विधान परिषद चुनाव में NDA भारी, 28 में जीती16,उप्र में सपा ने चौकाया,नागपुर में कांग्रेस अडिग
MLC Election Results NDA triumphs in 16 seats BJP secures six seats in Uttar Pradesh
विधान परिषद चुनाव: एनडीए का 16 सीटों पर जीत, उत्तर प्रदेश में भाजपा को छह
देहरादून 29 अक्टूबर 2026। देश के चार राज्यों, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए ने 16 सीटें जीती हैं। अकेले भाजपा को इनमें 13 सीटें मिली । उसकी सहयोगी जदयू, जदएस और शिवसेना (शिंदे) को एक-एक सीट मिली है। नागपुर में कांग्रेस जीती है। सपा ने उत्तर प्रदेश में अपनी सीटों में दो बढाकर चौका दिया है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा को छह सीटें,सपा को पांच
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में से भाजपा को छह व समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिलीं। उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में से छह पहले भी भाजपा जबकि तीन सपा व दो निर्दलीय के पास थी। कांग्रेस को उसके शासन वाले कर्नाटक में विपक्षी भाजपा और जद-एस गठबंधन ने चारों सीटों पर हरा दिया।
बिहार की 8 सीटों में भाजपा ने तीन जबकि सहयोगी जदयू ने एक सीट जीती। दो सीटें निर्दलीय, एक-एक सीट राजद और जनसुराज को मिली। बिहार की 8 सीटों में पहले भाजपा के पास तीन, जदयू की एक, कांग्रेस की एक, निर्दलीय दो व भाकपा के पास एक सीट थी। महाराष्ट्र की पांच सीटों में से भाजपा को एक, राकांपा (शरद) को दो और शिवसेना (शिंदे) को एक सीट मिली है।
उत्तर प्रदेश की लखनऊ शिक्षक सीट भाजपा के उमेश द्विवेदी ने जीती जबकि स्नातक सीट सपा की कांति सिंह ने जीती। मेरठ शिक्षक सीट भाजपा के श्रीचंद शर्मा व स्नातक सीट भाजपा के दिनेश गोयल ने जीती।
बरेली शिक्षक सीट भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों जबकि गोरखपुर शिक्षक सीट भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी ने जीती।
वाराणसी शिक्षक सीट सपा के लाल बिहारी यादव ने जीती, स्नातक पर सपा के आशुतोष सिन्हा जीते।
आगरा शिक्षक सीट सपा के आकाश अग्रवाल व स्नातक सीट भाजपा के मानवेंद्र सिंह ने जीती।
इलाहाबाद स्नातक सीट पर सपा के मानसिंह यादव ने भाजपा के अशोक राठौर को हराया।
: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर कहां कौन जीता- पूरी सूची
उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली है। इसमें भाजपा ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि समाजवादी पार्टी 5 सीटों पर अपनी जीत दर्ज करने में सफल रही है। इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था
उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी 6 सीटें जीती हैं
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे अब पूरी तरह साफ हो चुके हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीधी टक्कर दिखी। इसमें भाजपा ने 6 सीटें जीती है जबकि समाजवादी पार्टी 5 सीटें जीतने में सफल रही है। इन 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मंगलवार से मतों की गिनती शुरू हुई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए विधान परिषद चुनाव दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई मानी जा रही थी।
विधान परिषद की इन 11 सीटों में से 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे:-
भारतीय जनता पार्टी विजेता सूची
आगरा स्नातक क्षेत्र: भाजपा के डॉक्टर मानवेंद्र प्रताप सिंह ने सीट जीती।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी डॉक्टर हरि सिंह ढिल्लों ने जीती।
लखनऊ शिक्षक क्षेत्र: भाजपा के उमेश द्विवेदी यह सीट पर लगातार तीसरी बार जीते।
मेरठ-सहारनपुर शिक्षक क्षेत्र: भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने जीत पाई।
मेरठ-सहारनपुर स्नातक क्षेत्र: भाजपा उम्मीदवार दिनेश कुमार गोयल चुनाव जीता।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी जीते।
समाजवादी पार्टी की विजेता सूची
इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र: समाजवादी पार्टी के डॉक्टर मान सिंह यादव जीते।
वाराणसी शिक्षक क्षेत्र: सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव जीते।
आगरा-अलीगढ़ शिक्षक क्षेत्र: सपा प्रत्याशी डॉक्टर आकाश अग्रवाल जीते।
लखनऊ स्नातक क्षेत्र: सपा प्रत्याशी कांति सिंह जीते । कांति सिंह को 51,168 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी को 36,313 वोट मिले।
वाराणसी स्नातक क्षेत्र: सपा के आशुतोष सिन्हा ने 50,462 वोट ले जीते। भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह (33,478 वोट) प्रथम वरीयता वोट मिले।
इन चुनावों से पहले 11 सीटों के राजनीतिक समीकरण की बात करें तो भाजपा के पास 6 सीटें (आगरा, मेरठ-सहारनपुर और लखनऊ स्नातक सीट और बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ और मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट) थीं। वहीं समाजवादी पार्टी के पास 3 सीटें (वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट तथा वाराणसी शिक्षक सीट) थीं। बाकी बची 2 सीटों (आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र) पर निर्दलीयथे।। चुनाव में सपा ने अपनी पुरानी सीटें बचाए रखने के साथ-साथ लखनऊ स्नातक और आगरा शिक्षक सीटें जीत कर अपनी सीटें बढा ली।
Nagpur MLC Seat: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एम.एल.सी. अभिजीत वंजारी ने नागपुर संभाग की स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट जीत ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र में अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से हराया। वंजारी को 67,231 वोट मिले। भाजपा के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को 63,960 वोट मिले।
भाजपा को क्यों झटका है?
भाजपा को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। दोनों नेताओं ने कोहले के लिए व्यापक प्रचार किया था। यहीं पर आरएसएस का मुख्यालय भी है।
गडकरी कर चुके हैं इस सीट का प्रतिनिधित्व
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पहली वरीयता के मतों के आधार पर मतगणना के दूसरे दौर के बाद कोहले को 60,924 वोट मिले थे। जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट मिले थे। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा नहीं मिला तो दूसरी वरीयता के मत गिने गये।
गडकरी जुलाई 1990 से मई 2014 तक 24 वर्षों तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे थे। पिछले चुनाव में वंजारी ने BJP उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था। यह एरिया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गढ़ माना जाता है।
अभिजीत वंजारी ने जीत के बाद क्या कहा?
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा कि हमारी पार्टी, महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेता और कार्यकर्ता अखंड थे। सारे संगठन मेरे साथ में थे। 48 संगठन मेरे साथ है और उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं का यह विजय है।”
कौन हैं अभिजीत वंजारी?
अभिजीत वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, वकील, शिक्षाविद और दो बार से महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं। वह नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी (MLC) हैं। जानिए उनके बारे में बड़ी बातें:-
जन्म: 10 मई 1973 को नागपुर में हुआ।
पारिवारिक विरासत: उनके पिता स्व. गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नागपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक (MLA) रह चुके थे।
शिक्षा और पेशा: उन्होंने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से B.A. LLB (कानून की डिग्री) प्राप्त की है। वह एक पेशेवर वकील (Advocate) होने के साथ-साथ शिक्षाविद भी हैं
राजनीतिक सफरछात्र एवं युवा राजनीति: उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI से की।
वह 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र NSUI के प्रदेश महासचिव रहे और बाद में महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव भी रहे।


