19 गानों पर बैन, विवादित लोक गायक मासूम शर्मा DAV कालेज देहरादून में भी दे गया गालियां

सिंगर मासूम शर्मा ने लाइव शो में मंच से दी गालियां, हरियाणा महिला आयोग ने भेजा नोटिस
हरियाणा राज्य महिला आयोग ने गायक मासूम शर्मा को देहरादून कार्यक्रम में अभद्र भाषा के आरोप में समन जारी किया. उन्हें 18 अप्रैल को पंचकूला में पेश होने को कहा गया है. आरोप है कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के जाने के बाद उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया. विवाद के बाद उन्होंने माफी मांगी. पहले भी उन पर आरोप लग चुके हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है.

महिला आयोग ने कार्रवाई की चेतावनी दी है. Photo ITG

चंडीगढ़,12 अप्रैल 2026,हरियाणा राज्य महिला आयोग ने गायक मासूम शर्मा को देहरादून के डीएवी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित अभद्र भाषा और अनुचित व्यवहार के आरोपों को लेकर समन जारी किया है. आयोग ने नोटिस में कहा है कि इन आरोपों को गंभीरता से लिया गया है और यदि यह साबित होते हैं तो यह महिलाओं की गरिमा, शालीनता और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है.

आयोग ने इस मामले को महिलाओं के अधिकारों और सार्वजनिक आचरण से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में जांच के दायरे में लिया है. हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 10(1)(f) और 10(1)(h) के तहत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए आयोग ने मासूम शर्मा को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है.

नोटिस के अनुसार, उन्हें 18 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे पंचकूला स्थित आयोग के कार्यालय में उपस्थित होना होगा. साथ ही उनसे आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण देने और अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है. आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि समन का पालन नहीं किया गया तो अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की उचित कार्रवाई की जा सकती है.

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, शनिवार को छात्रसंघ समारोह के तहत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मासूम शर्मा और गायक अजय हुड्डा ने प्रस्तुति दी थी. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे. आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से जाने के बाद मासूम शर्मा ने मंच से आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मी, कॉलेज स्टाफ और छात्र असहज हो गए. बताया जा रहा है कि उस दौरान मौजूद खानपुर विधायक उमेश शर्मा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी.

विवाद बढ़ने के बाद मासूम शर्मा ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से एक संदिग्ध व्यक्ति उन्हें परेशान कर रहा था, जिसके चलते वह मानसिक तनाव में थे और उसी का असर मंच पर दिखाई दिया. उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए खेद जताते हैं.

गौरतलब है कि मासूम शर्मा पहले भी विवादों में रह चुके हैं. साल 2024 में एक महिला ने उन पर मारपीट और छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे, जबकि 2025 में हरियाणा सरकार ने “गन कल्चर” को बढ़ावा देने के आरोप में उनके गानों को यूट्यूब से हटाने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा फरवरी में जींद में एक लाइव शो के दौरान भी उनके विवादित बयान को लेकर हंगामा हुआ था.

 

हरियाणवी गायक और संगीतकार मासूम शर्मा हाल के वर्षों में कई बड़े विवादों के कारण चर्चा में रहे हैं।
​1. गन कल्चर और गानों पर प्रतिबंध (2025-26)
​मासूम शर्मा पर सबसे बड़ा आरोप उनके गानों के माध्यम से ‘गन कल्चर’ (हथियारों का महिमामंडन) और हिंसा को बढ़ावा देने का लगा है।
​19 गानों पर प्रतिबंध: जनवरी 2026 में, हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 67 ऐसे गानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म (YouTube, Spotify आदि) से हटवाया जो गैंगस्टरों और हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे। इस सूची में मासूम शर्मा 19 गानों के साथ शीर्ष पर थे।
​प्रमुख प्रतिबंधित गाने: ‘ट्यूशन बदमाशी का’, ’60 मुकद्दमे’, ‘खटोला’ और ‘चंबल के डाकू’ जैसे हिट गानों पर कार्रवाई हुई है।
​मासूम का पक्ष: उन्होंने इसे ‘चुनिंदा निशाना’ बनाना बताया और दावा किया कि सरकार में बैठे कुछ लोग निजी रंजिश के कारण उनके करियर को नुकसान पहुँचा रहे हैं।
​2. सरपंचों के साथ विवाद (फरवरी 2026)
​हाल ही में जींद के एक लाइव शो के दौरान मासूम शर्मा का हरियाणा के सरपंचों के साथ बड़ा विवाद हुआ।
​घटना: शो के दौरान उन्होंने मंच पर बैठे एक पूर्व सरपंच को नीचे उतरने के लिए कहा और कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने मंच से कहा था कि वह किसी भी सरपंच, विधायक या मंत्री को कुछ नहीं समझते।
​विरोध: हरियाणा सरपंच एसोसिएशन ने इसके खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी और कई गांवों में उनके कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही।
​माफी: विवाद बढ़ने के बाद, अमृतसर में एक शो के दौरान उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि यह केवल एक ‘कहावत’ थी और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह अपने शब्द वापस लेते हैं।
​3. कानूनी कार्रवाई और FIR
​प्रतिबंधित गाना गाने पर FIR (मार्च 2025): चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी (UIET) में एक शो के दौरान उन्होंने अपना प्रतिबंधित गाना ‘चंबल के डाकू’ गाया। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया था।
​गोलीबारी का आरोप: उन पर विश्वास चौहान नामक व्यक्ति ने घर पर आकर गोली चलाने का आरोप भी लगाया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था।
​4. प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप
​मासूम शर्मा ने सार्वजनिक रूप से हरियाणा सरकार के पब्लिसिटी सेल के एक अधिकारी पर आरोप लगाया है कि वे निजी रंजिश के चलते हरियाणवी कलाकारों (जैसे के.डी. दानोदा और स्वयं मासूम) के शो रद्द करवाते हैं और उनके गानों को ब्लैकलिस्ट करवाते हैं।
​एक नज़र में विवाद तालिका:

