उमेश जे कुमार
खानपुर विधायक उमेश कुमार ने दिया इस्तीफा, विधानसभा अध्यक्ष ने की पुष्टि, चैंपियन ने बताया ड्रामेबाजी
Khanpur MLA Umesh Kumar resigns: खानपुर विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को इस्तीफे से जुड़ा पत्र सौंपा है.
गैरसैंण: खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान उनके इस फैसले ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है. इस्तीफे के बाद उमेश कुमार ने अपनी राजनीतिक रणनीति और आगे की योजना को लेकर स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि वह न तो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे और न ही कांग्रेस का दामन थामेंगे. उमेश कुमार के मुताबिक, वह आगामी विधानसभा चुनाव जन निर्माण पार्टी के सिंबल पर लड़ेंगे. उनके इस बयान से साफ है कि वह आने वाले चुनाव में अपनी अलग राजनीतिक पहचान के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं.
उमेश कुमार ने कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ अपनी मुलाकातों को लेकर भी सफाई दी. उन्होंने कहा इन मुलाकातों को कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, नेताओं से मिलना सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी दूसरी पार्टी में जाने वाले हैं. उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीतिक राह अलग रहेगी और वह अपनी पार्टी के माध्यम से जनता के बीच जाएंगे. ऐसे समय में जब प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं, उमेश कुमार का यह ऐलान उनके अगले कदम को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
हरीश रावत से पुरानी सियासी अदावत का किया जिक्र: अपने बयान में उमेश कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के साथ लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक तल्खी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा वर्ष 2016 से चली आ रही टीस आज तक खत्म नहीं हुई है. उमेश कुमार के बयान से साफ है कि कांग्रेस के साथ उनकी राजनीतिक दूरी केवल मौजूदा परिस्थितियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुराना राजनीतिक विवाद भी है. उन्होंने कहा जिन लोगों पर उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और जिनकी सरकार को उन्होंने संकट में डालने का काम किया, उनके समर्थन में नारे लगाना उनके लिए संभव नहीं है. इस बयान के जरिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों को खारिज करने के साथ अपनी राजनीतिक स्थिति भी स्पष्ट करने की कोशिश की.
लोकसभा चुनाव के दौरान अपने बेटे को मैदान में उतारने और अब खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी पर भी उमेश कुमार ने अपना रुख स्पष्ट किया. उनका कहना है कि अब वह स्वयं चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं. जन निर्माण पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने की घोषणा को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
विपक्ष पर साथ नहीं देने का लगाया आरोप: उमेश कुमार ने अपने इस्तीफे के पीछे सदन में पिछले साढ़े चार साल के अनुभवों और विपक्ष के रवैये को भी अहम वजह बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए, उन्हें विपक्ष का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. उनके मुताबिक, किसानों की समस्याओं, आपदा प्रभावित लोगों की परेशानियों और बिजली-पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज उठाने के बावजूद उन्हें अकेले ही संघर्ष करना पड़ा.
विधानसभा अध्यक्ष ने की इस्तीफे की पुष्टि: विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने उमेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जानकारी दी. उन्होंने बताया उन्हें विधायक की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है. इस पत्र में उमेश कुमार ने अपने इस्तीफे की बात कही है. विधानसभा अध्यक्ष के मुताबिक, पत्र को आगे की प्रक्रिया के लिए विधानसभा सचिवालय भेज दिया गया है. अब सचिवालय स्तर पर इस्तीफे से जुड़े नियमों और कानूनी प्रावधानों की जांच की जाएगी. इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इस्तीफे को प्रणव सिंह चैंपियन ने बताया ड्रामेबाजी: खानपुर विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे के बाद पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने उमेश कुमार के इस्तीफे को ड्रामा बताया है. उन्होंने कहा जब विधानसभा कार्यकाल के केवल दो महीने शेष रह गए हैं, तो अब इस्तीफे का क्या औचित्य है? चैंपियन ने कहा आज का दौर GEN Z यानी युवा पीढ़ी का है. युवाओं को राजनीतिक दिखावे और बयानबाजी के बजाय विकास, रोजगार और बेहतर भविष्य की जरूरत है. उन्होंने कहा प्रतिमाओं की स्थापना, मंदिरों और शादी समारोहों जैसे आयोजनों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के भविष्य और रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

