ध्वनिमत से 1.11 लाख करोड़ का बजट पारित, सत्र पांचवें दिन अनिश्चितकाल को स्थगित, 41 घंटे चला सत्र
Uttarakhand Budget Session 2026 in Gairsain Dhami Government Budget Passed House Adjourned
शुक्रवार को सदन में बजट पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष ने बजट को विकसित उत्तराखंड 2047 के संकल्प और सभी वर्गों को पूरा करने वाला बताया। वहीं, विपक्ष ने इसे निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें जनता के लिए कुछ नहीं है।
भराड़ीसैंण(चमोली) 14 मार्च 2026। गैरसैंण में विधानसभा सत्र पांचवे दिन देर रात 12:30 बजे तक चला। इस बीच धामी सरकार ने एक लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पारित किया। इसके बाद सत्र अनिश्चितकाल को स्थगित कर दिया गया।
14 मार्च 2026 को उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने बजट सत्र को अनिश्चितकाल को स्थगित कर दिया। पांच दिवसीय इस सत्र में 41 घंटे 10 मिनट की कार्यवाही के बाद 2026-27 के लिए ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पारित किया गया। सत्र में 12 विधेयक भी पास हुए ।
सत्र 9 मार्च से शुरू होकर 14 मार्च 2026 तक चला।
बजट: ₹1 लाख 11 हजार करोड़ का बजट पारित।
विधेयक: 12 विधेयक पारित हुए।
विशेषता: सत्र में 595 सवाल पूछे गए, जिनमें से 291 सवालों के जवाब सरकार ने दिए।
सत्र कार्यवाही भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में संपन्न हुई।
रिकॉर्ड: इस सत्र की कार्यवाही ने पहले के कई रिकॉर्ड तोड़े, जिसमें 41 घंटे 10 मिनट तक सुचारू रूप से सदन चला।
मुख्यमंत्री धामी विधानसभा सत्र के पहले दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 को 111703.21 करोड़ रुपये का बजट लाये । वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट आकार में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि है। बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर व विकसित उत्तराखंड का संकल्प पूरा करने को ज्ञान व संतुलन का मंत्र दिया। यह पहला अवसर है जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में वित्तमंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट लाये ।
सरकार को नए वित्तीय वर्ष में 111703.21 करोड़ का राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। इसमें 67525.77 करोड़ राजस्व प्राप्तियों व 42617.35 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियों का योगदान रहेगा। कर मुक्त बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। वहीं, 12579.70 करोड़ राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है।
पांच दिन चले सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस, बड़े बजट की घोषणा, कई विधेयकों का पारण और कुछ विवादित बयान भी चर्चा के केंद्र में रहे।
राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र शुभारंभ: बजट सत्र का प्रारंभ 9 मार्च को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुआ. अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकारी उपलब्धियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए “विकसित उत्तराखंड” लक्ष्य दोहराया. सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित सभी विधायक रहे.
1.11 लाख करोड़ से अधिक का बजट पारण: इस सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट रहा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला बजट लाये जिसका आकार 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत से अधिक बड़ा बजट है. सदन में चर्चा के बाद बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. बाद में सत्र अनिश्चितकाल को स्थगित हो गया.
विधायी कार्यवाही भी रही महत्वपूर्ण: पांच दिनी इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी काम भी हुए. विधानसभा में कुल 12 विधेयक स्वीकार हुए. चार अध्यादेश भी स्वीकृत हुए. इसके अलावा विधायकों ने बड़ी संख्या में प्रश्न पूछे. जिनमें से सैकड़ों सवालों के जवाब सरकार ने दिए. सत्र में राज्य के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा और मौलिक ढांचा पर व्यापक चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री का आक्रामक रुप: राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आक्रामक राजनीतिक रुख दिखा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मुख्य सेवक की 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं. बाकी पर तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर उतारती भी है.
सवाल-जवाब और जनहित विषय: सत्र में प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण विषय उठे. विधायकों ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछे. कौशल विकास और वैश्विक रोजगार योजना को लेकर भी सदन में चर्चा हुई. जिसमें युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की बात सामने आई.
बयान और विवाद भी चर्चा का विषय: बजट सत्र में कुछ बयान भी राजनीतिक बहस का कारण बने. पर्यटन मंत्री के एक बयान को लेकर सदन में विपक्ष ने विरोध किया. इसे लेकर काफी हंगामा भी दिखा. इससे सत्र में राजनीतिक वातावरण गरमाया रहा. इसके अलावा कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन और संसदीय कार्यमंत्री के बीच कुपोषण मामला भी सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग रहा. आख़िरी दिन चकराता क्षेत्र में राजनीतिक गढ़ के दो नेता प्रीतम सिंह और मुन्ना चौहान में भी खूब तीखी बहस दिखी.
बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं: सत्र में सरकार ने कई योजनाओं और घोषणाओं की जानकारी भी दी. मुख्यमंत्री ने खेल और युवाओं को बढ़ावा देने को हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाने की योजना की जानकारी दी. इसके अलावा महिलाओं के कल्याण और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी सरकार ने जोर दिया.
लंबे समय तक चली कार्यवाही: बजट सत्र समय के लिहाज से भी खास रहा. सदन की कार्यवाही कई घंटों चली. कुल मिलाकर 41 घंटे से अधिक समय तक विधानसभा में चर्चा और विधायी कार्य हुआ. इसे हाल के वर्षों में सबसे सक्रिय सत्रों में से एक माना जा रहा है.
सड़क पर प्रदर्शन: भराड़ीसैंण में 9 से 13 मार्च तक बजट सत्र आयिजत किया गया. जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने हिस्सा लिया. वहीं, बाकी विपक्षी दलों ने सड़क पर मोर्चा खोला. पहले दिन यूकेडी ने जोरदार प्रदर्शन किया. इसके बाद अगले दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला. इसके बाद के दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहे.
महत्वपूर्ण रहा सत्र : कुल मिलाकर गैरसैंण में उत्तराखंड विधानसभा का यह बजट सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा. एक तरफ जहां सरकार ने बड़ा बजट पेश कर विकास और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का रोडमैप रखने की कोशिश की, वहीं विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया.
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