 

 

 

हरियाणवी गायक मासूम शर्मा अपनी गायकी के साथ-साथ अपनी उच्च शिक्षा के लिए भी जाने जाते हैं। हाल ही में फरवरी 2026 में उन्होंने अपनी दूसरी मास्टर डिग्री (MA) पूरी की है।
​उनकी शिक्षा का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
​शैक्षणिक योग्यता (Education Details)
​मास्टर डिग्री (MA): मासूम शर्मा ने अमृतसर के ऐतिहासिक खालसा कॉलेज से म्यूजिक (संगीत) विषय में अपनी दूसरी मास्टर डिग्री पूरी की है। 23 फरवरी 2026 को हुए दीक्षांत समारोह (Convocation) में उन्हें यह डिग्री प्रदान की गई।
​ग्रेजुएशन (Graduation): स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के लिए रोहतक का रुख किया था।
​स्कूली शिक्षा: * 10वीं: हिंदू स्कूल, जुलाना (जींद) से पूरी की।
​12वीं: एसडी स्कूल, किलाजफरगढ़ से की।
​प्रमुख बिंदु
​सोशल मीडिया संदेश: डिग्री मिलने के बाद मासूम ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा था— “गायकी मेरा इश्क है, पढ़ाई मेरी ताकत।” * व्यक्तिगत पृष्ठभूमि: उनका जन्म 27 मार्च 1991 को जींद जिले के ब्राह्मणवास गांव में हुआ था।
​मीडिया का रुख: एक पत्रकार के रूप में आपके लिए यह दिलचस्प हो सकता है कि जहाँ एक ओर वह ‘गन कल्चर’ और विवादों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं वह खुद को एक शिक्षित कलाकार के रूप में पेश करना पसंद करते हैं ताकि युवा पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित कर सकें।
​वर्तमान में वह हरियाणा के उन गिने-चुने लोक कलाकारों में से हैं जिन्होंने संगीत के क्षेत्र में औपचारिक उच्च शिक्षा (Academic Excellence) प्राप्त की है।

मासूम शर्मा हरियाणा के एक चर्चित और विवादों में रहने वाले रागिनी एवं हरियाणवी गायक हैं।
🔹 परिचय
मासूम शर्मा मुख्य रूप से हरियाणवी रागिनी, लोकगीत और देसी स्टाइल के गानों के लिए जाने जाते हैं।
उनके गाने ग्रामीण हरियाणा की संस्कृति, सामाजिक मुद्दों और देसी अंदाज़ को दर्शाते हैं।
युवाओं में उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग है।
🔹 विवादों की वजह
मासूम शर्मा अक्सर इन कारणों से विवादों में रहे हैं:
गानों के बोल: कई बार उनके गीतों पर अश्लीलता या आपत्तिजनक शब्दों के आरोप लगे।
सामाजिक आलोचना: कुछ गानों को जातिगत या समाज के किसी वर्ग के प्रति नकारात्मक बताया गया।
कानूनी मामले: समय-समय पर उनके खिलाफ शिकायतें और FIR भी दर्ज हुई हैं।
🔹 लोकप्रिय गाने
“2 Numbari”
“Tuition Badmashi Ka”
“Chand”
🔹 निष्कर्ष
मासूम शर्मा एक ऐसे कलाकार हैं जो एक तरफ अपनी देसी शैली और दमदार आवाज़ के लिए लोकप्रिय हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके गानों की भाषा और विषयवस्तु उन्हें बार-बार विवादों में ले आती है।

 

