भारत सरकार से मांगा 105% गैस कोटा,उत्तराखंड में 362 छापे, सात बंदी,एक लाख अर्थदंड

घरेलू गैस सिलेण्डरों का बैकलाॅग समाप्त करें कंपनियांः मुख्य सचिव

चारधाम यात्रा को कमर्शियल गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने की समीक्षा, जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
देहरादून 06 अप्रैल 2026 । वर्तमान वैश्विक परिदृश्य एवं चारधाम यात्रा तथा पर्यटन सीजन दृष्टिगत रखते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों एवं तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एवं व्यावसायिक एलपीजी गैस की आपूर्ति की समीक्षा की।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की आपूर्ति निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देशित किया कि घरेलू गैस आपूर्ति में बैकलॉग प्राथमिकता से तत्काल समाप्त कर आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुचारू बनायें, ताकि सामान्य नागरिकों को  असुविधा न हो। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों से फीडबैक प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि सप्लाई बढ़ाकर बाजार में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे अनावश्यक दबाव और घबराहट न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि तेल कंपनियों को संचालन में यदि कोई प्रशासनिक या लॉजिस्टिक समस्या आ रही हो तो उसका शीघ्र समाधान किया जाए। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों में गैस आपूर्ति की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखें, प्रवर्तन कार्यवाही बढ़ाएं तथा सुनिश्चित करें कि कहीं भी कालाबाजारी या कृत्रिम संकट की स्थिति न बने। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सामान्य जन को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा पैनिक बुकिंग जैसी प्रवृत्तियां नियंत्रित की जाए। सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप ने बताया कि बैठक में जिलाधिकारियों ने अवगत कराया है कि घरेलू गैस आपूर्ति में सुधार हो रहा है और पैनिक बुकिंग भी घटी है।

100 प्रतिशत कोटा यथावत रखें, 05 प्रतिशत अतिरिक्त मांग
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों पर आधारित है। प्रतिवर्ष अप्रैल से नवम्बर तक संचालित होने वाली यात्रा अवधि में राज्य में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं, जिससे गैस की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि यात्रा काल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु राज्य में निवास करते हैं तथा जून से सितम्बर के मध्य मानसून अवधि में अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों में आपदा की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे समय में राहत एवं बचाव कार्यों को एलपीजी गैस एक महत्वपूर्ण ईंधन के रूप में उपयोग में आती है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार को एक पत्र भेजा जा रहा है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि अप्रैल से नवम्बर तक उत्तराखण्ड को व्यावसायिक एलपीजी का 100 प्रतिशत आवंटन पूर्ववत बनाए रखा जाए। साथ ही, संभावित आपदा स्थितियों में राहत कार्यों को अतिरिक्त 05 प्रतिशत व्यावसायिक गैस आवंटन भी सुनिश्चित किया जाए। इस प्रकार राज्य को यात्रा अवधि में 967949 व्यावसायिक सिलेण्डरों के साथ-साथ 48397 अतिरिक्त सिलेण्डरों की आवश्यकता का आकलन है। सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि इस संबंध में भारत सरकार से अनुरोध किया जा रहा है कि पूर्व का कोटा 100 प्रतिशत रखते हुए आपदा को देखते हुए 5 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा आवंटित किया जाए।

दुरुपयोग पर कठोर कार्रवाई, राज्यभर में प्रवर्तन अभियान तेज
राज्य में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू एवं पारदर्शी बनाए रखने को व्यापक प्रवर्तन अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। 09 मार्च 2026 से प्रारम्भ यह कार्रवाई अभी भी जारी है, जिसमें जनपद स्तर पर नियमित निरीक्षण और कठोर प्रवर्तन सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक अभियान में 5934 निरीक्षण किए जा चुके हैं। जांच में अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए 864 घरेलू एवं 168 व्यावसायिक गैस सिलेण्डर पकडे हैं। इसके अतिरिक्त प्रवर्तन टीमों ने 362 छापे, 17 एफआईआर लिखा 07 गिरफ्तारियां की गई हैं। अनियमितताओं पर अंकुश लगाने को अब तक कुल ₹1,05,900 का अर्थदंड भी अधिरोपित किया गया है। कार्रवाई में अवैध रिफिलिंग और गैस के दुरुपयोग संबंधित उपकरण भी पकडे हैं, जिनमें रिफिलिंग किट, गैस चूल्हे तथा एक पिकअप वाहन शामिल हैं।

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