संदीप बंसल का हत्यारा सलीम खान निकला एक्स मुस्लिम सलीम अहमद वास्तिक,पुलिस को मिली थी टिप

Killer Salim Wastik Story Selling Ancestral Home in Village Becomes a Snare Police Launch Investigation
26 साल बाद गांव में पुश्तैनी मकान बेचना सलीम वास्तिक के लिए बन गया फांस, जिंदा देख लोग हुए हैरान

यूट्यूबर सलीम वास्तिक को एक छोटी से गलती भारी पड़ गई। गांव में पुश्तैनी मकान बेचना उसकी चूक बन गई। दिसंबर 2025 में आरोपित अपने गांव में पुश्तैनी मकान बेचने पहुंचा तो लोगों ने उसको पहचान लिया। उसके जीवित होने का भेद खुला तो पुलिस जांच हुई। आखिरकार आरोपित पकड़ा गया।

सलीम खान उर्फ सलीम वास्तिक की एक छोटी सी गलती ने उसे 26 साल बाद दोबारा जेल पहुंचा दिया। दरअसल 1995 में स्कूली बच्चे की हत्या बाद सलीम खान कभी अपने गांव नहीं गया था।

2000 में जेल से जमानत पर बाहर आकर आरोपित ने अपने ही गांव में अपनी ही मौत की अफवाह फैला दी। गांव में रहने वाले उसके भाई ने हार्ट अटैक से उसकी मौत के बारे में लोगों को बताया।

सलीम भी कभी गांव नहीं पहुंचा तो वहां के लोगों ने उसकी मौत पर यकीन कर लिया । अब जब कभी भी पुलिस की टीम उसकी तलाश में गांव पहुंचती तो गांव वाले उसकी मौत बता टीम को वापस भेज देते थे।

सलीम वास्तिक की फाइल फोटो
बुजुर्ग ने दी सलीम के जिंदा होने की जानकारी

इस बीच दिसंबर 2025 में आरोपित अपने गांव पुश्तैनी मकान बेचने पहुंचा तो लोगों ने उसको पहचान लिया। 26 साल बाद उसे जिंदा देखकर लोग हैरान हुए। अपराध शाखा टीम उसे ढूंढने गांव पहुंची तो एक बुजुर्ग ने उसके जिंदा होने की जानकारी दी।

यूट्यूबर सलीम वास्तविक
करनाल, अंबाला के अलावा हरियाणा के कई इलाकों में छिपकर रहा

बुजुर्ग ने टीम को बताया कि लोनी निवासी सलीम वास्तिक ही हत्यारा सलीम खान है। तब अपराध शाखा  टीम ने चुपचाप पड़ताल की। जब  पुष्टि हो गई कि सलीम वास्तिक की सलीम खान है तो उसे दबोच लिया गया। कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है।

सलीम की पुरानी फोटो
पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की टीम ने आरोपित से पूछताछ की। आरोपित ने बताया कि 2000 में जेल से बाहर आ वह करनाल, अंबाला के अलावा हरियाणा के कई इलाकों में छिपकर रहने लगा। हरियाणा में उसने लोहे की अलमारी बनाने का काम शुरू कर दिया।

सलीम की पुरानी फोटो
2010 में लोनी में पहचान बदलकर खोली दुकान

10 साल बाद 2010 में वह अपनी पहचान बदल अशोक विहार, लोनी, गाजियाबाद में रहने लगा। यहां उसने महिलाओं के कपड़े और उनसे जुड़े सामान की दुकान खोल ली। बाद में वह सलीम अहमद से सलीम वास्तिक हो गया। अपने बयानों को लेकर वह आसपास  में चर्चा का विषय रहने लगा।

सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज – फोटो : वीडियो ग्रैब
सलीम पर हुआ था जानलेवा हमला
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि सलीम ने इस्लाम मजहब से दूरी बना ली है। इसके बाद उसने खुद को एक्स मुस्लिम लिखना शुरू किया। इसके अलावा उसने अपना यूट्यूब चैनल सलीम वास्तिक 0007 बना लिया।

सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले का नया फुटेज – फोटो : वीडियो ग्रैब
इसके बाद उसने इस्लाम धर्म और उसकी रुढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों के खिलाफ कई वीडियो अपने चैनल पर पोस्ट किए। अक्सर वह इस तरह की वीडियो बनाने लगा तो समाज के लोग उससे नाराज रहने लगे। सलीम ने अपने कई वीडियो में पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ की।

27 फरवरी 2026 को सलीम अपने दफ्तर में मौजूद था। इस बीच जीशान और गुलफाम नामक दो भाइयों ने उसके दफ्तर में घुसकर उसका गला रेतने का प्रयास किया। उस पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर रोपितत  भाग गए।

सलीम वास्तिक गिरफ्तार –
बेहद नाजुक हालत में सलीम वास्तिक को जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे साकेत स्थित मैक्स रेफर कर दिया। इस बीच यूपी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों जीशान और गुलफाम को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया।

आरोपित फेमस यूट्यूबर सलीम वास्तिक गिरफ्तार
करीब एक माह अस्पताल में रहने के बाद 25 मार्च 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी। अब अगले एक माह बाद ही पुलिस ने उसे धरदबोचा। दिल्ली पुलिस सलीम वास्तिक की गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है। सलीम की तकड के बाद सोशल मीडिया पर खूब बयानबाजी भी हो रही है।

31 साल पहले बच्चे को मारा, फिर कागजों में खुद का ‘कत्ल, ‘Ex मुस्लिम’ सलीम वास्तिक के खूनी अतीत की पूरी कथा

खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ कहने वाले चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के रिकॉर्ड और दुनिया की नजरों में वह बरसों पहले ही ‘दम तोड़’ चुका था, लेकिन इंटरनेट पर मिली नई पहचान ने ही उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.

13 साल के बच्चे की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे अपराधी ने कागजों में खुद की ही ‘हत्या’ कर दी. पुलिस रिकॉर्ड और दुनिया की नजरों में वह ‘दम तोड़’ चुका था, लेकिन इंटरनेट ने उसे जिंदा कर दिया. वह न सिर्फ जिंदा हुआ बल्कि यूट्यूब पर बैठकर लोगों को मजहबी कुरीतियों पर ज्ञान बांटने लगा. लेकिन इसी प्रसिद्धी ने उसे जेल पहुंचाने का रास्ता साफ कर दिया. शनिवार को पुलिस ने खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ बताते चर्चित यूट्यूबर सलीम वास्तिक को पकड़ लिया. कैसे उसने 31 साल पहले बच्चे की हत्या की, आजीवन कारावास होने पर कैसे कानून की आंखों में धूल झोंककर नई पहचान ओढ़ ली, और अब कैसे पुलिस ने उसे जेल पहुंचाया, पूरी कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है.

बच्चे का अपहरण, फिरौती, फिर हत्या
साल था 1995. महीना जनवरी का. नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के एक सीमेंट कारोबारी सीताराम का 13 साल का बेटा संदीप बंसल घर से स्कूल के लिए निकला, लेकिन न स्कूल पहुंचा, न घर वापस लौटा. अगले दिन संदीप के पिता के पास फोन आया. 30 हजार रुपये दो, वरना बेटे को मार दिया जाएगा. फिरौती दी जाती, उससे पहले ही पुलिस को संदीप के स्कूल में मार्शल आर्ट्स टीचर सलीम खान पर संदेह हो गया. पुलिस ने उसे धर दबोचा. कठोर पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया. निशानदेही पर दिल्ली के मुस्तफाबाद में नाले से बच्चे की लाश भी मिल गई.

अदालत ने दिया आजीवन कारावास 
दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) संजीप यादव ने बताया कि बच्चे के अपहरण और हत्या के इस अपराध में सलीम खान का एक जोड़ीदार भी था- अनिल. पुलिस ने उसे भी पकड़ लिया. अनिल ने ही संदीप के पिता को फिरौती का फोन किया था . दोनों पर कोर्ट में मुकदमा चला. दो साल बाद 1997 में दिल्ली की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी मान आजीवन कारावास सुना दिया.
जमानत पर छूटा तो फिर नहीं लौटा
सजा काटते तीन साल बाद साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सलीम खान की अंतरिम जमानत स्वीकार कर ली. वह जेल से बाहर आया, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा. वह कानून की आंखों में धूल झोंककर गायब हो चुका था. इस बीच समय बीता और 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उसकी आजीवन कारावास सजा यथावत रखने का फैसला सुनाया. इस बीच सलीम खान ने अपनी मौत की झूठी खबर फैला दी और सरकारी फाइलों में खुद को मरा घोषित करवा लिया.