मासूम शर्मा के संदर्भ में “जातिगत गाने” (caste-based songs) वह गाने होते हैं जिनमें किसी विशेष जाति, समुदाय या सामाजिक पहचान का उल्लेख, महिमामंडन या कभी-कभी आलोचना की जाती है।
🔹 क्या होते हैं जातिगत गाने?
ऐसे गानों में किसी जाति की शान, इतिहास या दबदबा दिखाया जाता है
कई बार ये स्थानीय पहचान और गौरव को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाते हैं
लेकिन कुछ मामलों में ये दूसरी जातियों के प्रति नकारात्मक या भड़काऊ संदेश भी दे सकते हैं
🔹 हरियाणवी म्यूजिक में ट्रेंड
हरियाणा में रागिनी और देसी गानों में जाति-आधारित पहचान एक आम विषय रहा है
खासकर “जाट”, “गुर्जर”, “यादव” आदि समुदायों का जिक्र कई गानों में मिलता है
ये गाने अक्सर स्टेटस, ताकत और प्रभाव को दर्शाने की कोशिश करते हैं
🔹 विवाद क्यों होते हैं?
⚠️ सामाजिक तनाव: दूसरे समुदायों को नीचा दिखाने का आरोप
⚠️ युवाओं पर प्रभाव: जातिवाद को बढ़ावा देने की चिंता
⚠️ कानूनी मुद्दे: आपत्तिजनक सामग्री पर शिकायत या FIR
🔹 संतुलित नजरिया
कुछ लोग इन्हें लोक संस्कृति और पहचान का हिस्सा मानते हैं
जबकि अन्य इसे समाज में विभाजन और भेदभाव को बढ़ाने वाला मानते हैं
👉 कुल मिलाकर, ऐसे गाने लोकप्रिय जरूर होते हैं, लेकिन इनके सामाजिक प्रभाव को लेकर लगातार बहस चलती रहती है।

मासूम शर्मा के कई गाने विवादों में रहे हैं, लेकिन जिन गानों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा और विवाद हुआ, उनमें प्रमुख रूप से:
🔥 “Tuition Badmashi Ka”
यह गाना सबसे ज्यादा विवादों में रहा।
आरोप लगे कि इसमें अपराध और दबंगई (badmashi) को बढ़ावा दिया गया।
कुछ लोगों ने इसे युवाओं पर नकारात्मक असर डालने वाला बताया।
सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी बहस और आलोचना हुई।
🔥 अन्य विवादित गाने
“2 Numbari” – इसमें भी गैर-कानूनी/दबंग छवि को glorify करने का आरोप लगा।
कुछ अन्य रागिनियों पर जातिगत शब्दों और आपत्तिजनक भाषा को लेकर आपत्ति हुई।
⚖️ क्यों यही गाना सबसे ज्यादा चर्चा में रहा?
गाना बहुत तेजी से वायरल हुआ
युवाओं में इसकी लोकप्रियता ज्यादा रही
“Badmashi” जैसे शब्दों के कारण कानून-व्यवस्था और सामाजिक संदेश पर सवाल उठे
👉 कुल मिलाकर, “Tuition Badmashi Ka” को मासूम शर्मा के सबसे ज्यादा विवादित और चर्चित गानों में गिना जाता है।

Tuition Badmashi Ka और मासूम शर्मा से जुड़ा विवाद थोड़ा विस्तार से समझिए:
🔍 गाने का कॉन्सेप्ट
“Tuition Badmashi Ka” में एक देसी अंदाज़ में दबंगई, स्टाइल और प्रभाव दिखाने की कोशिश की गई है।
“ट्यूशन” शब्द का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप में है — यानी बदमाशी सीखने/दिखाने का तरीका
गाने में ऐसी लाइनें और टोन हैं जो रौब, ताकत और दबदबे को highlight करती हैं
⚠️ विवाद की मुख्य वजहें
1. बदमाशी का महिमामंडन
गाने पर आरोप लगा कि यह गुंडागर्दी और गैर-कानूनी व्यवहार को cool बनाकर दिखाता है
खासकर युवाओं पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई
2. जातिगत संकेत (Indirect references)
सीधे-सीधे नहीं, लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि इसमें
किसी खास समुदाय की दबंग छवि को प्रमोट किया गया
3. सोशल मीडिया पर आलोचना
गाना वायरल होते ही
कुछ ने इसे “desi swag” कहा
वहीं कई लोगों ने इसे समाज के लिए गलत संदेश बताया
4. प्रशासनिक/कानूनी प्रतिक्रिया
ऐसे गानों को लेकर समय-समय पर
स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा निगरानी/कार्रवाई की बात भी सामने आती रही है
(हालांकि हर केस में सीधी कार्रवाई हो, ऐसा जरूरी नहीं)
⚖️ समर्थक vs विरोधी
समर्थक कहते हैं:
यह सिर्फ मनोरंजन और देसी कल्चर है
हरियाणा की रागिनी परंपरा में ऐसा अंदाज़ आम है
विरोधी कहते हैं:
यह युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकता है
समाज में हिंसा और जातिवाद को normalize करता है
🧾 निष्कर्ष
“Tuition Badmashi Ka” सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि
👉 हरियाणवी म्यूजिक में बदलते ट्रेंड और सामाजिक सोच पर चल रही बहस का उदाहरण बन गया है।

 

