SIR:दिल्ली का सलीम निकला बरेली का ओमप्रकाश,हो गई सपरिवार घरवापसी
bareilly Sir 2025 Up Reunites Om Prakash With His Family Who Disguised As Salim
दिल्ली के सलीम तो बरेली के ओमप्रकाश निकले! SIR ने 25 साल बाद कराई वेदराम के बेटे की हिंदू धर्म में वापसी
SIR in UP: उत्तर प्रदेश के बरेली में एसआईआर की प्रक्रिया ने एक ऐसे व्यक्ति को अपने परिवार से मिला दिया, जो 25 साल पहले ओमप्रकाश से सलीम बन गया था।
बरेली 30 नवंबर 2025 । उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्यों में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया जारी है। वोटर लिस्ट को फिर से अपडेट करने अलग-अलग शहरों, गांवों और कस्बों में बीएलओ मैदान में उतरे हुए हैं। लोगों को बताया जा रहा है, समझाया जा रहा है कि एसआईआर का फॉर्म भरना उनके लिए कितना जरूरी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के बरेली से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया। एक व्यक्ति, जो मुस्लिम बन चुका था और अपने गांव से दूर, निकाह के बाद अलग जिंदगी जी रहा था, अब एसआईआर ने उसे फिर से हिंदू बना दिया है। आइए, आपको ये पूरी कहानी बताते हैं।
उत्तर प्रदेश में एसआईआर से एक बेटा अपने परिवार को वापस मिल गया
बात 25 साल पहले की है। बरेली के शाही इलाके में काशीपुर गांव के रहने वाले, वेदराम का 15 वर्षीय बेटा ओमप्रकाश परिवार वालों की किसी बात से नाराज होकर घर से निकल गया। पहले कुछ दिन आसपास के इलाकों में रहकर मेहनत-मजदूरी की और इसके बाद ओमप्रकाश दिल्ली चला गया। यहां ओमप्रकाश को काम तो मिल गया, लेकिन रहने को किराए का कमरा तलाशा तो उनसे आईडी मांगी गई। ऐसे में, दिल्ली के उस्मानपुर इलाके के कुछ लोगों ने सलीम के नाम से उनका वोटर कार्ड बनवा दिया। पिता का नाम ताहिर हुसैन लिखवाया गया।
ओमप्रकाश अब सलीम के नाम से अपनी आगे की जिंदगी जीने लगा। इधर, गांव में उनके पिता का निधन हो गया और घरवालों ने मान लिया कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। कुछ समय बीता और सलीम ने दिल्ली में ही शाहरबानो नाम की महिला से निकाह कर लिया। निकाह बाद सलीम की चार बेटियां और एक बेटा हुआ। तीन बेटियों का निकाह भी हो गया और यहां तक सब कुछ ठीक चल रहा था। इसी बीच, उत्तर प्रदेश में एसआईआर शुरू हो गई और सलीम को लगा कि अगर दिल्ली में ये प्रक्रिया शुरू हुई, तो वह अपना पुराना रिकॉर्ड कहां से दिखाएंगे?
शुद्धिकरण हुआ, सलीम वापस बने ओमप्रकाश
ऐसे में सलीम ने गांव लौटने का फैसला लिया। अपने 15 साल के बेटे जुम्मन और बड़ी बेटी के साथ शुक्रवार को वह अपने गांव लौट आया। परिवार और गांव के लोगों को पता चला कि उनका ओमप्रकाश जीवित है और 25 साल बाद घर लौट आया है, तो बैंड-बाजे के साथ उनका स्वागत किया गया। हालांकि, परिवार के लोगों को इस बात से हैरानी हुई कि उनके बेटे ने मुस्लिम बन अपना नाम सलीम रख लिया है। इसके बाद परिवार ने उनका शुद्धिकरण कराया और सलीम हिंदू धर्म अपनाकर वापस ओमप्रकाश बन गया। अब वह अपने परिवार को भी बरेली बुलाकर, बाकी की जिंदगी गांव में ही गुजारेंगा।

