आया कि काशीफ खान फैशन टीवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में कभी निदेशक के पद पर नहीं था, उसके नाम से किसी भी प्रकार की निदेशक नियुक्ति फाइलिंग नहीं है, उसने झूठी पहचान के आधार पर लोगों को गुमराह किया।

 

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