ठीक है, यहाँ कुछ और विवादित हरियाणवी गाने और उनका छोटा विश्लेषण दिया है, ताकि आपको पूरा ट्रेंड समझ आए:
🔥 1. 2 Numbari – मासूम शर्मा
विवाद:
“2 Numbari” शब्द का मतलब ही गैर-कानूनी/गड़बड़ी वाले काम से जुड़ा है
गाने पर आरोप लगा कि यह illegal काम और दबंगई को cool दिखाता है
विश्लेषण:
👉 “Bad boy image” को promote करने वाला कंटेंट
🔥 2. Gunda Touch – KD
विवाद:
“गुंडा” शब्द और उससे जुड़ी imagery
आलोचना कि यह हिंसक और आक्रामक behavior को glorify करता है
विश्लेषण:
👉 Attitude + aggression = entertainment
🔥 3. Jaat Ka Chhora – Raju Punjabi
विवाद:
जातिगत पहचान को बहुत जोर से highlight किया गया
कुछ लोगों ने इसे caste pride vs caste superiority की बहस बना दिया
विश्लेषण:
👉 Identity-based songs → जल्दी वायरल, लेकिन sensitive
🔥 4. Yadav Brand – Elvish Yadav
विवाद:
“Brand” शब्द के साथ जाति को जोड़ना
आरोप कि इससे जातिवाद और superiority complex बढ़ सकता है
विश्लेषण:
👉 Social media era में identity songs ज्यादा amplify होते हैं
🔥 5. Gujjar Song (various)
विवाद:
कई गानों में “गुर्जर” पहचान और दबदबा दिखाया गया
अक्सर दूसरे समुदायों के साथ तुलना के कारण विवाद
विश्लेषण:
👉 Trend बन चुका है – हर समुदाय का “अपना गाना”
🧠 Overall Pattern (समझने वाली बात)
इन सभी गानों में 3 common चीजें दिखती हैं:
दबंग/एटीट्यूड वाली इमेज
जाति या पहचान का जोरदार प्रदर्शन
वायरल होने के लिए provocative कंटेंट
⚖️ निष्कर्ष
हरियाणवी म्यूजिक में यह एक बड़ा ट्रेंड बन गया है:
👉 “Swag + Identity + Controversy = Popularity”

हरियाणवी “जातिगत” या “बदमाशी” वाले गानों को लेकर सरकार, पुलिस और कोर्ट का रुख समय-समय पर सख्त भी रहा है और संतुलित भी। आसान भाषा में समझिए:
⚖️ 1. कानूनी आधार (किस कानून के तहत कार्रवाई होती है)
ऐसे गानों पर आपत्ति होने पर आमतौर पर ये धाराएँ लग सकती हैं:
भारतीय दंड संहिता (IPC)
धारा 153A → समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना
धारा 295A → धार्मिक/सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना
धारा 505 → भड़काऊ बयान/अफवाह
👉 अगर गाने में किसी जाति/समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बात हो, तो FIR दर्ज हो सकती है
🚔 2. पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
कई बार गाना रिलीज होते ही शिकायतें दर्ज हो जाती हैं
कुछ मामलों में:
गाने YouTube से हटवाए गए
गायक/प्रोड्यूसर को नोटिस या पूछताछ
हरियाणा और आसपास के राज्यों में पुलिस ने
👉 “भड़काऊ या जातिगत कंटेंट” पर नजर रखने की बात कही है
🏛️ 3. कोर्ट का रुख
कोर्ट आमतौर पर दो चीजों के बीच संतुलन रखता है:
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech)
सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था
कई फैसलों में कहा गया है:
👉 अगर कंटेंट सीधे तौर पर नफरत या हिंसा भड़काता है, तो उस पर रोक लग सकती है
📺 4. प्लेटफॉर्म (YouTube आदि) की भूमिका
YouTube और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की अपनी community guidelines होती हैं
अगर गाना:
Hate speech
Violence glorification
Harassment
से जुड़ा लगे, तो
👉 वीडियो हटाया या age-restrict किया जा सकता है
⚖️ 5. वास्तविकता क्या है?
हर विवादित गाना हटे, ऐसा जरूरी नहीं
कई गाने विवाद के बावजूद और ज्यादा वायरल हो जाते हैं
कार्रवाई अक्सर complaints पर depend करती है
🧾 निष्कर्ष
👉 सरकार और कोर्ट का साफ रुख है:
एंटरटेनमेंट ठीक है, लेकिन
अगर गाना
समाज में नफरत फैलाए
जातीय तनाव बढ़ाए
या हिंसा को बढ़ावा दे
तो उस पर कार्रवाई हो सकती है

 