सलीम अहमद बनकर ओढ़ी नई पहचान
सलीम खान ने नई पहचान ओढ़ ली. पुलिस के अनुसार, वह सलीम खान से सलीम अहमद (सलीम वास्तिक) बन गया. कई साल तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह घूमता रहा. फर्नीचर कारीगर से लेकर कई तरह के काम किए. बाद में गाजियाबाद के लोनी में अपना मकान लेकर बीवी-बच्चों के साथ सेटल हो गया. यहां उसने दुकान खोली. महिलाओं के कपड़े और अन्य सामान बेचने लगा.

सोशल मीडिया पर बना ‘एक्स मुस्लिम’
सलीम खान उर्फ सलीम अहमद ने धीरे-धीरे क्षेत्र में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी. लोग उसे सोशल एक्टिविस्ट  रूप में जानने लगे. 2019 में उसने सलीम वास्तिक 0007 नाम से यूट्यूब चैनल खोला. इस पर वह खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ कहकर इस्लाम की कुरीतियों पर वीडियो बनाने लगा. देखते ही देखते उसकी फैन फॉलोइंग बढ़ने लगी. हजारों लोग उसके वीडियो देखने लगे. उसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 62 हजार से अधिक हो गई.

Saleem Wastik

जानलेवा हमले में बाल-बाल बची जान
इस्लाम के खिलाफ उसकी बातें कई लोगों को अच्छी लगीं तो कइयों को चुभने लगीं. फरवरी 2026 में दो लोग हेलमेट लगाकर लोनी में उसके दफ्तर में घुसे और उस पर चाकू और पेपर कटर से दनादन वार किए. गला चीरने की भी कोशिश हुई. 4 मिनट तक वार करते रहे. भीड़ जुटी तो दोनों भाग गए. बाद में पुलिस ने दोनों को धर दबोचा. वे अमरोहा निवासी जीशान और गुलफाम दोनों सगे भाई थे.

यूट्यूब से बॉलीवुड का सफर
इधर सलीम वास्तिक अस्पताल में मौत से जूझ रहा था, उधर पुलिस ने हमलावर जीशान और गुलफाम का एनकाउंटर कर दिया. सलीम वास्तिक पर हमले के तार पाकिस्तान से भी जुडे. एक पाकिस्तानी यूट्यूबर ने एक वीडियो जारी करके हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया. उसी ने सलीम के घर का पता सार्वजनिक किया था, जिसके बाद हमला हुआ. सलीम वास्तिक को खतरा बताते हुए उसे पुलिस सुरक्षा भी दी गई. बताते है कि हाल ही में उसने एक बॉलीवुड फिल्म भी साइन की थी.

प्रसिद्धि ने पहुंचाया फिर जेल
इस्लामी कट्टरपंथियों के हमले ने सलीम वास्तिक को चर्चा में ला दिया. यही प्रसिद्धि उसका संकट बन गई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक टिप मिली. बताया गया कि सलीम वास्तिक वही सलीम खान है, जिसने 1995 में स्कूली छात्र संदीप बंसल की हत्या की थी और  आजीवन कारावास  काटे बिना भाग गया. खबर मिलते ही पुलिस के कान खड़े हो गए.

क्राइम ब्रांच ने पुरानी फाइल्स निकालकर खंगाली. सलीम वास्तिक पर सर्विलांस लगा दी. दो हफ्ते तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी. उसके पुराने फोटो और फिंगरप्रिंट्स निकाले. प्रमाणों ने साफ कर दिया कि सलीम वास्तिक ही सलीम खान है. इसके बाद दिल्ली पुलिस ने लोनी पुलिस से मिलकर शनिवार को रेड मारी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया.

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