सहारनपुर का मुस्लिम परिवार सनातन में वापस,नाम रखा शंकर-सावित्री,रुद्र,रुक्मिणी,दिशा

सहारनपुर का परिवार, गुरु के संपर्क में था; बच्चों के नाम भी बदले

ये पूरा परिवार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहता है। चंडीघाट पर हुए इस पूरे कार्यक्रम में मौजूद अरुण किशन महाराज ने बताया कि शहजाद लंबे समय से उनके संपर्क में था और लगातार सनातन धर्म अपनाने की इच्छा जता रहा था। उनके अनुसार, पूरा परिवार जब सहमत हुआ तो फिर आज सभी को हिंदू धर्म में शामिल कर लिया गया।

रजिया और शहजाद की दो बेटियों और एक बेटे का भी नाम बदल दिया गया है। बेटे का नाम रूद्र’ और बेटियों के नाम ‘रुक्मिणी’ व ‘दिशा’ रखे गए हैं।

‘नमाज नहीं पढ़ता था, वो गलत रास्ता लगा’

शहजाद ने कहा कि वह रोज नियमित रूप से नमाज नहीं पढ़ता था और समय के साथ उसे महसूस हुआ कि यह रास्ता उसके लिए सही नहीं है। इसी वजह से उसने इसे छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का फैसला लिया।

उसने यह भी बताया कि बचपन से ही उसका झुकाव सनातन धर्म की ओर था और वह पहले से पूजा-पाठ करता था, इसलिए उसने परिवार के साथ मिलकर यह कदम उठाया।

मुझे लगा कि जो रास्ता मेरे लिए सही नहीं है उस पर चलना भी उचित नहीं है, इसलिए मैंने यह निर्णय

प्रोबोधानंद बोले- बिना दबाव का फैसला, यह घर वापसी है

कार्यक्रम में मौजूद स्वामी प्रबोधानंद महाराज ने कहा कि यह निर्णय किसी दबाव या प्रलोभन में नहीं लिया गया, बल्कि परिवार की व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने आगे कहा,

स्वामी प्रबोधानंद ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी प्रकार का धर्म परिवर्तन नहीं, बल्कि अपने मूल धर्म में लौटने की प्रक्रिया है। उनके अनुसार, “हम किसी ईसाई या मुस्लिम को हिंदू नहीं बना रहे हैं, बल्कि उन लोगों की घर वापसी करवा रहे हैं जो किसी कारणवश पहले अपने मूल धर्म से अलग हो गए थे।”

पूरे परिवार पर फूल बरसाते और हर हर महादेव के जयकारे लगाते संत।

‘इनकी जान को खतरा, सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’

स्वामी राम विशाल दास भी इस पूरे धर्म परिवर्तन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने कहा- “शहजाद जानता था कि इस्लाम अत्याचार, दुराचार, अनाचार के दम पर फैला हुआ मजहब है और उनके पूर्वजों पर बहुत अत्याचार हुए। उसकी जिज्ञासा थी कि ऐसा क्यों हुआ। बहुत दिन से वह हमारे संपर्क में था। ये पूरा कार्यक्रम हमने पहले गोपनीय रखा था, लेकिन आज पूरे विधि-विधान से हमने उसके परिवार की घर वापसी करवाई है।

अच्छी बात ये है कि हमने उन्हें ब्रह्म कुंड में आस्था की डुबकी लगवाई है। पूरे वैदिक विधि-विधान से ये पूरा कार्यक्रम हुआ है। हरिद्वार शुद्धि आंदोलन का बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। कई माताएं, बहनें, बेटियां और परिवार हमारे संपर्क में हैं जो हिंदू धर्म अपनाना चाहते हैं। बहुत जल्द अगला शुद्धि कार्यक्रम होगा।”

पहले भी ब्रह्मकुंड पर पहुंची थी ‘एक्स मुस्लिम यात्रा’

इससे पहले हरिद्वार के हर की पौड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पैदल निकली ‘एक्स मुस्लिम पदयात्रा’ भी पहुंची थी, जिसमें संत राम विशाल दास समेत अन्य संत शामिल रहे थे।

इस दौरान संत राम विशाल दास ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य उन लोगों के भीतर का डर खत्म करना है, जो इस्लाम छोड़ चुके हैं लेकिन भय और दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया था कि ऐसे लोगों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जी सकते हैं और उन्हें थे।

इस दौरान संत राम विशाल दास ने कहा था कि यात्रा का उद्देश्य उन लोगों के भीतर का डर खत्म करना है, जो इस्लाम छोड़ चुके हैं लेकिन भय और दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया था कि ऐसे लोगों को यह संदेश देना जरूरी है कि वे अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जी सकते हैं और उन्हें सुरक्षा व स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

दो वर्ष पहले:इस्लाम त्याग हिंदू बना युवक, शहजाद का नाम हुआ करण चौधरी, मंदिर में घरवापसी

सहारनपुर का ही शहजाद दो साल पूर्व करण चौधरी बना था। मुस्लिम युवक परावर्तित हो हिंदू बना था। हरि मंदिर में युवक का शुद्धिकरण हुआ। मंदिर परिसर में हवन और पूजन के बाद युवक को टीका और पटका पहनाया गया। दूसरी शादी कर उसके पिता ने बेटे – बेटी और पहली पत्नी को अलग कर दिया था। यही बेटा हिंदू बना।

शहजाद से करण बना युवक हरि मंदिर में हुआ शुद्धिकरण

शहजाद बना करण चौधरी
बरसों पहले हिंदू थे ,गुर्जर समाज से आते थे

युवक का आवास विकास स्थित हरि मंदिर में हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने शुद्धिकरण कराया। हवन और पूजन में युवक को टीका और पटका पहनाया गया। युवक ने कुछ मुस्लिम लोगों से जान का खतरा भी बताया था।

मोहल्ला शारदानगर निवासी 25 वर्षीय शहजाद (पुत्र यूनुस) बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी था। कुछ दिक्कत होने पर उसने नौकरी छोड़ दी।  वह जूतों की दुकान खोलने की तैयारी में था। उसके पिता महमूद ने दो शादियां की । दूसरी शादी कर पिता ने शहजाद, उसकी मां व बहन को छोड दिया था।

शहजाद ही अपनी मां और बहन पाल रहा है। उसके अनुसार बरसों पहले वह हिंदू गुर्जर समाज से थे। बरसों पहले, जो उनके बड़ों ने गलती की थी। उसने वही सुधारी है। शहजाद ने शपथ पत्र बनवा लोगों को बताया कि अब वह हिंदू है। नाम करण रखा है।
शहजाद की मां और बहन भी जल्द ही हिंदू होंगी। इस अवसर पर बजरंग दल पदाधिकारी कपिल मोहडा, अरुण, अनिल, आर्यन, राघव नेगी, विवेक व अक्षित आदि मौजूद रहे।

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