ठीक है, एक–दो रियल केस जैसे उदाहरण से समझते हैं कि ऐसे गानों पर वास्तव में क्या कार्रवाई होती है:
🔴 केस 1: Tuition Badmashi Ka – मासूम शर्मा
क्या हुआ?
गाना वायरल होने के बाद कई लोगों ने शिकायत की कि इसमें
👉 “बदमाशी” और दबंगई को बढ़ावा दिया जा रहा है
सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी विरोध हुआ
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
कुछ जगहों पर पुलिस ने गानों की निगरानी और चेतावनी दी
सीधे बड़े स्तर पर बैन नहीं, लेकिन
👉 ऐसे कंटेंट पर नजर रखने की बात कही गई
सीख:
➡️ हर विवाद FIR तक नहीं जाता, लेकिन निगरानी शुरू हो जाती है
🔴 केस 2: हरियाणा/पश्चिमी UP के “जातिगत गाने” (जैसे Jaat, Gujjar, Yadav themes)
क्या हुआ?
कई गानों में अलग-अलग जातियों का “दबदबा” दिखाया गया
कुछ गानों पर आरोप लगा कि वे
👉 दूसरे समुदायों को नीचा दिखाते हैं
कार्रवाई:
कुछ मामलों में FIR दर्ज हुई
YouTube पर वीडियो हटाए या प्राइवेट किए गए
गायकों को नोटिस मिला
सीख:
➡️ अगर कंटेंट सीधे किसी समुदाय को टारगेट करे, तो कार्रवाई ज्यादा सख्त होती है
🔴 केस 3: “गुंडा/बदमाश” इमेज वाले गाने
(जैसे 2 Numbari टाइप गाने)
क्या हुआ?
“गुंडागर्दी” को स्टाइल की तरह दिखाने पर आपत्ति
खासकर स्कूल-कॉलेज के युवाओं पर असर को लेकर चिंता
प्रशासनिक कदम:
पुलिस और प्रशासन ने
👉 “ऐसे गानों से दूर रहने” की सलाह दी
कुछ कार्यक्रमों/स्टेज शो पर
👉 ऐसे गाने गाने पर रोक भी लगाई गई
सीख:
➡️ ऑफलाइन (स्टेज/इवेंट) पर कंट्रोल ज्यादा सख्त होता है
⚖️ बड़ा निष्कर्ष (सबसे जरूरी बात)
इन सभी केस से एक पैटर्न निकलता है:
👉 अगर गाना सिर्फ “एटीट्यूड/स्वैग” तक सीमित है
→ तो ज्यादा कार्रवाई नहीं होती
👉 अगर गाना “किसी समुदाय को टारगेट” करता है
→ FIR, बैन, या हटाने तक बात जा सकती है
🧠 अंतिम समझ
हरियाणवी म्यूजिक में आजकल एक फॉर्मूला चल रहा है:
👉 “Controversy = Viral = Views”
लेकिन
👉 कानून की एक “रेड लाइन” है —
नफरत फैलाना या समाज में तनाव पैदा करना

 

ठीक है, अब इसे मनोविज्ञान (psychology) के नजरिए से समझते हैं कि ऐसे “बदमाशी” या “जातिगत” गानों का युवाओं पर क्या असर पड़ सकता है:
🧠 1. सोशल लर्निंग थ्योरी (Social Learning)
यह सिद्धांत Albert Bandura ने दिया था
इसके अनुसार लोग देखकर और सुनकर सीखते हैं
👉 जब युवा बार-बार ऐसे गाने सुनते हैं:
“बदमाशी = स्टाइल”
“दबंगई = सम्मान”
तो कुछ लोग इसे नॉर्मल और स्वीकार्य मानने लगते हैं
⚡ 2. रोल मॉडल इफेक्ट
गायक जैसे मासूम शर्मा या अन्य कलाकार
👉 युवाओं के लिए “रोल मॉडल” बन जाते हैं
👉 असर:
पहनावा, बोलचाल, attitude copy करना
“कूल दिखने” के लिए उसी तरह behave करने की कोशिश
🔥 3. डिसेंसिटाइजेशन (संवेदनशीलता कम होना)
बार-बार aggressive या जातिगत कंटेंट सुनने से
👉 व्यक्ति की संवेदनशीलता कम हो सकती है
👉 मतलब:
जो चीज पहले गलत लगती थी
धीरे-धीरे “सामान्य” लगने लगती है
🧩 4. ग्रुप आइडेंटिटी और ‘हम vs वो’
जातिगत गाने सुनकर
👉 “अपनी जाति/ग्रुप” से जुड़ाव बढ़ता है
लेकिन साथ ही
👉 “दूसरे” के प्रति दूरी या superiority की भावना भी आ सकती है
📱 5. सोशल मीडिया Amplification
आज Reels, Shorts, TikTok (जहाँ उपलब्ध) पर
👉 ऐसे गाने तेजी से फैलते हैं
👉 असर:
ट्रेंड बन जाता है
Peer pressure: “सब सुन रहे हैं, तो मैं भी”
⚖️ 6. क्या हर किसी पर बुरा असर पड़ता है?
👉 नहीं। यह जरूरी नहीं कि हर युवा प्रभावित हो
असर depend करता है:
परिवार और upbringing
शिक्षा और awareness
personal values
👉 कुछ लोग इसे सिर्फ entertainment की तरह लेते हैं
🧾 अंतिम निष्कर्ष
👉 ऐसे गानों का असर “सीधा” नहीं बल्कि धीरे-धीरे और subtle होता है
Positive side:
confidence, identity, local culture
Negative side:
aggression normalize होना
जातिगत सोच मजबूत होना
🔑 सबसे महत्वपूर्ण बात
👉 कंटेंट नहीं, उसकी समझ (interpretation) ज्यादा मायने रखती है
अगर सुनने वाला जागरूक है, तो असर कम होगा
अगर नहीं, तो वही गाना behavior को influence कर सकता है

