अयोध्या में फिरोज खान बना कृष्णा यादव, परिवार में सिर्फ बहन शबनम,वह भी सनातन प्रभावित
मुस्लिम युवक पहुंचा मंदिर, अपनाया सनातन धर्म, बन गया कृष्णा यादव
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मुस्लिम युवक ने मत परिवर्तन करते हुए सनातन धर्म अपना लिया है. कृष्णा यादव बने युवक का कहना था कि बहुत समय से ही उसकी सनातन धर्म के प्रति आस्था थी.
मुख्य बिंदू
पुरवा में किराए पर रहता है फिरोज खान.
युवक की सिर्फ एक बहन है.
मिठाई की दुकान पर करता है काम.
अयोध्या 29 जून 2025: उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक दिलचस्प खबर सामने आई है. यहां एक मुस्लिम युवक मंदिर पहुंचा और पूरी विधिपूर्वक सनातन धर्म को अपना लिया. अब यह युवक कृष्णा यादव बन चुका है. उसका कहना है कि उसने सनातन धर्म की खूबसूरती देख यह धर्म अपनाया है।
यह है मामला
युवक थाना कैंट क्षेत्र के करमअली का पुरवा में किराए पर रहता है. अयोध्या में ही एक मिठाई की दुकान पर काम करता है. उसके माता-पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है. उसकी बहन शबनम रायपुर रोड कोटसराय में रहती है. मुस्लिम से सनातनी बने कृष्णा यादव ने बताया कि उन्हें अपने मजहब से ज्यादा सनातन धर्म में दिलचस्पी थी. वह पिछले कुछ समय से सनातन धर्म की शिक्षा, परंपराएं और संस्कृति से गहराई से प्रभावित थे. मंदिरों में होने वाली आरती, पूजा-पाठ और धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या ने उनके मन में गहरी श्रद्धा उत्पन्न की. इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने सनातन धर्म को अपनाने का फैसला लिया.
क्या बोला फिरोज?
धार्मिक दीक्षा के समय भरतकुंड स्थित मंदिर के महंत परमात्मा दास तथा अन्य श्रद्धालु मौजूद थे. सभी ने कृष्णा यादव का धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया. इस अवसर पर उन्हें हनुमान चालीसा भेंट की गई और प्रसाद भी दिया.
महंत परमात्मा दास ने कहा कि धर्म किसी जाति या संप्रदाय का बंधन नहीं होता, बल्कि यह आत्मा की पुकार होती है. कृष्णा ने जिस श्रद्धा से सनातन धर्म को अपनाया है, वह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है. वहीं, कृष्णा ने कहा कि वह अब सनातन धर्म के अनुसार जीवन जीएंगे. वह नियमित रूप से मंदिर में पूजा-पाठ करेंगे.
कुछ लोग होते हैं,जिन्हें अपने पंथ से ज्यादा दूसरे धर्म में रुचि होती है और पनी मन मर्जी से धर्म परिवर्तन कर लेते हैं. ऐसा ही मामला यूपी के अयोध्या से सामने आया है. यहां एक मुस्लिम शख्स ने खुद अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया और कृष्णा यादव बन गया.
कोई भी सनातन धर्म में शामिल हो सकता है.
आखिर कृष्णा को यादव कैसे सरनेम मिला.
भारत समेत कई देशों में धर्मपरिवर्तन तेजी से जारी है. धर्मपरिवर्तन को लेकर देश में एक अलग ही खेल चल रहा है. खासकर गरीब परिवारों को धर्म परिवर्तन के लिए कहा जाता है और उसके बदले उन्हें पैसा और अन्य चीजें दी जाती हैं. मगर, कुछ लोग होते हैं, जो अपनी मन मर्जी से धर्म परिवर्तन करते हैं. ऐसा ही मामला यूपी के अयोध्या से सामने आया है. यहां एक मुस्लिम शख्स ने खुद अपनी मर्जी से सनातन धर्म अपनाया और कृष्णा यादव बन गया.
मुस्लिम जन बना कृष्णा यादव.
क्यों अपनाया सनातन धर्म?
अयोध्या के योगी राज भरत कुंड श्री भरत हनुमान मिलन मंदिर में एक मुस्लिम युवक ने सनातन धर्म अपनाया है. थाना पूरा कलंदर क्षेत्र के इस युवक का नाम अब कृष्णा यादव रखा गया है. मुस्लिम से हिंदू बने कृष्णा यादव ने बताया कि उन्हें अपने मजहब से ज्यादा सनातन धर्म में दिलचस्पी थी. वह पिछले कुछ समय से सनातन धर्म की शिक्षा, परंपराएं और संस्कृति से गहराई से प्रभावित थे. मंदिरों में होने वाली आरती, पूजा-पाठ और धार्मिक ग्रंथों की व्याख्या ने उनके मन में गहरी श्रद्धा उत्पन्न की. इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने सनातन धर्म को अपनाने का फैसला लिया.
कैसे अपनाए सनातन धर्म?
अगर कोई सनातन धर्म ग्रहण करना चाहता है, तो इसके लिए आधिकारिक तौर पर मंदिर में कोई सिस्टम नहीं है. इसके लिए मंदिर के पुजारी इच्छुक जन का शुद्धिकरण संस्कार करके उसे सनातनी बना सकते हैं. सांस्थानिक तौर पर विश्व हिंदू परिषद और आर्य समाज मंदिर सनातन आर्य धर्म ग्रहण करने को बेहतर हैं. कोई भी व्यक्ति विश्व हिंदू परिषद या आर्य समाज के मंदिर में जाकर सनातन धर्म स्वीकार करने की इच्छा जता सकता है. इसके लिए पूजा-पाठ का एक प्रोटोकॉल बनाया गया है. इसका पालन करने के बाद कोई भी सनातन धर्म में शामिल हो सकता है.
इसी पूजा पाठ के बाद फिरोज खान को कृष्णा यादव नाम मिला. हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण यादव वंश के थे. वे चंद्रवंशी क्षत्रियों के एक प्रमुख वंश, यदुवंश में जन्मे थे. कृष्ण के पिता वासुदेव और माता देवकी थे और उनका जन्म मथुरा में हुआ था.
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
ऐसा नहीं है कि पहली बार किसी मुस्लिम ने सनातन धर्म अपनाया है. इससे पहले अकबरपुर, जलालपुर तथा टांडा तहसील के तीन परिवारों से आठ लोगों ने मुस्लिम पंथ का स्वेच्छा से परित्याग कर सनातन धर्म अपनाया था. वहीं, गाजियाबाद की रहने वाली 22 वर्षीय मुस्लिम महिला निदा खान ने पति और ससुराल वालों के अत्याचार से परेशान होकर सनातन धर्म अपना लिया था. उनका नया नाम वेदिका सिसोदिया है.
इसके अलावा, बस्ती जिले में एक 34 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए सनातन धर्म अपनाया था. सनातन धर्म अपनाने के बाद सद्दाम ने अपना नाम बदलकर शिवशंकर रख लिया.

