नारायण दत्त तिवारी सरकार गठन के सालभर बाद ही राजस्व मंत्री हरक सिंह रावत पर असमी महिला इंदिरा देवराऊ उर्फ जैनी ने आरोप लगाया कि हरक सिंह रावत ने उसे देहरादून अपने घर काम दिलाने रखा और उससे बलात्कार किया। वह उनके बच्चे की मां बनी। इससे उत्तराखण्ड की राजनीति में तूफान आ गया। विपक्ष ने इसका भरपूर फायदा उठा जमकर तिवारी सरकार की घेराबंदी की। मजबूरन हरक सिंह रावत को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। सीबीआई जांच में हरक सिंह रावत को क्लीन चिट मिली। सेक्स स्कैंडल से वर्ष 2007 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता खो दी। लेकिन डीएनए टेस्ट में क्लीन चिट, सिम्पैथी और अटेंशन पा हरक सिंह रावत चुनाव जीत गये। 2013 में फिर हरक सिंह रावत आरोपों से घिरे और उनकी जमकर थू-थू हुई। हरक सिंह पर शारीरिक शोषण का आरोप लगा।