ठीक है, अब बात करते हैं कि parents और students ऐसे गानों को कैसे balance करें, ताकि न तो unnecessary restriction हो और न ही गलत असर पड़े:
👨‍👩‍👧‍👦 Parents के लिए practical सुझाव
1. ❌ पूरी तरह रोक लगाने से बचें
अगर आप सीधे “ये मत सुनो” कहेंगे
👉 बच्चा और ज्यादा आकर्षित होगा
👉 बेहतर तरीका:
calmly पूछें — “तुम्हें इस गाने में क्या अच्छा लगता है?”
2. 💬 खुलकर बातचीत करें
गाने के मैसेज पर चर्चा करें
उदाहरण:
“क्या ये सच में सही behavior है?”
“रियल लाइफ में ऐसा करने के क्या consequences हो सकते हैं?”
👉 इससे बच्चे में critical thinking विकसित होती है
3. ⚖️ सही-गलत का फर्क समझाएँ
“एंटरटेनमेंट” और “रियल लाइफ” अलग हैं
समझाएँ कि
👉 गाने में दिखाया गया attitude असली जीवन में नुकसानदेह हो सकता है
4. 🎯 Alternative कंटेंट दें
सिर्फ मना करने के बजाय
👉 अच्छे, positive या meaningful गाने भी suggest करें
🎓 Students/युवाओं के लिए सुझाव
1. 🧠 Content को blindly follow न करें
हर चीज जो “cool” लगे, वो सही नहीं होती
खुद से पूछें:
👉 “क्या मैं सच में ऐसा बनना चाहता हूँ?”
2. 🎭 Reel vs Real समझें
गाने में जो दिखता है
👉 वह अक्सर exaggerated (बढ़ा-चढ़ाकर) होता है
3. 👥 Peer pressure से बचें
“दोस्त सुन रहे हैं, तो मैं भी”
👉 यह सोच हमेशा सही नहीं होती
4. ⚖️ Balance बनाकर रखें
ऐसे गाने सुनना गलत नहीं
लेकिन
👉 केवल उसी तरह का कंटेंट consume करना गलत हो सकता है
🧾 Final Insight
👉 आज के समय में मासूम शर्मा जैसे कलाकारों के गाने
पूरी तरह रोकना संभव भी नहीं है और जरूरी भी नहीं
लेकिन
👉 समझदारी + जागरूकता = सही balance
🔑 एक लाइन में
👉 “गाना सुनो, लेकिन उसके असर को समझकर”

 

बहुत बढ़िया 👍 अब मैं आपको motivation और देशभक्ति वाले हरियाणवी गाने बता रहा हूँ, जो सुनने में भी अच्छे हैं और mindset भी positive बनाते हैं:
🇮🇳 देशभक्ति (Deshbhakti) गाने
🎶 1. Army – Sumit Goswami
क्यों सुनें?
फौजी जीवन और देशसेवा की भावना
युवाओं में देशभक्ति और सम्मान बढ़ाता है
🎶 2. Fauji Fojan – Raju Punjabi
क्यों सुनें?
सैनिकों और उनके परिवार की कहानी
emotional + patriotic touch
🎶 3. Border – KD
क्यों सुनें?
देश की सुरक्षा और सैनिकों की बहादुरी
powerful lyrics और energy
💪 Motivational गाने
🎶 4. Middle Class – Gulzaar Chhaniwala
क्यों सुनें?
मेहनत, संघर्ष और family values
relatable और inspiring
🎶 5. Desi Bill Gate – KD
क्यों सुनें?
success और ambition पर focus
“कुछ बड़ा करने” का motivation
🎶 6. Feelings – Sumit Goswami
क्यों सुनें?
life, emotions और personal growth
calm लेकिन impactful
🧠 Final Insight
👉 हरियाणवी म्यूजिक में हर तरह का content है:
❌ Badmashi / controversial
✅ Motivation / deshbhakti / culture
👉 चुनाव आपके हाथ में है कि आप
क्या सुनते हैं और क्या अपनाते हैं
🔑 एक छोटा सा मंत्र
👉 “Playlist बदलो, mindset बदल जाएगा”

बहुत बढ़िया 👍 आपकी रुचि को ध्यान में रखते हुए मैं एक balanced हरियाणवी playlist (12 गाने) बना रहा हूँ — जिसमें motivation, deshbhakti, fun और clean entertainment सब शामिल है:
🎧 🔥 Personal Haryanvi Playlist (Balanced)
🇮🇳 Deshbhakti (2 गाने)
Army – Sumit Goswami
Fauji Fojan – Raju Punjabi
💪 Motivation & Life (3 गाने)
Middle Class – Gulzaar Chhaniwala
Desi Bill Gate – KD
Feelings – Sumit Goswami
🎉 Fun & Clean Entertainment (4 गाने)
Solid Body – Ajay Hooda
Filter Shot – Gulzaar Chhaniwala
Yaar Tera Chetak Pe Chale – Raju Punjabi
Chhori Bindass – Masoom Sharma
❤️ Culture & Identity (3 गाने)
Desi Desi Na Bolya Kar – Raju Punjabi
Laad Piya Ke – Raju Punjabi
Tera Fan – Masoom Sharma
🧠 Playlist का Logic
🇮🇳 देशभक्ति → respect & inspiration
💪 motivation → growth mindset
🎉 fun → entertainment
❤️ culture → roots से जुड़ाव
👉 यानी पूरा balance 👍
🔑 Pro Tip
👉 रोज एक ही टाइप के गाने मत सुनो
👉 mood के हिसाब से category बदलो

