राम मंदिर चोरी: अविनाश शुक्ल की मिली 24 घंटे की रिमांड,मिले थे सबसे ज्यादा 21 लाख

Ram Mandir donation box theft: Accused Avinash Shukla granted 24-hour remand.
राम मंदिर दानपेटिका चोरी: आरोपी अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की रिमांड मंजूर, उसी से मिला सबसे ज्यदाअी चोरी का माल

अयोध्या (उत्तरप्रदेश) 02 जुलाई 2026 : राम मंदिर दानपेटिका से चोरी मामले में आरोपित अविनाश शुक्ला को रिमांड पर लिया गया है। चोरी हुआ सबसे ज्यादा  धन अविनाश शुक्ला से ही मिला है।

राम मंदिर दानपेटिका से चोरी के चर्चित मामले में आरोपित विनाश शुक्ला की न्यायालय ने केवल  24 घंटे की पुलिस रिमांड मानी है। विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष त्रिपाठी ने 48 घंटे की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 24 घंटे की रिमांड दी।
पुलिस अब आआरोपिते  गहन पूछताछ कर चोरी  और पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाएगी। अब तक पकडे आठों आरोपितों में  सबसे अधिक माल अविनाश शुक्ला  से मिला है।

लवकुश मिश्रा के मकान पर बुलडोजर की तैयारी

राम मंदिर दान गबन के आरोपित लवकुश मिश्रा से जुड़े दो मंजिला मकान को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। प्राधिकरण ने निर्माण अनियमितता की आशंका पर नोटिस दिया है। विकास प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार मिश्रा के अनुसार प्रवर्तन टीमें नियमित क्षेत्र निरीक्षण करती हैं। कोई निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र अथवा स्वीकृत नक्शे के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार नोटिस जारी होता है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रिया मिश्रा(पत्नी लवकुश मिश्रा)  को भी नोटिस दिया है। प्रथमदृष्टया संबंधित पक्ष स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससै यह कार्रवाई हुई। सचिव ने कहा कि नोटिस का जवाब देने को नियमानुसार समय दिया गया है। जवाब मिलने पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई भी विधिक प्रावधानों के अनुरूप होगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला से लेकर टिन्नू तक पुलिस को किसके पास से क्या मिला?
जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है. एसआईटी अब पैसों के पूरे नेटवर्क, संपत्तियों और कथित गबन के तरीके की जांच कर रही है. जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ अन्य पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार नए अनावरण हो रहे हैं. अब इसमें सामने आए पुलिस अभिलेखों से पहली बार पता चला है कि पकडे गए आरोपितों में से सबसे बड़ी नकदी अविनाश शुक्ला से मिली है. इसके अलावा सात आरोपितों ने पूछताछ में कथित तौर पर माना कि मंदिर में चढ़ावा गिनते समय चोरी और गबन हुआ था. अभिलेखों में यह भी अंकित है कि पुलिस कार्रवाई से पहले मंदिर ट्रस्ट ने आरोपितों से कुछ रकम वापस भी ले ली थी.

मामले में अयोध्या पुलिस ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रमाकांत मिश्रा, करूणेश पांडेय, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष कुमार यादव समेत आठ लोग पकडे थे. सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

जांच में सबसे बड़ा अनावरण अविनाश शुक्ला पर हुआ है. पुलिस अभिलेखों के अनुसार, उसने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकारा कि चढ़ावे की रकम गिनते समय चोरी और गबन किया था. उसकी पहचान पर ट्रस्ट की मौजूदगी में 20 लाख 39 हजार 220 रुपये, 1,121 अमेरिकी डॉलर, चांदी जैसी धातु की वस्तु, दो सोने की चेन और एक अंगूठी मिली. अब तक की जांच में यह सबसे बड़ी बरामदगी बताते हैं.

पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपितों से मिली नकदी
  • अविनाश शुक्ला – ₹20,39,220 नकद | 1,121 अमेरिकी डॉलर | 2 सोने की चेन | 1 अंगूठी | चांदी जैसी धातु की वस्तु
  • करूणेश पांडेय – ₹18,07,063
  • अनुकल्प मिश्रा – ₹16,82,040
  • लवकुश मिश्रा – ₹14,25,000
  • रमाकांत मिश्रा – ₹7,32,170
  • मनीष कुमार यादव – ₹2,00,000
  • राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू – ₹1,00,000
आरोपितों ने पूछताछ में चोरी और गबन की बात स्वीकारी

दूसरे आरोपित अनुकल्प मिश्रा पर भी पुलिस अभिलेखों में दावा है कि उसने पूछताछ में चोरी और गबन की बात मानी. उसकी निशानदेही पर 16 लाख 82 हजार 40 रुपये मिले. लवकुश मिश्रा से 14 लाख 25 हजार रुपये , जबकि रमाकांत मिश्रा से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये मिले. करूणेश पांडेय के पास से 18 लाख 7 हजार 63 रुपये मिलने का उल्लेख अभिलेख में है. वहीं मनीष कुमार यादव के पास से 2 लाख रुपये और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से 1 लाख रुपये बरामद किए गए.

सूत्रों के अनुसार, जांच में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अविनाश शुक्ला की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है. एसआईटी अब पैसों के पूरे नेटवर्क, संपत्तियों और कथित गबन के तरीके की जांच कर रही है. जांच के दायरे में मंदिर से जुड़े कुछ अन्य पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि एसआईटी अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई के बाद सौंप सकती है. इस रिपोर्ट के आधार पर कुछ और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है जिससे पूरी तस्वीर सामने आएगी.

पहले पानी बेचता था अविनाश, फिर राम मंदिर में मिली नौकरी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपित अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित ठिकाने की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। कौशलपुरी स्थित श्याम साधनालय योग केंद्र में पुलिस कार्रवाई के बाद योग केंद्र के योगाचार्य सीमा तिवारी और सेवादार सुंदरलाल ने अपने-अपने स्तर पर कई दावे किए।

योगाचार्य सीमा तिवारी ने बताया कि अविनाश का भाई अभिषेक पिछले दस वर्षों से योग केंद्र से जुड़ा हुआ है। डेढ़ वर्ष पहले वह अविनाश को यहां लेकर आया था। अभिषेक एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है और राम मंदिर से जुड़े लोगों के संपर्क में भी रहा है। योग केंद्र के लोग भी पहले से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से जुड़े रहे हैं। अभिषेक का भी वहां आना-जाना था। उनका यह भी कहना था कि संभव है कि उसी संपर्क के आधार पर अविनाश को राम मंदिर में गणना कार्य की नौकरी मिली हो। 5 जून को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलने पर केंद्र की छवि खराब होने की आशंका से अभिषेक को कमरे से हटा दिया गया। यदि अविनाश दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शी सेवादार सुंदरलाल ने बताया कि अभिषेक अमरगंज, मिल्कीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है और डेढ़ वर्ष पहले वह अपने भाई अविनाश को योग केंद्र लेकर आया था। उनके अनुसार, राम मंदिर में नौकरी से पहले अविनाश हनुमान गुफा के पास पानी बेचता था। मार्च 2025 से वह राम मंदिर में गणना कार्य से जुड़ा था।
ट्रैक्टर और जमीन लेने की जता रहा था इच्छा
सुंदरलाल ने दावा किया कि 5 जून को चार पुलिसकर्मी और ट्रस्ट के कुछ अन्य लोग अविनाश को कमरे में लेकर पहुंचे। चाबी से बक्सा खुलवाकर उससे दो बैग निकाले और बाद में उन्हें बाहर कर दिया गया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि अविनाश  से लगभग 20 लाख रुपये मिले हैं। 14–15 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाले व्यक्ति से इतनी बड़ी राशि कैसे मिली? अविनाश ने हाल ही में मोबाइल खरीदा था और ट्रैक्टर लेने को था, जबकि उसका भाई अभिषेक जमीन खरीदने की बात करता था। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामला जांच रही है।

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