 

ठीक है 👍 अब मैं आपके लिए दो अलग-अलग मूड की playlists बना रहा हूँ:
1️⃣ दमदार Beats / Energy 🔥
2️⃣ Sad / Romantic ❤️
🎧 🔥 High Energy / Beats Playlist
⚡ दमदार गाने
Feelings – Sumit Goswami
Desi Bill Gate – KD
Filter Shot – Gulzaar Chhaniwala
Solid Body – Ajay Hooda
Yaar Tera Chetak Pe Chale – Raju Punjabi
👉 कब सुनें?
Gym 💪
Driving 🚗
जब energy boost चाहिए
🎧 ❤️ Sad / Romantic Playlist
💔 इमोशनल + लव सॉन्ग्स
Feelings – Sumit Goswami
Laad Piya Ke – Raju Punjabi
Tera Fan – Masoom Sharma
Chhori Bindass – Masoom Sharma
Middle Class – Gulzaar Chhaniwala
👉 कब सुनें?
अकेले में 😌
रात में 🌙
जब emotional feel चाहिए
🧠 Final सुझाव
👉 Mood के हिसाब से गाने बदलना सबसे best तरीका है
🔥 Energy low → Beats playlist
❤️ Feeling mode → Romantic playlist

ठीक है 👍 अब मैं आपको 2025–2026 के ट्रेंडिंग हरियाणवी गानों की एक अपडेटेड लिस्ट दे रहा हूँ (जो reels, shorts और YouTube पर खूब चल रहे हैं):
🔥 🎧 Trending Haryanvi Songs (2025–2026)
⚡ Viral & Trending
Yadav Brand 2 – Elvish Yadav
👉 reels पर बहुत वायरल, identity-based song
System – KD
👉 attitude + beats = youth favourite
Bholenath – KD
👉 bhakti + rap mix, बहुत trend में
Roots – Amit Saini Rohtakiya
👉 culture + modern vibe
Thar – Gulzaar Chhaniwala
👉 car culture + swag
Jaat Anthem – Sumit Goswami
👉 identity-based, काफी वायरल
Badmashi – Masoom Sharma
👉 controversy + popularity
College Life – Amit Saini Rohtakiya
👉 youth relatable content
🧠 Trend समझिए (बहुत जरूरी)
👉 आजकल 3 चीजें सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रही हैं:
Identity (Jaat, Yadav, etc.)
Attitude / System / Badmashi
Short-form content (Reels)
⚖️ Important Insight
👉 जो गाने सबसे ज्यादा viral होते हैं
👉 वही अक्सर सबसे ज्यादा controversial भी होते हैं
🔑 Final Tip
👉 Trending ≠ हमेशा अच्छा
इसलिए
👉 mix रखें:
🔥 trending
💪 motivational
❤️ meaningful

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा पर चंडीगढ़ में FIR दर्ज, पंजाब यूनिवर्सिटी में गाया था बैन सॉन्ग “चंबल के डाकू”
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा पर चंड़ीगढ़ में एफआईआर दर्ज हो गई है. मासूम शर्मा ने पिछले दिनों बैन गाना “चंबल के डाकू” गाया था.
FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा पर चंडीगढ़ में FIR दर्ज (Masoom Sharma Social Media Account)

चंडीगढ़ : फेमस हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उन्होंने पिछले दिनों पंजाब यूनिवर्सिटी में लाइव कॉन्सर्ट के दौरान “चंबल के डाकू ” गाया था जिस पर सरकार ने बैन लगा रखा है.

मासूम शर्मा पर चंडीगढ़ में एफआईआर : मासूम शर्मा के खिलाफ चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. एफआईआर के मुताबिक सेक्टर-24 की पुलिस चौकी से ASI सुरेंद्र सिंह ने थाना-11 को शिकायत भेजी है जिसमें सिंगर मासूम शर्मा पर सरकारी आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है. पुलिस के मुताबिक 28 मार्च 2025 को सेक्टर 25 में लाइव कॉन्सर्ट हुआ जिसमें मासूम शर्मा ने ऐसे गाने गाए, जो कि हिंसा को बढ़ावा देने वाले थे.

चंबल के डाकू गाना गाया : शो से पहले मासूम शर्मा ने लिखित में आश्वासन दिया था कि वे शो में कोई बैन किए गए या विवादास्पद गाने नहीं गाएंगे लेकिन इसके बावजूद भी कार्यक्रम में चंबल के डाकू सॉन्ग की लाइनें गाई. ये वही गाना है जिस पर सरकार ने पहले से ही बैन लगा रखा है.

FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा (Masoom Sharma Social Media Account)
शो के दौरान स्टूडेंट का हुआ था मर्डर : शिकायत में आगे कहा गया है कि चंडीगढ़ के डीसी ने शो से पहले ऐसे गाने ना गाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे जो हिंसा, शराब, नशा या अपराध को बढ़ावा देते हो लेकिन फिर भी मासूम शर्मा ने ऐसा किया और निर्देशों की धज्जियां उड़ाई. वहीं मासूम शर्मा के शो के दौरान स्टूडेंट आदित्य ठाकुर का मर्डर भी हो गया था जिसमें पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था.

FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा (Masoom Sharma Social Media Account)
हाईकोर्ट भी पहुंचा था मामला : वहीं पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में इस मामले में एक याचिका भी डाली गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए चंड़ीगढ़ के डीसी, डीजीपी और पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस भी जारी किया गया था. इसके बाद मासूम शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. याचिका में आरोप लगाया गया था कि चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब यूनिवर्सिटी ने 2019 में कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना करते हुए इस कार्यक्रम को मंजूरी दी.

FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा (Masoom Sharma Social Media Account)
अब तक 30 गाने बैन कर चुकी सरकार : आपको बता दें कि हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने पंजाब यूनिवर्सिटी में लाइव शो में जो गाना ‘चंबल के डाकू’ गाया था,उस गाने के यूट्यूब पर 250 मिलियन से ज्यादा व्यूज़ थे.सरकार ने पिछले दिनों यह गाना बैन कर दिया था.हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार गन कल्चर को बढ़ावा देने को लेकर अब तक 30 गाने बैन कर चुकी है जिसमें मासूम शर्मा के कई गाने भी शामिल हैं.

FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा पर एफआईआर की कॉपी (Etv Bharat)
FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा पर एफआईआर की कॉपी (Etv Bharat)
FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा पर एफआईआर की कॉपी (Etv Bharat)
FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा पर एफआईआर की कॉपी (Etv Bharat)
FIR against Haryanvi singer Masoom Sharma in Chandigarh sang the banned song Chambal ke Daku in Panjab University
मासूम शर्मा पर एफआईआर की कॉपी

गाने बैन करने पर सिंगर मासूम शर्मा ने उठाई चार बातें…

1. भाभियों-बहुओं, अश्लीलता वाले गानों पर कार्रवाई क्यों नहीं

मासूम शर्मा ने एक वीडियो जारी कर कहा- मेरे गानों को तो बदमाशी का गाना बोलकर हटवाया जा रहा है। जबकि, कुछ कलाकार फोक बताकर अश्लीलता परोस रहे हैं। उन पर भी तो रोक लगे। भाभियों, बहुओं, लड़कियों पर जो कलाकार गाने बना रहे हैं, उनसे भी तो समाज पर दुष्प्रभाव पड़ता है। कितने ही डबल मीनिंग गाने चल रहे हैं।

जानबूझकर मेरे सबसे ज्यादा हिट गानों को ही बैन करवाया गया। मेरे तो और भी सैकड़ों गाने हैं, बेशक उन्हें भी हटा दिया जाए। मैं भजन गा लूंगाι

12:18.

LTE+

291

2. पंजाबी गाने भी बैन करे सरकार, पेट पर लात न मारे

अगर हरियाणवी गाने बैन कर देंगे तो यूथ पंजाबी गाने सुनेगा। सरकार को पंजाबी समेत दूसरे गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गाने भी बैन करने चाहिए। केवल हरियाणवी कलाकारों के पेट पर लात नहीं मारनी चाहिए।

3. सरकार में बैठे गंदे लोग गाने डिलीट करा रहे

सरकार में बैठे कुछ गंदे लोग मेरे कुछ गाने डिलीट करवाकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। CM और IAS अधिकारी को इतनी फुर्सत नहीं है कि वह एक-एक गाना छांटे।

4. क्या सरकार शूटिंग से जुड़े लोगों को रोजगार देगी

जब गाने की शूटिंग होती है तो 100 से ज्यादा लोगों को काम मिलता है। इन्हें प्रतिदिन 800 से 1000 रुपए का मेहनताना मिलता है। अगर उनका काम बंद हो गया तो क्या सरकार इन लोगों को रोजगार दे देगी? सरकार बिना भेदभाव काम करे तो मैं भी बदमाशी के गाने छोड़ भजन तक गाने लगूंगा।

सिंगर नरेंद्र भगाना और अंकित बालियान के भी

 

 

मासूम शर्मा ने सरकार में किस अफसर की बात की?

मासूम शर्मा ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया। हालांकि, मासूम शर्मा का 2018 का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक अन्य हरियाणवी सिंगर पर आरोप लगा रहे हैं। यह सिंगर अभी सरकार में महत्वपूर्ण पद पर है। यही वजह है कि मासूम ने पब्लिसिटी सेल के अधिकारी पर पर सवाल उठाए हैं।

मासूम की कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हुई गाने बैन करने के बीच मासूम शर्मा की एक कॉल रिकॉर्डिंग भी वायरल हुई है, जिसमें वह किसी दूसरे सिंगर से बात कर रहे हैं। इस दौरान दूसरा सिंगर इस बात को लेकर टेंशन में है कि कहीं उसके गाने भी बैन न कर दिए जाएं।

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